वो कर्रा भारतीय, जिसने अंग्रेजों को ऐसा मारा कि कप्तान ने सोने की घड़ी गिफ्ट कर दी
सैयद मुश्ताक अली, जिनके नाम पर खेला जाता है 'घरेलू' IPL
Advertisement

Indian Cricket Team के साथ Syed Mushtaq Ali (गेटी फाइल)
Quick AI Highlights
Click here to view more
इंडिया का घरेलू IPL यानि की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी. यहीं से चुन कर कई खिलाड़ी IPL पहुंचते है, और फिर वहां से कटता है टीम इंडिया का टिकेट.आज, यानी 17 दिसंबर को उन्हीं की बर्थ एनीवर्सरी है जिनके नाम पर इस टूर्नामेंट का नामकरण किया गया है.
# No Mushtaq No Test
शुरुआत एक क़िस्से से करेंगे. ऑस्ट्रेलिया की सर्विसेज साइड इंडिया में थी. इस टीम को कलकत्ता में भारतीय टीम के साथ एक अनऑफिशल टेस्ट खेलना था. इस टेस्ट के लिए भारतीय टीम घोषित हुई तो इसमें मुश्ताक अली का नाम नहीं था. बस, फिर क्या था. लोग गुस्सा गए. कलकत्ता के लोगों ने सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन दलीपसिंहजी को घेर लिया. नारे लगने लगे, नो मुश्ताक, नो टेस्ट. ये हंगामा ऐसा बढ़ा कि बाद में मुश्ताक को इस टेस्ट की टीम में शामिल करना ही पड़ा.
मुश्ताक अली. जाबड़, धमाकेदार, कर्रे ओपनर. जरूरत के वक्त वह मिडल ऑर्डर में भी खेल सकते थे, लेकिन खेल जो था वो धूम-धड़ाकों वाला ही था. बैटिंग के साथ वह स्लो लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिन बोलिंग भी करते थे. हालांकि इंटरनेशनल क्रिकेट में उन्होंने उतनी बोलिंग नहीं की. लेकिन डोमेस्टिक में उनके नाम 162 विकेट थे. मुश्ताक ने अपने करियर की शुरुआत लेफ्ट आर्म स्पिनर के रूप में की थी. 1933-34 में ईडन गार्डन्स में हुए इस टेस्ट में मुश्ताक अली ने सातवें नंबर पर बैटिंग की.
लेकिन जल्दी ही उन्हें प्रमोट कर दिया गया. और साल 1936 के इंग्लैंड टूर पर तो गज़ब ही हो गया. ओपनिंग करने में विजय मर्चेंट का साथ मिलते ही मुश्ताक ने जो कुटाई करी, कि होलकर से हेडिंग्ले तक उनका एक जैसा भौकाल हो गया. हालांकि इस भौकाल की शुरुआत बहुत भौकाली नहीं रही. मुश्ताक को दूसरे टेस्ट में ओपनिंग का जिम्मा मिला. मैनचेस्टर में हुए इस टेस्ट में मुश्ताक ने अभी 13 रन ही बनाए थे, कि हादसा हो गया. # रुख बदलने वाले प्लेयर विजय मर्चेंट की एक ड्राइव मुश्ताक के बल्ले से लगकर शॉर्ट मिड ऑन पर खड़े ऑर्थर फाग के पास गई. जिन्होंने उसे विकेट पर मार मुश्ताक को रनआउट कर दिया. बाद में भारतीय टीम 203 पर सिमट गई. जवाब में इंग्लैंड ने 571-8 बनाकर पारी घोषित की. यह सारा काम दूसरे दिन के चायकाल तक हो गया था. दूसरे दिन इंग्लैंड ने 398 रन कूटे थे. मतलब पिच बैटिंग के लिए सही थी. इस दिन के आखिरी सेशन में मुश्ताक और मर्चेंट ने मिलकर 190 रन जोड़ डाले. मुश्ताक इस पारी में कुछ ज्यादा ही आक्रामक थे. उन्होंने ड्राइव और पुल जैसे शॉट्स को पूरे अधिकार के साथ खेला. वह इंग्लैंड के तेज बोलर्स को क्रीज़ से निकलकर कूट रहे थे. तीसरे दिन की शुरुआत में ही उन्होंने अपनी सेंचुरी पूरी कर ली. दिन के अंत में वह 106 रन बनाकर नॉटआउट लौटे.After the batsmen powered the team to 233/7, the bowlers bowled out Vidarbha for 154 as Saurashtra completed a dominant win at the Holkar Stadium in Indore. 👏👏 #VIDvSAU #SyedMushtaqAliT20
Watch the highlights 🎥 👇https://t.co/nezCAX4CpN pic.twitter.com/bUEwRZ5l9B — BCCI Domestic (@BCCIdomestic) January 13, 2021
यह विदेश में खेले गए टेस्ट में भारत के लिए पहली सेंचुरी थी. उनकी ये बैटिंग देख टीम के कैप्टन विज़ी (महाराजा ऑफ विज़ीनगरम) ने ड्रेसिंग रूम लौटते ही उन्हें सोने की घड़ी पहना दी. अगले दिन वह 112 रन बनाकर आउट हुए. लेकिन तब तक भारत चार दिन का यह टेस्ट बचा चुका था. हालांकि उनका टेस्ट करियर बहुत लंबा नहीं चला. मुश्ताक, सेलेक्टर्स की गुडबुक में कभी नहीं रहे और इसके चलते ही वह सिर्फ 11 टेस्ट ही खेल पाए. लेकिन उन्हें खेलते देख चुके लोगों की मानें तो मुश्ताक अपने आंकड़ों से कहीं बड़े थे. वह टेस्ट क्रिकेट इतिहास के उन चुनिंदा लोगों में से एक थे जो पलक झपकते ही टेस्ट का रुख बदल सकते थे.All-round Delhi beat Andhra by six wickets at the Wankhede Stadium, Mumbai. 👍👍
Watch all the highlights from the #DELvAP #SyedMushtaqAliT20 game 🎥👇https://t.co/LLWwW7buJz pic.twitter.com/gQYbAyHzxB — BCCI Domestic (@BCCIdomestic) January 13, 2021

