नीरज चोपड़ा के साथ भी चाइना ने की बेईमान, बड़ा एक्शन लेगा भारत!
Asian Games में लगातार बेईमानी कर रहा है चाइना.

Asian Games 2023 में बवाल जारी है. चाइना वाले लगातार ऐसे फ़ैसले कर रहे हैं कि एथलीट्स से विरोध किए बिना रहा नहीं जा रहा. ज्योति याराजी के बाद अब नीरज चोपड़ा और किशोर कुमार जेना के इवेंट में भी विवादित फैसले लिए गए. बुधवार, 4 अक्टूबर को हुए जैवलिन थ्रो इवेंट में नीरज ने गोल्ड जबकि जेना ने सिल्वर मेडल जीता.
इस इवेंट में ओलंपिक्स और वर्ल्ड चैंपियन नीरज को अपना पहला ही थ्रो दोबारा से लेना पड़ा. बताया गया कि टेक्निकल फ़ेल्यॉर के चलते उनका पहला थ्रो रिकॉर्ड नहीं हो पाया. देखने से लग रहा था कि नीरज का ये थ्रो 87 मीटर या उससे भी दूर जाकर गिरा था. लेकिन ऑफ़िशल्स ने इसे रिकॉर्ड ही नहीं किया. नीरज काफ़ी देर तक वहां ऑफ़िशल्स से बहस करते दिखे. बताया गया कि स्कोरिंग सिस्टम में टेक्निकल फ़ेल्यॉर के चलते नीरज के थ्रो की दूरी रिकॉर्ड नहीं हो पाई.
# China Cheating Asian Games 2023इन सबके बीच कुवैत के एथलीट ने अपना थ्रो भी कर डाला. और फिर इवेंट लगभग 20 मिनट तक रुका रहा. जिसके बाद तय हुआ कि नीरज अपना पहला थ्रो दोबारा से करेंगे. नीरज ने बिना किसी बवाल के, ये थ्रो दोबारा से कर दिया. इस बार उनका भाला 82.38 मीटर दूर गया.
चाइना वालों की बेईमानी यहीं नहीं रुकी. इवेंट में भाग ले रहे दूसरे थ्रोअर किशोर जेना के साथ भी गड़बड़ हुई. ऑफ़िशल्स ने उनका दूसरा प्रयास डिस्क्वॉलिफ़ाई करार दे दिया. जबकि उनका अगला पैर लाइन के क़रीब भी नहीं था. नीरज तुरंत इस मामले में आए और किशोर से अपील करने को कहा. किशोर की अपील के बाद कुछ रीप्लेज़ देखे गए और फैसला पलटा गया. किशोर का ये थ्रो 79.76 मीटर का था.
यह भी पढ़ें: वर्ल्ड कप के महारथी- वो साउथ अफ्रीकन, जिसने चोकर्स टैग हटाने की पुरज़ोर कोशिश की!
रीप्लेज़ में ये भी दिखा कि चाइनीज़ ऑफ़िशल ने लाल झंडा दिखाते वक्त किशोर की ओर देखा भी नहीं था. एथलेटिक्स फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया की वाइस-प्रेसिडेंट अंजू बॉबी जॉर्ज ने इस मसले पर स्पोर्ट स्टार से कहा,
'मुझे लगता है कि यह सोचा-समझा था. वह बेईमानी की कोशिश कर रहे हैं. एक-दो तो ठीक है, लेकिन हमारे साथ यह लगातार हो रहा है. हम सारे ऑफ़िशल्स के खिलाफ़ शिकायत करने जा रहे हैं.'
बता दें कि इन फैसलों का भारत पर कोई असर नहीं पड़ा. नीरज और किशोर ने गोल्ड और सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिए. नीरज ने 88.88 मीटर के साथ लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता. जबकि किशोर ने 87.54 मीटर का अपना पर्सनल बेस्ट थ्रो करते हुए सिल्वर मेडल जीता.
लेकिन ज्योति के मामले में चीजें अलग थीं. चाइनीज़ ऑफ़िशल्स ने उन्हें फ़ॉल्स स्टार्ट का आरोपी बना दिया था. ज्योति को फ़ाल्स स्टार्ट के लिए डिस्क्वॉलिफ़ाई कर दिया गया. लेकिन फिर उन्हें दौड़ने की इज़ाज़त मिली. 100 मीटर हर्डल्स में ज्योति ने तीसरे नंबर पर फ़िनिश किया. लेकिन रेस खत्म होने के आधे घंटे बाद उन्हें निर्दोष पाया गया. और उनके ब्रॉन्ज़ मेडल को सिल्वर मेडल में बदल दिया गया.
चाइना की यान्नी वु को मिला सिल्वर मेडल, ज्योति को दिया गया. जबकि असल में फ़ॉल्स स्टार्ट करने वाली वु को डिस्क्वॉलिफ़ाई कर दिया गया. वु ने बंदूक की आवाज़ से पहले रेस शुरू कर दी थी और उनके बाद ज्योति ने भी यही किया. शुरू में दोनों ही एथलीट्स को डिस्क्वॉलिफ़ाई करार दिया गया. और तय हुआ कि रेस के बाद देखेंगे कि कौन दोषी है. रेस के बाद वु दोषी पाई गईं.

