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कहानी AIFF के नए अध्यक्ष कल्याण चौबे की, जिन्हें हराकर सांसद बनी थीं महुआ मोइत्रा

चौबे ने बाईचुंग भूटिया को 33-1 से हराया.

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2 सितंबर 2022 (अपडेटेड: 2 सितंबर 2022, 04:41 PM IST)
Kalyan Chaubey has been elected the new AIFF President
कल्याण चौबे और महुआ मोइत्रा (फाइल फोटो)
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भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व गोलकीपर कल्याण चौबे (Kalyan Chaubey) AIFF के नए अध्यक्ष चुने गए हैं. उन्होंने चुनाव में बाईचुंग भूटिया (Bhaichung Bhutia) को हराया. चौबे ने 34 में से 33 वोट अपने नाम किए. चौबे लंबे समय से AIFF प्रेसिडेंट रहे प्रफुल्ल पटेल की जगह लेंगे. इंडियन फुटबॉल के दिग्गज बाईचुंग को वोटिंग के दौरान सिर्फ एक वोट मिला.

45 साल के चौबे ने इंडिया के लिए कई मैच भी खेले हैं. फिलहाल वो भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं. 1997-98 और 2001-02 कल्याण ने इंडियन गोलकीपर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड भी जीता था. कल्याण मोहन बागान और ईस्ट बंगाल दोनों के लिए खेल चुके हैं. अपने करियर के दौरान कल्याण गोवा की टीम सलगांवकर एफसी का भी हिस्सा रहे थे.

चौबे का चयन इंडियन फुटबॉल के लिए एक नई शुरुआत होगी. मई 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रफुल्ल पटेल और उनकी कमिटी को निलंबित कर दिया था. इसके साथ ही कोर्ट ने CoA (कमिटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स) का भी गठन किया था. इसी CoA के कामकाज को देखते हुए FIFA ने 'थर्ड पार्टी इनफ्लुएंस' कहकर AIFF को सस्पेंड कर दिया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने CoA को निरस्त किया और AIFF के कार्यकारी मुख्य सचिव ने कार्यभार संभाला. FIFA की मांग थी कि AIFF के चुनाव जल्द-से-जल्द करवाए जाएं.

और इन्हीं चुनावों में जीत दर्ज कर कल्याण चौबे ने प्रेसिडेंट की पोस्ट हासिल की.

# कौन हैं कल्याण चौबे?

कल्याण चौबे पश्चिम बंगाल से आते हैं. इस चुनाव में उन्हें गुजरात फुटबॉल असोसिएशन ने मनोनीत किया था. चौबे ने फुटबॉल करियर की शुरुआत टाटा फुटबॉल अकैडमी से की. इसके बाद वो मोहन बागान के प्लेयर बने. एक साल के बाद ही उन्होंने ईस्ट बंगाल जॉइन कर लिया. यहीं पर चौबे ने अपने क्लब करियर का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया.

चौबे ने इंडिया के लिए 1999 से लेकर 2006 के बीच कई मैच खेले. इसी दौरान उन्होंने दो SAFF चैंपियनशिप्स अपने नाम की. इसके साथ ही वो 1999 में साउथ एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे.

रिटायरमेंट के बाद भी कल्याण फुटबॉल से जुड़े रहे. 2011 से 2013 के बीच उन्होंने मोहन बागान की अकैडमी में काम किया. उन्होंने कई सारे ग्रासरूट्स प्रॉजेक्ट्स पर भी काम किया है. 2015 में कल्याण भाजपा से जुड़े. 2019 में उन्होंने कृष्णानगर से लोकसभा चुनाव लड़ा. त्रणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा ने कल्याण को हराया. कल्याण फिलहाल भाजपा के उत्तर कोलकाता जिला के अध्यक्ष हैं.

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