मेलबर्न की पिच सबसे गंदी? विजेता इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने भी सुना डाला
ICC की चार टायर पिच रेटिंग के तहत, "असंतोषजनक" पिच वह मानी जाती है जो 'बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला नहीं होने देती, गेंदबाजों को बहुत अधिक फायदा पहुंचाती है और सीम या स्पिन दोनों के लिए विकेट लेने के बहुत अधिक मौके देती है.'

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज का चौथा टेस्ट मैच दो दिन में ही खत्म हो गया. मैच के बाद पिच को लेकर काफी चर्चा भी हुई. अब ICC ने चौथे एशेज टेस्ट की पिच को 'Unsatisfactory' यानी असंतोषजनक करार दिया है. उसने MCG पर एक डिमेरिट अंक भी लगा दिया.
मेलबर्न पिच से खुश नहीं रेफरीचौथे टेस्ट के पहले दिन 20 विकेट गिरे. इंग्लैंड ने दो दिन के भीतर टेस्ट जीत लिया. इस मैच के रेफरी जैफ क्रो थे. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा कि चौथे टेस्ट की पिच गेंदबाजों की जरूरत से ज्यादा मदद कर रही थी. बाद में ICC ने एक बयान में कहा ,
चौथे एशेज टेस्ट के लिए मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की पिच असंतोषजनक थी जिसके लिए ICC पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रक्रिया के तहत MCG पर एक डिमेरिट अंक लगाया गया है.
आपको बता दें कि छह डिमेरिट अंक होने पर मैदान पर एक साल तक का प्रतिबंध लग सकता है. ICC की चार टायर पिच रेटिंग के तहत, "असंतोषजनक" पिच वह मानी जाती है जो 'बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला नहीं होने देती, गेंदबाजों को बहुत अधिक फायदा पहुंचाती है और सीम या स्पिन दोनों के लिए विकेट लेने के बहुत अधिक मौके देती है.'
इस रेटिंग के अनुसार, MCG पिच की क्वालिटी के मामले में नीचे से तीसरे स्थान पर है. पिछले तीन बॉक्सिंग डे टेस्ट मैचों में मेलबर्न को ‘बहुत अच्छी’ रेटिंग मिली थी. लेकिन ये मैच इस मैदान के लिए बड़ी गिरावट साबित हुआ है.
मैच रेफरी क्रो ने इस पिच को लेकर कहा ,
पिच से खुश नहीं थे बेन स्टोक्सMCG की पिच गेंदबाजों की जरूरत से ज्यादा मदद कर रही थी. पहले दिन 20 और दूसरे दिन 16 विकेट गिरे. दोनों ही टीमों से कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक भी नहीं बना सका. यह पिच असंतोषजनक थी और MCG पर एक डिमेरिट अंक लगाया गया है.
इंग्लैंड की टीम भले ही यह मैच जीत गई हो, लेकिन वह भी पिच से खुश नहीं थी. कप्तान बेन स्टोक्स ने भी मेलबर्न पिच की निंदा की थी. उन्होंने मैच के बाद पिच को लेकर कहा,
एकदम ईमानदारी से कहूं तो आप ऐसी पिच नहीं चाहते. आप नहीं चाहते कि बॉक्सिंग डे टेस्ट दो दिन में खत्म हो जाए. यह ठीक नहीं है. एक बार जब खेल शुरू हो जाता है तब आप इसे बदल नहीं सकते और जो भी आपके सामने है उस पर खेलना होता है.
इसके बाद स्टोक्स ने जो कहा वो मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड के साथ ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट पर भी सवाल खड़े कर गया. इंग्लिश कप्तान ने कहा,
लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि दुनिया में कहीं और ऐसा होता तो बहुत हल्ला मचा दिया जाता. खेल के लिए यह ठीक नहीं. मैच पांच दिन तक जाना चाहिए. लेकिन हमने ऐसा खेल दिखाया जिससे हमारा काम हो गया.
इससे पहले पर्थ में खेला गया सीरीज का पहला मैच भी दो दिन में खत्म हो गया था. हालांकि तब मैच रेफरी रंजम मृदुगले ने इसे 'Very Good' यानी बहुत अच्छी रेटिंग दी थी. एशेज 2025-26 सीरीज में दो टेस्ट दो दिन के अंदर खत्म हो गए. 1912, यानी 113 साल के बाद यह पहली बार है जब किसी एशेज सीरीज में दो टेस्ट मैच दो दिन के अंदर खत्म हो गए. 1932 के बाद ऑस्ट्रेलिया में यह पहला टेस्ट रहा जब कोई बल्लेबाज अर्धशतक नहीं लगा सका.
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