बुमराह क्यों बेस्ट हैं? ICC टेस्ट रैंकिंग सबूत है
24 जून 2026 को ICC ने ताजा रैंकिंग निकाली. इसमें बॉलिंग में Jasprit Bumrah के बराबर Matt Henry पहुंच गए हैं. वो ICC रैंकिंग में नंबर एक पेसर बनने वाले न्यूजीलैंड के सिर्फ तीसरे बॉलर हैं.

सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा. इन सबमें एक बात कॉमन है. इन्हें पूरे इंडिया में सेलिब्रेट किया जाता है. लेकिन, क्या हम इसी तरह जसप्रीत बुमराह को सेलिब्रेट करते हैं? ये सवाल खुद से पूछने की जरूरत है. क्योंकि वर्ल्ड का नंबर एक टेस्ट गेंदबाज बने रहना वो भी एक पेसर का. लगभग दो साल तक. कोई साधारण बात नहीं है.
नवंबर 2024 से ICC रैंकिंग में जसप्रीत बुमराह इस लिस्ट के अनडिस्प्यूटेड किंग बने हुए हैं. 24 जून 2026 को नई लिस्ट आई है. बुमराह अब अनडिस्प्यूटेड नहीं हैं. मैट हेनरी भी इस सूची में टॉप पर उनके बराबर पहुंच गए हैं. दोनों के 870 रेटिंग पॉइंट्स हो गए हैं. ये उपलब्धि हेनरी और न्यूजीलैंड क्रिकेट के लिए कितनी बड़ी है, वो इतिहास देखकर पता लग जाता है.
हेनरी ने 36 साल का इंतज़ार खत्म कियान्यूजीलैंड क्रिकेट के लिए हेनरी की ये उपलब्धि बहुत बड़ी है. वो 36 साल में पहले पेसर बन गए हैं, जो टेस्ट रैंकिंग की चरम पर पहुंचा हो. उनसे पहले अंतिम बार ये कारनामा सर रिचर्ड हैडली ने किया था. साल था 1990. हेनरी से पहले अब तक सिर्फ दो कीवी बॉलर्स हुए हैं, जो टेस्ट में नंबर एक बॉलर बने हैं. रिचर्ड हैडली, जो साल 1984 से 1990 तक टॉप पर थे. दूसरे जैक कॉवी. उन्होंने 1947 में ये कारनामा किया था.
वहीं, भारत के क्रिकेट इतिहास में ये कारनामा अब तक एक ही बॉलर कर पाया है. नाम है जसप्रीत बुमराह. बुमराह नवंबर 2024 से अब तक इस लिस्ट में टॉप पर बने हुए हैं. इसी वजह से वो सवाल दिमाग में कौंधता है. क्या हम जसप्रीत बुमराह को उतना सेलिब्रेट करते हैं. क्योंकि उनके अचीवमेंट्स भी उतने ही असाधारण हैं, जितने उन दिग्गजों के जिन्हें हम अपने देश में पूजते हैं.
बुमराह को पीछे छोड़ सकते हैं हेनरीवहीं, मैट हेनरी की बात करें तो, उन्होंने रैंकिंग में ये छलांग इंग्लैंड सीरीज के दूसरे टेस्ट के बाद लगाई है. इंग्लैंड के द ओवल में खेले गए इस मुकाबले में हेनरी ने 109 रन देकर कुल 11 विकेट निकाले थे. पहली इनिंग्स में उन्होंने 80 रन देकर 5 विकेट झटके थे. वहीं, दूसरी इनिंग्स में 29 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे. उनके इस शानदार स्पैल के दम पर ही कीवियों ने पहले टेस्ट में पिछड़ने के बाद दूसरा टेस्ट 253 रनों से जीतकर सीरीज को बराबरी पर पहुंचाया था.
हेनरी और बुमराह दोनों हाल के सालों में अलग ही फॉर्म में नज़र आए हैं. 2022 की शुरुआत के बाद से सिर्फ दो पेसर्स हुए हैं, जिन्होंने 100 से ज़्यादा टेस्ट विकेट लिए हैं. औसत 20 से कम है. मैट हेनरी और जसप्रीत बुमराह. अब ट्रेंट ब्रिज में अगर हेनरी अपना ओवल वाला प्रदर्शन दोहराते हैं तो वो बुमराह से आगे भी निकल जाएंगे.
वैसे भी नॉटिंघम को फास्ट बॉलिंग पैराडाइज माना जाता है. 25 जून को जब हेनरी हाथ में रेड चेरी लेकर उतरेंगे तो इतिहास रचने का मौका होगा. वो इस टाई को ब्रेक करते हुए नंबर एक टेस्ट बॉलर भी बन जाएंगे. बुमराह जो पिछले दो साल से टीम इंडिया को अकेले अपने कंधे पर ढो रहे हैं. शायद चुपचाप वर्ल्ड नंबर दो टेस्ट बॉलर भी बन जाएं. लेकिन, भारत में करियर का एक चौथाई टेस्ट खेलने के बावजूद बतौर पेसर 19.79 का औसत बनाए रखना कोई साधारण बात नहीं है. इसलिए जितना हम विराट, धोनी, रोहित और सचिन को सेलिब्रेट करते हैं. जरूरी है कि बुमराह को भी उतना ही सेलिब्रेट करें.
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