मिशेल गाय जॉनसन. कंगारू टीम के पूर्व तेज गेंदबाज. सपना तो टेनिस कोर्ट पर जलवाबिखेरने का था पर क्रिकेट ने मोह भंग कर दिया. 14 साल की उम्र में मौका मिला थाटेनिस में करियर बनाने का पर उसे जाने दिया. 17 की उम्र तक आते-आते अपने छुटपन केसपने को मिशेल ने टाटा कर दिया और क्रिकेट की तरफ हो लिए. भाई साब, कहर ढाती है इसआदमी की गेंद. जब भी ये बॉल डालने आते हम बस यही मनाते थे कि जल्दी से इसका ओवरखत्म हो ताकि हम मैच जीत सकें.खैर, ये तो सब जानते हैं. सबने मिशेल को ग्राउंड पर देखा है. हम ये बता रहे हैं किक्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद मिशेल खलिहर नहीं बैठे. उन्होंने एक किताब लिखीहै. अपने ही ऊपर. ऑटोबायोग्राफी. 'मिशेल जॉनसन रेज़िलिएन्ट' नाम से. Resilient शब्दका अर्थ होता है वो चीज़ जिसपर आप दबाव डालें तो वो वापस अपने शेप में आ जाये. औरसच, ये मिशेल जॉनसन को कतई परिभाषित करता है. आपने क्रिकेट के मैदान पर जॉनसन सेबड़ा फाइटर कम ही देखा होगा. उसकी गेंद पर एक बड़ा शॉट लगाने का मतलब होता था अगलीगेंदों में अपने सबसे बुरे सपने को देखना. 24 अक्टूबर को ये बुक रिलीज़ हुई. वैसे तोइस किताब की कीमत लगभग 50 डॉलर है पर अभी सेल में है. इसलिए 40 डॉलर में मिल जाएगी.और हां ये ऑफर केवल 25 दिसंबर तक है. मिशेल ने इसे अपनी वाइफ, बिटिया और बेटे कोसमर्पित किया है. हम उनकी किताब से चुरा लाए हैं कुछ रोचक किस्से. पसंद आए तो किताबअमेज़न से ऑर्डर कर लीजिएगा.1. विराट को बाउंसर फेंकने के बाद मिशेल लगभग बीमार पड़ गए थेसाल 2014. इंडियन टीम बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी और कार्लटन मिड त्रिकोणीय सीरीज़ के लिएऑस्ट्रेलिया गई थी. पहला टेस्ट वैसे तो 4 दिसंबर को ब्रिसबेन में होना शेड्यूल हुआथा पर फिलिप ह्यूज की मौत के चलते वो 9 दिसंबर को एडिलेड में खेला गया. इस मैच मेंटीम की कमान विराट कोहली के हाथों में थी. टॉस ऑस्ट्रेलिया ने जीता और बैटिंग करनेका फैसला लिया. और धो डाला इंडियन बॉलर्स को. 7 विकेट खोकर 517 रन बनाए और पारीघोषित कर दी.अब बारी इंडिया की थी. 111 रन पर दोनों ओपेनर पवेलियन में थे. बैटिंग के लिए पिच परथे विराट कोहली. सामने थे मिशेल जॉनसन. उन्होंने कोहली का वेलकम बाउंसर से किया.बॉल उनके हेलमेट पर लगी. और वो सिकुड़ गए. दूसरे एंड पर पुजारा थे. उनसे पहले सारेकंगारू विराट की तरफ उनका हाल-चाल लेने दौड़ पड़े. खुद मिशेल उनके पास आए. वो अपनेफेंके हुए बाउंसर से खुश नहीं दिख रहे थे. किताब में वो लिखते हैं, 'फिलिप ह्यूज कीमौत के बाद क्रिकेट को लेकर मेरा नजरिया बदल गया. मेरे लिए क्रिकेट को पहले जैसाप्यार करना मुश्किल हो गया था. फिलिप की मौत ने बहुत कुछ बदल दिया. कोहली को बाउंसरफेंकने के बाद मैं बहुत डर गया था. ऐसा लग रहा था कि मैं बीमार हो गया हूं.'उन्होंने लिखा है कि ह्यूज की मौत के बाद वो पहले वाले जॉनसन नहीं रहे. ड्रेसिंगरूम में टंगी ह्यूज की तस्वीर की तरफ वो देख नहीं पाते थे. जॉनसन का वो बाउंसरलिहाजा उस मैच का पहला बाउंसर नहीं था. इंडियन पेसर वरुण आरोन ने डेविड वार्नर कोएक बाउंसर फेंका था. जिसे वार्नर ने जाने दिया. स्टेडिम में भरी भीड़ ने वरुण औरवार्नर दोनों के लिए तालियां बजाई.https://www.youtube.com/watch?v=HnEmoelacoE2. साउथ अफ्रीका में जब डेविड वार्नर ने झाड़ी पुलिसगिरीसाल 2011. ऑस्ट्रेलिया, क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट्स में साउथ अफ्रीका से भिड़नेउसके घर पर था. वन डे सीरिज चल रही थी. खेल से फुर्सत पाकर कुछ प्लेयर्स बाहर निकलपड़े. एक चाउमीन-मोमोज की दुकान के सामने कार रोकी. और कार में बैठे-बैठे ऑर्डर देदिया. इन कुछ प्लेयर में वार्नर और जॉनसन भी थे. खिलाड़ी बाहर निकले और उनकीप्राइवेसी में खलल डालने के लिए बंदूकधारी न हो, ऐसा तो हो नहीं सकता. इनको भीसेक्योरिटी दी गई थी. पुलिसवाले उनके आगे-पीछे घूम रहे थे. मानो किसी अमीर बाप कीकुंवारी बिटिया को प्रोटेक्ट कर रहे हों.