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IPL में पहली बार खेलेगा कोई नेपाली क्रिकेटर, जो हैट्रिक भी ले चुका है

दिल्ली डेयरडेविल्स ने इस खिलाड़ी का ट्रायल बड़े गुपचुप तरीके से कराया था.

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संदीप (बाएं) और दूसरी तस्वीर में माइकल क्लार्क के साथ.
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विशाल
29 जनवरी 2018 (अपडेटेड: 29 जनवरी 2018, 07:59 AM IST)
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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ने अब तक ढेर सारे क्रिकेटर्स की किस्मत खोली है. हर सीज़न में किसी न किसी खिलाड़ी को अप्रत्याशित रूप से करोड़ों में खरीदा गया और हर सीज़न में किसी न किसी खिलाड़ी ने उम्मीदों से कहीं आगे की परफॉर्मेंस दी. IPL के 11वें सीज़न की नीलामी में भी ये ट्रेंड देखने को मिला, पर बेन स्टोक्स और जयदेव उनादकट के बजाय हम यहां बात करेंगे नेपाली क्रिकेटर संदीप लमिछाने की, जो IPL में खरीदे जाने वाले पहले नेपाली क्रिकेटर हैं.

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2 अगस्त 2000 को नेपाल के स्यांग्जा पैदा हुए संदीप 17 साल के हैं, लेग स्पिन बॉलिंग करते हैं और दिल्ली डेयरडेविल्स ने उन्हें उनके बेस प्राइस 20 लाख रुपए में खरीदा है.

संदीप के ICC करियर के बारे में तो हम आपको बताएंगे ही, पर उससे पहले जानिए कि वो डेयरडेविल्स की नज़र में कैसे आए. संदीप की कहानी आपको ये मानने पर मजबूर कर देगी कि अगर आपमें हुनर है, तो आपको मौका ज़रूर मिलेगा. 2016 में जब दिल्ली डेयरडेविल्स फ्रेंचाइज़ी कुछ नए स्पिनर्स की तलाश कर रही थी, तब उसकी निगाह संदीप पर पड़ी. संदीप तब हॉन्गकॉन्ग में टी-20 ब्लिट्ज़ में खेल रहे थे और उनकी उम्र 16 साल भी नहीं थी.

संदीप की बॉलिंग का एक नमूना

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फिर 2018 की IPL नीलामी को ध्यान में रखते हुए संदीप को दिल्ली बुलाया गया और काफी गुपचुप तरीके से उनका ट्रायल कराया गया. उनकी बॉलिंग का एक वीडियो दिल्ली डेयरडेविल्स के कोच रिकी पोंटिंग को भी भेजा गया, जो नीलामी के दौरान डेयरडेविल्स फ्रेंचाइज़ी के साथ बैठे हुए थे. ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज पोटिंग संदीप से प्रभावित हुए और फिर 28 जनवरी को नीलामी में डेयरडेविल्स ने संदीप को 20 लाख रुपए में खरीद लिया.


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बेंगलुरु में हो रही IPL नीलामी के दौरान रिकी पोंटिंग

सिर्फ संदीप को बुलाया गया था स्पेशल ट्रायल में

दिल्ली डेयरडेविल्स के CEO हेमंत दुआ इंडियन एक्सप्रेस को बताते हैं, 'हमारे पास ऐसे लोग हैं, जो ICC की मेंबर टीमों के खिलाड़ियों पर नज़र रखते हैं. हमने संदीप को 2016 में अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी अच्छा खेलते हुए देखा. फिर हमने उन्हें एक स्पेसिफिक ट्रायल के लिए बुलाया. सिर्फ उन्हें. उन्होंने नेट्स पर बॉलिंग की और हमने देखा. हम ये सब जल्दी-जल्दी करना चाहते थे, क्योंकि वहां और भी कई नए अच्छे स्पिनर्स थे. हमने उनके वीडियो भी टीम को दिखाए. पोंटिंग ने उनकी बॉलिंग देखी और अप्रूवल दे दिया.'

 

2016 का अडंर-19 वर्ल्ड कप संदीप के लिए खास है, क्योंकि उनकी शानदार बॉलिंग की बदौलत ही नेपाली टीम आठवें नंबर तक पहुंची थी. उस टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले वो दूसरे खिलाड़ी थे. 6 पारियों में उन्होंने 17 के औसत और 4.67 की इकॉनमी से 14 विकेट लिए थे. संदीप ने दो अभ्यास मैच भी खेले थे, जिसमें उन्होंने पांच विकेट लिए. फिर नेपाल का पहला मैच न्यूज़ीलैंड की टीम से पड़ा था, जिसे नेपाल ने 32 रनों से जीता था.


