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  • 'Nine months later, they came back to the very guy they threw out' Ravi Shastri on his return as Team India head coach in 2017

टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने क्या बम फोड़ दिया?

बिना नाम लिए साधा निशाना.

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10 दिसंबर 2021 (अपडेटेड: 10 दिसंबर 2021, 01:38 PM IST)
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रवि शास्त्री और विराट कोहली ( फोटो क्रेडिट : AP / PTI)
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रवि शास्त्री. टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच. अपने कार्यकाल से पहले और उसके बाद भी चर्चा में बने ही रहते हैं. शास्त्री के हाल में चर्चित होने के तार जुड़े हैं उनके एक हालिया इंटरव्यू से. शास्त्री ने इस इंटरव्यू में अपने कोचिंग कार्यकाल को लेकर खूब सारी बातें की है. रवि शास्त्री ने किसी का नाम ना लेते हुए कहा कि कुछ लोग नहीं चाहते थे कि वह दोबारा टीम इंडिया के हेड कोच बनें. और इसके लिए उन लोगों ने पूरी कोशिश भी की थी. बता दें कि शास्त्री साल 2017 में दोबारा टीम इंडिया के हेड कोच बने थे. इससे पहले अगस्त 2014 में रवि शास्त्री (Ravi Shastri) को पहली बार टीम डायरेक्टर बनाया गया था. तब टेस्ट टीम की कप्तानी विराट कोहली कर रहे थे. और लिमिटेड ओवर फॉर्मेट की कप्तानी एमएस धोनी. 2016 में शास्त्री का कार्यकाल खत्म हुआ. शास्त्री की कोचिंग के दौरान टीम इंडिया टेस्ट में नंबर वन टीम बनी. 2015 विश्वकप और 2016 T20 विश्वकप में टीम इंडिया ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया. साथ ही कई द्विपक्षीय सीरीज भी जीती. टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए रवि शास्त्री ने कहा,
'जिस तरह से मुझे टीम से निकाला गया, बहुत दुख हुआ. ये तरीका सही नहीं था. मुझे हटाने के और भी कई बेहतर तरीके हो सकते थे. जब मैं टीम छोड़कर गया था तो टीम काफी अच्छी स्थिति में थी.'
बता दें कि रवि शास्त्री के जाने के बाद अनिल कुंबले को टीम इंडिया का हेड कोच बनाया गया था. लेकिन विराट कोहली से विवाद के बाद कुंबले ने इस्तीफा दे दिया. ये 2017 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद की बात है. इसके बाद वापस रवि शास्त्री को टीम इंडिया में लाया गया. इस पर शास्त्री ने कहा,
'दूसरे कार्यकाल के दौरान मैं काफी विवादों के बाद आया था. कुछ लोग मुझे दोबारा कोच बनते हुए नहीं देखना चाहते थे. लेकिन मेरा वापस आना उन लोगों के चेहरे पर अंडे पड़ना जैसा था. उन्होंने मेरे बाद किसी और को चुना. फिर 9 महीने बाद, वे उसी आदमी के पास वापस आ गए जिसे उन्होंने बाहर फेंक दिया था. इतना ही नहीं, BCCI में कुछ लोग भरत अरुण को भी बतौर गेंदबाजी कोच नहीं देखना चाहते थे. बाद में भरत सबसे शानदार गेंदबाजी कोच बने. वो कोचिंग देने वालों को कोचिंग देते हैं. मैं किसी एक इंसान पर उंगली नहीं उठा रहा हूं. किसी का नाम नहीं ले रहा हूं, लेकिन इतना तो तय है कि कुछ लोग पूरी कोशिश में जुटे थे कि मैं कोच न बन सकूं.'
बताते चलें कि रवि शास्त्री के दूसरे कोचिंग कार्यकाल में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ में सीरीज जीती. ऑस्ट्रेलिया में लगातार दो बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी, लिमिटेड ओवर सीरीज. जबकि न्यूज़ीलैंड और साउथ अफ्रीका में टीम इंडिया ने वनडे और T20I सीरीज अपने नाम की. इंग्लैंड में भारत ने T20I सीरीज जीती. हालांकि टीम उनके अंडर कोई ICC टूर्नामेंट नहीं जीत सकी. 2019 विश्वकप के सेमीफाइनल में टीम इंडिया को न्यूज़ीलैंड के हाथों हार मिली. इसके बाद भारत को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ ICC विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भी हार का सामना करना पड़ा. जबकि T20 विश्वकप 2021 में टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई.

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