सारे प्लेयर अपने-अपने चाउमीन-मोमोज का वेट कर रहे थे तभी वार्नर को खुराफात सुझा.उन्होंने सेक्योरिटी वाले पुलिस से उसका बैच मांगा. जिस कार में ये लोग बैठे थेउसके पीछे एक बाइक पर दो लोग बैठे थे. उनपर पुलिसगिरी झाड़नी थी वार्नर को. बैचमिलते ही कार से वो कूद पड़े.Source : Reutersजॉनसन लिखते हैं, 'वार्नर कार से निकलने के बाद सीधे उस बाइक वाले के पास गए. औरउनसे ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने बोला. पहले तो वो दोनों आदमी कंफ्यूज हुए कि एकऑस्ट्रेलियन यहां पुलिसगिरी कैसे कर रहा है. पर बाद में उन्हें ये फनी लगा. औरगुस्सा होने के बजाए वो हंसने लगे.' जॉनसन वार्नर को पहले से ज्यादा समझदार बतातेहैं. क्योंकि क्रिकेट में उनकी छवि एक अग्रेसिव प्लेयर की थी. साल 2013 मेंउन्होंने इंग्लैंड के 'जो रूट' को नाइट क्लब में तमाचा जड़ दिया था. जिसके चलतेउन्हें एशेज से बाहर कर दिया गया था.3. संडास में शेन वॉटसन ने एक बार मिशेल का सर दे मारा थासाल 2000. जॉनसन और वॉटसन दोनों एक दफा 'नेबर्स' सीरियल देख रहे थे. उनके साथ और भीलोग थे. ऐड आया. फिर आया और बार-बार आया. हर ब्रेक में दोनों लड़ते थे. एक लड़ाईमें जॉनसन को बाथरूम तक खींच ले गए. और उनमें से किसी एक ने जॉनसन का सर बाथरूम कीदीवार पर दे मारा. वो बताते हैं, 'मुझे इससे बहुत गुस्सा आया. चोट वाली जगह लाल होगई. किसी तरह खड़े होने के लिए मैंने एक की शर्ट पकड़ी. और उस बंदे ने भी मेरी शर्टपकड़ रखी थी. मैंने मुक्का मारने के लिए अपना दायां हाथ उठाया और उसने भी वही किया.इतना होने के बाद हमने एक-दूसरे को देखा. वो वॉटसन था. मुझे लगता है कि हमनेएक-दूसरे को देखा और सोचा, नहीं यार ये मेरा दोस्त है. मैं उसे नहीं मार सकता. औरउसी वक्त मुक्का नीचे कर लिया. मैं ठीक से कह नहीं सकता कि मैं गुस्से में नहीं था.लेकिन इसका ख्याल मेरे दिमाग में काफी दिनों तक रहा. बाद में फिर हमने बात करनाशुरु किया और हम दोबारा से दोस्त बन गए.'Source : Reutersजॉनसन और वॉटसन को सीरियल देखने की आदत थी. रोज डिनर से पहले वो नेबर्स देखतेथे. 2013 में ऑस्ट्रेलिया की टीम खेलने के लिए इंडिया आई थी. कोच ने सारेखिलाड़ियों से लिखित में उनका एजेंडा मांगा था. अगले दिन मीटिंग हुई. वॉटसन औरजॉनसन को छोड़कर सारे प्लेयर्स ने कोच की बात को सर माथे लिया. कोच ने दोनों को टीमसे बाहर कर दिया. इसी के बाद दोनों की दोस्ती और गहराई.4. और एक झड़प इंग्लैंड के केपी के साथसाल 2013-14. एशेज चल रही थी. मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में. इंग्लैंड का स्कोर 5विकेट पर 168 रन था. पीटरसन और बेयरस्टो खेल रहे थे. बॉलिंग की कमान जॉनसन के हाथमें थी. वो अपना रनअप लेकर गेंद फेंकने आए. पर जैसे ही गेंद फेंकने को थे, पीटरसनने उन्हें रुकने का इशारा किया. लेकिन जॉनसन ने फिर भी गेंद फेंक डाली. मानो केपीको कह रहे हों कि इतनी मेहनत कर मैं बॉल डालने आया और तुमने ऐसे ही उसे खेलने सेमना कर दिया. ये लो.इसपर केपी उंगली दिखाकर लगे जॉनसन को सुनाने. भला जॉनसन क्यों चुप रहते. उन्होंनेभी सुना दिया. जॉनसन की अगली बॉल पर केपी ने एक रन चुरा लिया. और फिर दोनों के बीचकाफी बहसबाजी हुई. बीच-बचाव करने के लिए क्लार्क को इसमें कूदना पड़ा. जॉनसन ने जोकुछ भी केपी को मैच के दौरान कहा उन्होंने अपने किताब में लिखा नहीं है. कहते हैं,'केपी ने हदें पार कर दी थी. कुछ ज्यादा ही पर्सनल कमेंट्स कर रहा था. उस वक्त मेरामन उसको जोर से मारने का कर रहा था.' https://www.youtube.com/watch?v=VT1yZk_fEuY--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़िये...जब डिविलियर्स को झूठ बोलकर 99 पर आउट करा दियाअपने छोटे कपड़ों और फतवे पर सानिया मिर्जा ने लिखा है येसानिया मिर्जा ने शेयर किए शोएब से जुड़े पर्सनल डिटेलडिविलियर्स के बारे में इन्टरनेट पर फैले 8 सबसे बड़े झूठएक मशीन की आत्मकथा