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संदीप (बीच में)

अगला मैच किसी सपने जैसा था

न्यूज़ीलैंड के खिलाफ मैच जीतने के बाद नेपाल का अगला मैच पड़ा आयरलैंड से और संदीप ने इस मैच में हैट्रिक ली. अंडर-19 वर्ल्ड कप में हैट्रिक लेने वाले वो पांचवे गेंदबाज हैं. मैच में उन्होंने कुल पांच विकेट लिए थे, जिसकी बदौलत नेपाल ने आयरलैंड को आठ विकेट से हरा दिया था और सातवें वर्ल्ड कप में दूसरी बार नॉकआउट में जगह बनाई थी. रोचक बात ये है कि उन्होंने बांग्लादेश में ही आयरलैंड के खिलाफ पांच विकेट लिए थे, लेकिन बांग्लादेश प्रीमियर लीग में उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला था.

संदीप की हैट्रिक का वीडियो

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माइकल क्लार्क और पोटिंग की सोहबत में आगे बढ़े संदीप

संदीप के हुनर में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज माइकल क्लार्क का भी बड़ा हाथ है. हॉन्गकॉन्ग में संदीप Kowloon Cantons नाम की जिस टीम के लिए खेल रहे थे, उस टीम में क्लार्स भी थे और वो खिलाड़ी होने के साथ-साथ टीम के मेंटर भी थे. वहां संदीप को देखकर क्लार्क ने उन्हें सिडनी में अपनी अकैडमी में बुलाया और उनकी ट्रेनिंग के लिए खास इंतजाम किए. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क टेलर और महान स्पिनर शेन वॉर्न को भी संदीप में पोटाश दिखा. खासबात ये है कि जिस मैच में क्लार्क संदीप की बॉलिंग से खुश हुए, वो बारिश-प्रभावित मैच था और संदीप ने उसमें सिर्फ तीन ओवर ही फेंके थे.


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माइकल क्लार्क के साथ संदीप

शुरुआत में भारत में ही रहे हैं संदीप

संदीप के क्रिकेट की कहानी भारत से ही शुरू हुई. उनके पिता इंडियन रेलवे में काम करते थे, तो जन्म के बाद शुरुआती चार साल संदीप ने भारत में ही बिताए. फिर परिवार ने नेपाल वापस जाने का फैसला कर लिया और वो लोग तेराई इलाके के नवलपरासी जिले में रहने लगे. भारत में रहते हुए संदीप हॉबी के तौर पर क्रिकेट खेलते थे, लेकिन प्रोफेशनली खेलना शुरू किया नेपाल में. क्रिकेट खेलना शुरू करने के कुछ सालों बाद संदीप का वास्ता हुआ राजू खड़का से, जो नेपाल की नेशनल क्रिकेट टीम के कप्तान और नेशनल सेलेक्टर रह चुके हैं.


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नेट्स पर प्रैक्टिस के बीच की एक फोटो. संदीप (बाएं)

राजू बताते हैं, 'संदीप के जिले में क्रिकेट अकैडमी नहीं थी, तो मेरे पास आकर उनका पहला सवाल यही था कि क्या वो इतना अच्छा खेलते हैं कि कभी नेपाल के लिए खेल पाएं.' राजू ने संदीप का हौसला बढ़ाया. शुरुआत में नेपाल की अंडर-19 टीम में सेलेक्शन न होने पर संदीप निराश हो गए थे, लेकिन राजू ने उन्हें समझाया कि वो अपने खेल पर काम करते रहें. भारत में रहने के दौरान संदीप को सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे कई दिग्गज खिलाड़ियों से मिलने का मौका मिला, जो उनके काम आया.


नेपाल को मिलेगा संदीप का फायदा

नेपाली क्रिकेट टीम के पास अभी वनडे और टी-20 की टीम का दर्जा नहीं है यानी वो ICC वर्ल्ड कप या चैंपियंस ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट्स में नहीं खेल सकती. नेपाली टीम अभी इसी साल नामीबिया में होने वाले वर्ल्ड क्रिकेट लीग के डिविजन टू के लिए तैयारी कर रही है. पर आज संदीप जिस तरह नेपाल के हर टीवी चैनल और अखबार में छाए हुए हैं, यकीनन उससे वहां के खिलाड़ियों को हौसला मिलेगा. उन्होंने नेपाली क्रिकेट टीम के कप्तान पारस खड़का और उप-कप्तान ज्ञानेंद्र मल्ला जैसे खिलाड़ियों के IPL में आने का रास्ता खोल दिया है, जो अच्छी बैटिंग कर रहे हैं.


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नेपाली बल्लेबाज पारस खड़का

बस गुजरात लॉयंस जैसा बर्ताव न करे दिल्ली डेयरडेविल्स

डेयरडेविल्स फ्रेंचाइज़ी ने संदीप पर ध्यान दिया है, पैसा लगाया है पर संशय बस इसी बात का है कि कहीं वो संदीप के लिए गुजरात लॉयंस न साबित हो. IPL के दसवें सीज़न में गुजरात लॉयंस ने यूएई के 21 साल के खिलाड़ी चिराग सूरी को खरीदा था. ये सभी के लिए चौंकाने वाला था. लेकिन टीम ने चिराग को पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं खिलाया. वो बेंच पर ही बैठे रह गए और फिर 2018 की नीलामी में आए ही नहीं.


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गुजरात लॉयंस की जर्सी पहने चिराग सूरी (बीच में)



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