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बिल्डिंग गिराने में नहीं, बुलडोजर का इस काम में हो रहा है इस्तेमाल, किसी ने सोचा नहीं होगा!

बुलडोजर के साथ-साथ कंक्रीट मिक्सर का भी इस्तेमाल हो रहा है.

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भंडारे में हो रहा बुलडोजर का इस्तेमाल. (Twitter)
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रविराज भारद्वाज
18 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 18 नवंबर 2022, 06:54 PM IST)
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बुलडोजर आजकल काफी चर्चा में रहता है. ज्यादातर इस बात के लिए कि बुलडोजर (Bulldozer) का इस्तेमाल निर्माणों को गिराने में किया जाता है. हालांकि, एक जगह इसका इस्तेमाल बिल्कुल अलग तरह से किया गया है. ये जगह मध्य प्रदेश के भिंड में है और बुलडोजर की चर्चा एक भंडारे की वजह से हो रही है. 

दरअसल, इस समय दंदरौआ धाम में एक विशाल भंडारे का आयोजन हो रहा है. जिसमें बड़ी संख्या में लोग हर दिन खाना खा रहे हैं. इसकी व्यवस्था में हजारों लोग लगे हुए हैं. इस बीच दिक्कत ये आई कि इतने बड़े स्तर पर खाना बने कैसे. ऐसे में काम आया बुलडोजर और सीमेंट घोलने वाला मिक्सर.

कैसे काम आ रहा बुलडोजर?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दंदरौआ धाम मे 'सियपिय' मिलन समारोह आयोजित किया गया है. साथ ही बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री कथा भी सुना रहे हैं. जहां आयोजन में हिस्सा लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है. ये आयोजन काफी बड़े पैमाने पर है और काफी लोग यहां हिस्सा ले रहे हैं. ऐसे में जल्द से जल्द, ज्यादा खाना बनाने के लिए भंडारे में जेसीबी मशीन से लेकर कंक्रीट मिक्सर तक का उपयोग किया जा रहा है. खाना बनाने के लिए लोग शिफ्ट में काम कर रहे हैं. 

रिपोर्ट्स के अनुसार, भंडारे की शुरुआत सुबह के नाश्ते से होती है. जहां प्रतिदिन 20 क्विंटल पोहा और 8 क्विंटल सूजी का उपयोग करते हुए सुबह का नाश्ता तैयार किया जा रहा है. वहीं दोपहर के भंडारे में सब्जी, पूड़ी और मालपुआ परोसा जा रहा है. आयोजन स्थल पर गंगा और जमुना नाम के दो बड़े कड़ाहे हैं. जिनमें 20 क्विंटल आलू की सब्जी बनती है. इसे जेसीबी मशीन की मदद से ट्रॉली में डालकर लोगों को परोसा जाता है. 

इधर बुलडोजर का उपयोग आलू को मसलने में भी किया जा रहा है. जबकि कंक्रीट मशीन की मदद से मालपुआ का घोल तैयार किया जाता है. इसके साथ ही यहां कई कड़ाहियों का भी उपयोग किया जा रहा है. इससे काफी समय की बचत भी की जा रही है.

वीडियो- बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने UP सरकार से क्या कह दिया?

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