सीज़न 15 में पहले फ्राइडे को दो बार की IPL चैम्पियन कोलकाता नाइट राइडर्स कामुकाबला पंजाब किंग्स के साथ है. 1 अप्रैल को यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े क्रिकेटमैदान पर खेला जाएगा. कोलकाता और पंजाब दोनों ही टीम्स ने अपनी जीत का खाता खोललिया है. KKR ने इस सीज़न अब तक दो मैच खेले हैं. जिसमें उन्होंने पहले मैच मेंडिफेंडिंग चैम्पियंस चेन्नई सुपर किंग्स को हराया है. वहीं दूसरे मैच में RCB सेतीन विकेट से हार देखी है. दूसरी तरफ है पंजाब की टीम. जिसने RCB को पांच विकेट सेहराया है.KKR के कप्तान श्रेयस अय्यर अब तक कप्तानी के लिए खूब तारीफ बटोर रहे हैं. पहले मैचमें CSK को हराया. दूसरे मैच में RCB को कम स्कोर पर भी फंसाए रखा. दूसरी तरफ हैंमयंक अग्रवाल. जिन्होंने पहले मैच में ही RCB को हराया है. अब देखना होगा कि दोनोंयुवा कप्तानों में कौन इस मुकाबले में बाज़ी मारता है. #KKR vs PBKS News KKR कीटीम के लिए मुकाबले से पहले एक बड़ी टेंशन आ गई है. स्टार आंद्रे रसल पूरी तरह सेफिट नहीं बताए जा रहे. दरअसल बुधवार वाले मुकाबले में भी रसल ने महज़ तीन ओवर हीगेंदबाज़ी की थी. जिसके बाद हेड कोच ब्रेंडन मैक्कलम ने बताया था कि मैच मेंबाउंड्री के पास डाइव करने की वजह से उनके कंधे में परेशानी है. ऐसे में अगर रसल100% फिट नहीं हुए, तो उनकी जगह पर मोहम्मद नबी या चमिका करुणारत्ने को खिलाया जासकता है.आंद्रे रसल. फोटो: PTIवहीं दूसरी तरफ पंजाब के लिए एक अच्छी खबर आ गई है. स्टार पेसर कगीसो रबाडा ने अपनाक्वारंटीन पूरा कर लिया है और वो टीम के सेटअप में शामिल होकर ट्रेनिंग कर रहे हैं.हालांकि जॉनी बेयरस्टो अब भी टीम के साथ नहीं जुड़े हैं. उन्हें अभी अपना क्वारंटीनपूरा करना होगा. # KKR-PBKS Top Players पहले मैच में मिडल ऑर्डर चला, लेकिन दूसरेमैच में वो नहीं चला. RCB के खिलाफ़ टीम महज़ 128 रन ही बना पाई. 25 रन के साथआंद्रे रसल टीम के हाईएस्ट स्कोरर रहे. ऐसे में टीम की बैटिंग का क्लिक करना बेहदज़रूरी है. अजिंक्य-वेंकटेश अय्यर की ओपनिंग टीम के लिए अब तक कुछ नहीं कर पाई है.मिडल ऑर्डर में कप्तान श्रेयस, नितीश राणा और सुनील नरेन को भी चलना होगा.क्योंकि अब तक ना तो टीम बड़ा स्कोर खड़ा कर पाई है, और ना ही उन्हें बड़ा स्कोरचेज़ करने का मौका मिला है. गेंदबाज़ी की बात करें तो यहां टीम के पास काफीपॉज़िटिव्स हैं. उमेश यादव दोनों मैच में कमाल के दिखे हैं. RCB के खिलाफ टिम साउदीका लय में आना अच्छी ख़बर है. इनके साथ सुनील नरेन भी अच्छे दिखे हैं.दूसरी तरफ है पंजाब किंग्स की टीम. इस टीम का मामला KKR से उलट है. इनकी बैटिंग नेतो कमाल किया है. लेकिन गेंदबाज़ी ने पहले मैच में ही धोखा दे दिया था. बल्लेबाज़ीकी बात करें तो इस टीम ने 206 का टार्गेट भी आसानी से चेज़ करके दिखाया है. इनकेलिए बैटिंग में कप्तान मयंक, शिखर धवन ने टीम को अच्छी शुरुआत दी. जिसके बाद भानुकाराजपक्षे का अटैकिंग गेम और आखिर में ओडियन स्मिथ का फिनिशिंग टच. सारी चीज़ें इसटीम के काम आईं.