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  • Lionel Scaloni lost to India U-20 team in 2018 COTIF Cup now wins FIFA World Cup with Argentina beating France

भारतीय फुटबॉल टीम से हारने वाले ने अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप जिता दिया!

अर्जेंटीना ने 36 साल बाद वर्ल्ड कप जीता.

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19 दिसंबर 2022 (अपडेटेड: 19 दिसंबर 2022, 07:56 PM IST)
Lionel Scaloni wins World Cup with Argentina, had lost to India in 2018 COTIF Cup
लियोनेल स्कलोनी (Courtesy: Twitter)
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29 जुलाई 2018. इंडिया U-20 फुटबॉल टीम कोटिफ कप खेलने स्पेन गई हुई थी. इससे ठीक एक साल पहले 2017 में भारत में हुए फीफा U-17 वर्ल्ड कप टीम के कई प्लेयर्स इस टीम का हिस्सा थे. पहले मैच में मर्सिया ने भारत को 2-0 से हरा दिया. इसके बाद 31 जुलाई को मौराशियाना ने भी भारत को 3-0 से हरा दिया. 3 अगस्त को अगला मुकाबला वेनेज़ुएला से था. इंडिया ने ये मैच ड्रॉ कर लिया. अगला मैच अर्जेंटीना के खिलाफ़ था. दो हार और एक ड्रॉ के बाद टीम का मनोबल कैसा हो सकता है, ये आपको बताने की जरूरत नहीं है.

लेकिन अर्जेंटीना के खिलाफ़ हमारी टीम ने वो उलटफेर कर दिया. जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. इस मैच में इंडिया ने सबको चौंकाते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया! भारत के युवा प्लेयर्स ने अर्जेंटीना को 2-1 से हरा दिया. इस मैच में इंडिया के लिए दीपक टांगरी और अनवर अली ने गोल किया. अनवर अली की फ्री किक को अब भी इंडियन फुटबॉल के फ़ैन्स याद करते हैं. एक और अहम बात. मैच के 60वें मिनट पर अनिकेत जाधव को रेड कार्ड दिखाया गया था. यानि इंडिया ने 40 मिनट तक सिर्फ 10 प्लेयर्स के साथ खेलकर अर्जेंटीना को हराया था.

अब बताते हैं आपको एक दिलचस्प बात. जानते हैं, अर्जेंटीना की उस टीम का कोच कौन था? ये सुनकर आपके कान खड़े हो जाएंगे. लियोनेल स्कलोनी. जी हां, वही स्कलोनी जिन्होंने 18 दिसंबर 2022 को अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जिता दी है. ऐसे में भारत के उस अंडर-17 टीम के स्टार्स इस बात से बेहद खुश होंगे कि उन्होंने एक ऐसे कोच की अर्जेंटीना को हराया था. जिसने बाद में जाकर विश्वकप जीता है. 

#FIFA World Cup 2022 Final

फीफा विश्वकप 2022 के फाइनल की बात करें तो बेहद रोमांचक फाइनल में. हाफ़-टाइम तक मामला एकतरफ़ा था. पहले हाफ़ में ही अर्जेंटीना ने दो गोल दाग दिए थे. मेसी ने एक पेनल्टी मारी और दूसरा गोल आन्हेल डी मारिया के नाम आया. 2-0 के स्कोर के साथ अर्जेंटीना बॉल अपने क़ब्ज़े में ही रख रही थी. हाफ़-टाइम क्या, 90 मिनट के गेम में 79 मिनट तक यही लग रहा था कि अर्जेंटीना आसानी से जीत जाएगा. और, मेसी का सपना साकार हो जाएगा.

लेकिन फ़्रांस कहां चुप बैठने वाला था. और वो भी तब, जब उनके पास किलियन एमबाप्पे जैसा प्लेयर हो. फ्रांस को पेनल्टी मिली और वहीं से गेम पलट गया. अगले दो मिनट में ही एक और गोल! स्ट्राइकर एमबाप्पे अपने बेस्ट फॉर्म में थे. फुलटाइम में मामला बराबर हो गया, यानी 2-2.

निर्धारित 90 मिनट्स का गेम ख़त्म हुआ और मैच पहुंचा एक्स्ट्रा-टाइम में. अर्जेंटीना ने एक और गोल दागा. प्रेशर शिफ़्ट हुआ ही था कि फ़्रांस को एक और पेनल्टी मिल गई. एम्बापे ने अपना तीसरा गोल कर दिया. दोनों टीम्स ने एक-एक गोल मार कर मैच की स्कोरलाइन को 3-3 कर दिया. फिर 'चक दे इंडिया!' के क्लाइमैक्स की तरह मैच पहुंचा पेनल्टी शूटआउट में. यहां अर्जेंटीना ने 4-2 से बाज़ी मार ली. ये अर्जेंटीना की तीसरी वर्ल्ड कप ट्रॉफी है और इसके साथ ही स्कलोनी ने इतिहास के पन्नों पर अपना नाम दर्ज करवा लिया है. 

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