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धोनी ने बताया जब भी कोई कैच छोड़ता है तो वो क्या करते हैं?

क्या सच में एमएस धोनी को गुस्सा नहीं आता.

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23 सितंबर 2022 (अपडेटेड: 23 सितंबर 2022, 05:48 PM IST)
MS Dhoni. File Photo
एमएस धोनी. फोटो: File Photo
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पूर्व भारतीय क्रिकेटर महेन्द्र सिंह धोनी ने मैदान पर अपने शांतचित स्वभाव पर बात की है. धोनी ने कहा है कि वो हमेशा अपने इमोशन्स पर काबू रखना चाहते हैं, क्योंकि दिन के आखिर में वह भी एक इंसान ही हैं. LivFast के एक कार्यक्रम के दौरान फैन्स से बात करते हुए धोनी ने उनसे सवाल भी पूछा. धोनी ने पूछा, 'आप में से कितने लोगों को लगता है कि आपके बॉस बेहद शांत हैं?' इसके जवाब में कुछ लोगों ने अपने हाथ ऊपर उठाए. धोनी ने तुरंत जवाब दिया, 'या तो वो गुड बुक्स में रहना चाहते हैं, या फिर वो खुद ही सबसे बड़े बॉस हैं.'

इस बातचीत में एमएस धोनी कहा,

'ईमानदारी से कहूं तो जब हम मैदान पर होते हैं तो हम कोई गलती नहीं करना चाहते, फिर चाहे वह मिस फील्डिंग हो, छोड़े गए कैच हों या कोई और गलती.'

उन्होंने आगे कहा,

'मैं हमेशा खुद को उस खिलाड़ी की जगह रखकर ये समझने की कोशिश करता हूं कि उसने कैच क्यों छोड़ा या कोई मिसफील्ड कैसे की. गुस्सा होना किसी समस्या का समाधान नहीं है. पहले से ही 40,000 लोग स्टैंड से देख रहे हैं और करोड़ों लोग बाहर से मैच देख रहे हैं. मैं सिर्फ उस खराब फील्डिंग का कारण समझता चाहता हूं.'

धोनी ने कहा कि कैच छोड़ना कई समस्या नहीं है. उन्होंने कहा,

'अगर खिलाड़ी मैदान पर अपना शत प्रतिशत देकर कैच ड्रॉप कर रहा है तो मुझे कोई समस्या नहीं है. बेशक, मैं यह भी देखना चाहता हूं कि इससे पहले उसने अभ्यास के दौरान कितने कैच लपके थे. उसे कहीं समस्या रही है और वह बेहतर होने या न होने के लिए प्रयास कर रहा है या नहीं.

मैं इन तमाम पहलुओं पर ध्यान देता हूं ना कि इस पर कि उसने कैच ड्रॉप कर दिया. हो सकता है उसके प्रयास की वजह से हम मैच हार गए हों लेकिन मेरी कोशिश रहती है उसके पीछे की वजह जानने की.'

धोनी ने आगे कहा,

'मैं भी एक इंसान हूं, और मैं भी अंदर से बिल्कुल वैसा ही महसूस करता हूं जैसा कि आप. जब आप बाहर जाकर खुद से ही मुकाबला कर रहे होते हैं तो बुरा लगता है. हम अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए हमें और अधिक बुरा लगता है. लेकिन हम सभी लोग हमेशा अपने जज़्बातों पर काबू करने की कोशिश करते हैं.

बाहर बैठकर यह कहना हमेशा आसान होता है कि हमें एक निश्चित तरीके से खेलना चाहिए था लेकिन यह आसान नहीं है. हम अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं लेकिन सामने वाली टीम भी वही कर रही है. वो भी वहां गेम खेलने आए हैं, और कई बार मैच में उतार-चढ़ाव आते हैं.'

इस बातचीत में एमएस धोनी ने भारतीय क्रिकेट टीम के आलोचकों से भी टीम इंडिया को सपोर्ट करने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ी सालों साल इस मकाम पर पहुंचने के लिए मेहनत करते हैं. 

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