लेकिन जब सामने वाली टीम 205 रन बना जाए तो गेंदबाज़ी में कुछ लूप होल्स ज़रूर रहेहोंगे. पंजाब की गेंदबाज़ी में तीन गेंदबाज़ 12 से ज़्यादा की इकॉनमी से रन देकरगए. ओडियन स्मिथ 13, हरप्रीत बराड़ 12.66 और लियम लिविंग्सट्न ने 14 की इकॉनमी सेरन खर्चे. ऐसे में इन गेंदबाज़ों को अपने प्रदर्शन में सुधार लाना होगा. रबाडा केआने से ये चीज़ें बेहतर होने की उम्मीद है.in eyes, in bowling, is all set, to get the ball rolling #SaddaPunjab#IPL2022#PunjabKings#ਸਾਡਾਪੰਜਾਬpic.twitter.com/nCX4sbTtNy— Punjab Kings (@PunjabKingsIPL) March 31, 2022# 2014 का ऐतिहासिक फाइनल टीम्स और खिलाड़ियों की बात के बाद अब बढ़ते हैं अगलेसेक्शन की ओर, जिसमें हम आपको सुनाते हैं एक क़िस्सा. और आज का क़िस्सा है 2014 केफाइनल का. 2014 में जब नरेन्द्र मोदी दिल्ली की कुर्सी की तरफ बढ़ रहे थे. तभी IPLका शेड्यूल भी आ गया. BCCI ने उस वक्त की भारत सरकार से IPL के लिए सुरक्षा मांगी.लेकिन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सुरक्षा देने से इनकार कर दिया. जिसकी वजह सेIPL का पहला हिस्सा UAE में कराना पड़ा.और फिर मोदीजी दिल्ली की गद्दी पर बैठ गए. IPL का फाइनल आ गया. फाइनल में KKR कासामना किंग्स इलेवन पंजाब से था. वही पंजाब, जो नए नाम के साथ एक बार फिर KKR केसामने आ खड़ी है. उस वक्त KKR की कमान गौतम गंभीर के हाथ थी. जबकि पंजाब के कप्तानथे पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जॉर्ज बेली.KKR की टीम इससे पहले 2012 में ही चैम्पियन बनी थी. जबकि पंजाब की टीम पहली बारफाइनल तक पहुंची थी. 1 जून को बेंगलुरु के मैदान पर फाइनल का टॉस हुआ. गंभीर ने टॉसजीतकर पहले फील्डिंग चुनी. किंग्स इलेवन पंजाब की शुरुआत खराब रही. विरेंदर सहवागऔर कप्तान जॉर्ज बेली फाइनल में फुर्सत में निकल लिए. वीरू ने सात, वहीं बेली ने एकरन बनाया. उमेश यादव और सुनील नरेन ने इनके विकेट लिए. ये दोनों ही गेंदबाज़ KKR केइस वाले सीज़न का भी हिस्सा हैं.खै़र, मैच पर लौटते हैं. दोनों के आउट होने पर लगने लगा कि इस बार भी शाहरुख की टीमखिताब जीतने वाली है. लेकिन यहां से ऋद्धिमान साहा ने एक हिस्टॉरिकल पारी खेली.उन्होंने मनन वोहरा के साथ क्रीज़ पर ही घर बना लिया. महज़ 55 गेंदों में आठ छक्के,10 चौकों के साथ साहा ने नॉट-आउट 115 रन बनाए. और पंजाब ने बोर्ड पर 199 रन टांगदिए.फाइनल में KKR के सामने 200 का टार्गेट. ये बिल्कुल भी आसान नहीं होने वाला था. ऐसेटार्गेट को अचीव करने के लिए KKR के किसी बल्लेबाज़ को साहा की पारी को ढकने वालाकमाल करना था. और ऐसा ही हुआ. 2020 से पहले 2014 ही वो सीज़न था. जिसमें मनीष पांडेखुलकर खेले थे. KKR के लिए उस साल मनीष ने 400 से अधिक रन बनाए थे. जिसमें सबसेबड़ी पारी तो फाइनल में ही आई थी.चेज़ करते हुए शुरुआत में रॉबिन उथप्पा, पावरप्ले के बाद कप्तान गंभीर के विकेट गिरगए. लेकिन मनीष एक एंड पर डटे रहे. उन्होंने फाइनल में महज़ 50 गेंदों में 94 रन कीऐसी पारी खेली, कि KKR ने इस फाइनल को पंजाब के हाथों से छीन लिया. मनीष पांडे नेउस पारी में 188 के स्ट्राइक रेट से छह छक्के और सात चौके लगाए. मनीष पांडे की इसपारी के बाद आखिरी सात गेंदों में पीयूष चावल के छक्के और चौके से KKR ने दूसरी बारIPL का टाइटल उठा लिया.