हिंदी कॉमेंटेटर प्लेयर्स का मजाक बनाते हैं, शिवरामकृष्णन का एक और बड़ा दावा
कुछ दिन पहले जब लक्ष्मण ने कॉमेंट्री से संन्यास का ऐलान किया था तब भी उन्होंने ब्रॉडकास्टर्स पर कई बड़े आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा कि उनके साथ भेदभाव किया गया. टॉस और पोस्ट मैच प्रजेंटेशन से दूर रखा गया.

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कॉमेंटेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन पिछले कई दिनों से चर्चा में हैं. वो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं. कॉमेंट्री को लेकर एक के बाद एक नए खुलासे कर रहे हैं. हिंदी कॉमेंट्री को लेकर शिवरामकृष्णन ने अब एक और बड़ा दावा कर दिया है. उन्होंने कहा है कि हिंदी कॉमेंटेटर प्लेयर्स का मजाक बनाते हैं. इस दौरान उन्होंने भारतीय टीम के स्पिनर युजवेंद्र चहल का भी जिक्र किया.
हिंदी कॉमेंट्री को लेकर लक्ष्मण का बड़ा दावाIPL कॉमेंट्री को लेकर चर्चा लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने ही शुरू की. उन्होंने X पर अश्विन की कॉमेंट्री को लेकर पोस्ट किया था. अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट और IPL दोनों से रिटारमेंट के बाद IPL 2026 में अपना कॉमेंट्री डेब्यू किया है. वह हिंदी में कॉमेंट्री कर रहे हैं. इसी को लेकर लक्ष्मण ने लिखा,
अश्विन को अंग्रेजी कॉमेंट्री करनी चाहिए थी.
इस सीजन में हिंदी कॉमेंट्री काफी चर्चा में है. हरभजन सिंह, आकाश चोपड़ा लोगों के निशाने पर है. सोशल मीडिया पर इन पूर्व प्लेयर्स को काफी ट्रोल किया जा रहा है. जब लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने अश्विन को लेकर बात कही तो एक यूजर ने हिंदी कॉमेंट्री को लेकर उनका रिएक्शन जानना चाहा. यूजर ने पूछा,
शिवा सर, इन दिनों हिंदी कॉमेंट्री के स्टैंडर्ड के बारे में क्या कहेंगे?
लक्ष्मण ने जवाब देते हुए लिखा,
मैंने अब तक कोई मैच नहीं देखा है. लेकिन पहले भी वह लोग (हिंदी कॉमेंटेटर) दूसरों का मजाक उड़ाने के लिए अपना एक अलग ग्रुप बनाते थे. उन्होंने चहल का भी मजाक उड़ाया.

लक्ष्मण ने इस बारे में तो नहीं बताया कि कौन-कौन कॉमेंट्री के इस ग्रुप में शामिल था, लेकिन एक बार फिर उनके पोस्ट ने हलचल पैदा कर दी है. कुछ दिन पहले जब लक्ष्मण ने कॉमेंट्री से संन्यास का ऐलान किया था, तब भी उन्होंने ब्रॉडकास्टर्स पर कई बड़े आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा कि उनके साथ भेदभाव किया गया. टॉस और पोस्ट मैच प्रजेंटेशन से दूर रखा गया. इस वजह से वह कमेंट्री से रिटायरमेंट ले रहे हैं. शिवरामकृष्णन ने रंग के आधार पर भेदभाव किए जाने की बात भी कही थी.
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60 साल के शिवरामकृष्णन ने करीब 20 सालों तक कॉमेंट्री की. उन्होंने भारत के लिए 1983 से 1986 के बीच नौ टेस्ट और 16 वनडे मुकाबले खेले. इसके बाद साल 2000 में वो कमेंटेटर बन गए. वो ICC क्रिकेट कमेटी में खिलाड़ियों के प्रतिनिधि भी रहे हैं. वो अपने पहले टेस्ट में विकेट नहीं ले पाए थे. लेकिन आगे चलकर इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 1984 में 12 विकेट चटकाए थे.
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