लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन. पूर्व भारतीय लेग स्पिन गेंदबाज़ और वर्तमान समय के बेहतरीनकॉमंंटेटर. जिन्हें प्यार से लोग और उनके साथी खिलाड़ी एलएस के नाम से भी बुलातेहैं. लक्ष्मण ने हाल ही में एक ट्वीट किया है जिसने सोशल मीडिया पर काफी उथल-पुथलमचा दी है. उनके ट्वीट ने भारत और दुनिया भर में फैले रंगभेद के विषय को एक बार फिरछेड़ दिया है. आरोप संगीन है और कटघरे में पूरा समाज है. सोशल मीडिया पर किसी ने एकट्वीट किया कि क्रिकेटर्स को उनकी अंग्रेजी को लेकर अकसर आलोचना का पात्र बनना पड़ताहै. जिसके जवाब में एलएस ने उनके साथ हुए भेदभाव का ज़िक्र किया और कहा कि उन्हेंपूरी जिंदगी अपने रंग को लेकर इसका सामना करना पड़ा है और काफी आलोचना भी सहनी पड़ीहै. एलएस ने यहां तक कह दिया कि उन्हें आज भी उनके रंग को लेकर भेदभाव भरे मैसेजआते हैं. एलएस ने अपने ट्वीट में लिखा, ''मुझे अपनी पूरी जिंदगी में अपने रंग कोलेकर भेदभाव और आलोचना सहनी पड़ी है. इसलिए अब मुझे इससे फ़र्क भी नहीं पड़ता. येदुर्भाग्य है कि हमारे खुद के देश में ऐसा होता है.''I have been criticised and colour discriminated all my life, so it doesn’tbother me anymore. This unfortunately happens in our own country— Laxman Sivaramakrishnan (@LaxmanSivarama1) November 26, 2021 लक्ष्मण का येट्वीट ऐसे वक्त पर आया है जब इंग्लैंड के एक क्रिकेटर ने क्रिकेट में रेसिज़्म केआरोप लगाए हैं. हाल ही में इंग्लैंड के अंडर-19 के पूर्व कप्तान अज़ीम रफ़ीक़ ने उनकेसाथ हुए नस्लीय भेदभाव को लेकर इंग्लैंड के यॉर्कशायर क्लब पर काफी संगीन आरोप लगाएहैं. जिसके बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने क्लब पर किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैचके आयोजन करने का अस्थायी बैन लगा दिया है. साथ ही अगर भारतीय क्रिकेट की बात करेंतो ये पहला ऐसा मामला नहीं है जब किसी भारतीय खिलाड़ी ने रंगभेद को लेकर उनके साथहुए भेदभाव पर बात की हो. इससे पहले भारतीय टेस्ट बल्लेबाज़ अभिनव मुकुंद भी इस बारेमें खुलकर ट्विटर कर बोल चुके हैं. उन्होंने ट्वीट कर लिखा था 'मैं 15 साल की उम्रसे अपने देश में और देश के बाहर यात्रा कर रहा हूं. छोटेपन से ही लोगों का मेरे रंगके प्रति जूनून मेरे लिए एक रहस्य बना रहा. कोई अगर क्रिकेट फॉलो करता है तो वह इसेनिश्चित रूप से समझेगा. मैं दिन-प्रतिदिन धूप में खेलता हूं और प्रैक्टिस करता हूंलेकिन मुझे कभी भी इस बात पर कोई अफ़सोस नहीं हुआ कि धूप में खेलते-खेलते मैं थोड़ाऔर काला हो गया हूं. ये इसलिए है क्योंकि मैं जो करता हूं मुझे उससे प्यार है.मैंने आजतक जो भी हासिल किया है वो इसीलिए कि मैं घंटो धूप में प्रैक्टिस करता हूं.मैं चेन्नई से आता हूं जो शायद भारत की सबसी गरम जगह है और मुझे ख़ुशी है कि मैंनेअपनी ज्यादातर जवानी क्रिकेट के मैदान पर बिताई है.' लक्ष्मण शिवारामाकृष्णन के इसतरह के आरोपों के बाद एक बार फिर से ये बहस छिड़ गई है कि भारतीय क्रिकेट में भीऐसी घटनाए होती हैं. रेसिज़्म और भेदभाव जैसी चीज़ें दोनों तरफ से हैं. कई विदेशीखिलाड़ियों ने भारत के खिलाड़ियों के साथ ऐसा बर्ताव किया है. जबकि कई भारतीयखिलाड़ियों ने भी विदेशी खिलाड़ियों को कोई नाम या संज्ञा देकर चिढ़ाया है.