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नॉर्वे चेस डेब्यू में दिव्या देशमुख का कमाल, वर्ल्ड चैंपियन को हराया

19 साल की दिव्या ने पिछले साल जॉर्जिया के बातुमी में महिला वर्ल्ड कप जीता था. वर्ल्ड कप जीत के साथ उन्होंने ग्रैंडमास्टर (GM) का टाइटल भी हासिल किया और महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई किया.

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26 मई 2026 (पब्लिश्ड: 05:50 PM IST)
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दिव्या देशमुख पहली बार नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हैं. (Photo-PTI)
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नॉर्वे चेस टूर्नामेंट के पहले ही दिन बड़ा उलटफेर देखने को मिला. भारत की युवा स्टार दिव्या देशमुख ने वर्ल्ड चैंपियन जो वेंजुन को पहले ही राउंड में हरा दिया. 19 साल की दिव्या पहली बार इस टूर्नामेंट में खेल रही हैं. पिछले साल इस टूर्नामेंट के महिला कैटेगरी में भारतीय ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी और आर वैशाली ने हिस्सा लिया था. 

दिव्या देशमुख ने टाईब्रेकर में जीता मैच

पहले ही मैच में इस जीत ने दिव्या का आत्मविश्वास काफी बढ़ा दिया है. क्लासिकल फॉर्मेट में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट में दिव्या काले पीसेज़ से खेल रही थीं. दिव्या के लिए यह मैच जीतना आसान नहीं  था. वह काफी प्रेशर में थीं. क्लासिकल फॉर्मेट में दिव्या मुश्किल स्थिति में थी. हालांकि उन्होंने यहां से निकलकर मैच को ड्रा पर खत्म किया. इसके बाद फैसला आर्मागेडन टाईब्रेकर से हुआ. यहां दिव्या ने बाजी मारी, और मैच अपने नाम किया. 

आपको बता दें कि 19 साल की इस खिलाड़ी ने पिछले साल जॉर्जिया के बातुमी में महिला विश्व कप जीता था. वर्ल्ड कप जीत के साथ उन्होंने ग्रैंडमास्टर (GM) का टाइटल भी हासिल किया और महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई किया.

कोनेरू हंपी हारीं

दूसरी ओर भारत की नंबर वन खिलाड़ी कोनेरू हंपी को उलटफेर का शिकार होना पड़ा. पहले राउंड में उनका सामना कजाकिस्तान की बिबिसारा असूबायेवा से था. सफेद पीसेस से खेलते हुए उन्होंने अच्छी पकड़ बना ली थी. लेकिन मैच के आखिर में उन्होंने एक बड़ा ब्लंडर किया, जिस कारण वो जीत नहीं पाईं.

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प्रज्ञानंदा और गुकेश को भी मिली जीत

प्रज्ञानंदा और वेस्ली सो ने एक बैलेंस्ड क्लासिकल गेम खेला जो ड्रॉ पर खत्म हुआ. इसके बाद आर्मागेडन टाई-ब्रेक में प्रज्ञानंदा ने तेज और आक्रामक खेल दिखाया. उन्होंने निर्णायक गेम अपने नाम कर लिया. 

गुकेश का सामना जर्मनी के विंसेंट कीमर से हुआ. आखिरी समय में विंसेंट ने बढ़त बना ली थी और जीत के काफी करीब दिख रहे थे. लेकिन गुकेश ने संयम नहीं खोया. मजबूत डिफेंस दिखाते हुए उन्होंने हार टाल दी और मुकाबले को ड्रॉ कराने में सफल रहे. इसके बाद आर्मागेडन टाई-ब्रेक में उन्होंने बाजी पलटते हुए शानदार जीत दर्ज की.

नॉर्वे चेस महिला प्रतियोगिता का आयोजन मुख्य टूर्नामेंट के साथ ही होता है. ये ओपन इवेंट की तरह ही होता है. फॉर्मेट, खिलाड़ियों की संख्या, खेलने की कंडिशंस और इनामी राशि ओपन इवेंट जैसी होती है. यह प्रोफेशनल चेस में जेंडर समानता का एक मानक है.

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