सेंचुरी के लिए क्यों नहीं गए संजू सैमसन? भारतीय विकेटकीपर बैटर ने बड़ी बात बताई
संजू की पारी और बाकी बल्लेबाजों की कोशिशों से भारत ने 253 रन बनाए. उन्होंने तूफानी पारी में 89 रन की पारी खेली. इस पारी में उन्होंने 8 चौके और सात छक्के लगाए.

भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ जीत हासिल की और फाइनल में जगह पक्की की. एक बार फिर संजू सैमसन (Sanju Samson) ने जबरदस्त बैटिंग की. उन्होंने तूफानी पारी खेलते हुए 89 रन बना दिए. इस पारी में उन्होंने 8 चौके और सात छक्के लगाए. इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. हालांकि, संजू को लगता है कि यह अवॉर्ड उनसे ज्यादा जसप्रीत बुमराह डिजर्व करते थे. संजू ने यहां अपनी रणनीति के बारे में बात की और यह भी बताया कि वह 89 रन के स्कोर पर भी सेंचरी का क्यों नहीं सोच रहे थे?
सैमसन के लिए शतक जरूरी नहींसंजू सैमसन ने माना कि शुरुआत में उन्हें जो जीवनदान मिला उन्होंने उसका पूरा फायदा उठाने का मन बना लिया. अपनी पारी के बारे में उन्होंने कहा,
“बहुत अच्छा लग रहा है. सच कहूं तो, मुझे पता था कि पिछले मैच से मेरी फॉर्म अच्छी हो गई है, इसलिए मैंने सोचा कि मुझे इसे जारी रखना होगा. मुझे लगता है कि अपने देश के लिए महत्वपूर्ण मैचों में फॉर्म पाना आसान नहीं होता, इसलिए मैंने सोचा कि बड़ा मैच है, मुझे अपनी बल्लेबाजी का पूरा फायदा उठाना होगा. इसलिए मैंने खुद को अतिरिक्त समय दिया. मैंने अपनी पारी का थोड़ा हिसाब लगाया. मैंने अच्छी तैयारी की थी और मुझे लगता है कि सब कुछ अच्छा रहा. शुरुआत में थोड़ा भाग्य का साथ मिला और फिर मैं बस इसे जारी रखना चाहता था.”
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संजू 89 के स्कोर पर जाकर भी सेंचुरी के बारे में नहीं सोचा. इसे लेकर जब संजू से सवाल हुआ तो उन्होंने कहा,
“मुझे नहीं लगता. शतक, आप असल में बना नहीं सकते. यह तो खेल की प्रक्रिया में आता है. यह कोई टेस्ट मैच नहीं है, न ही कोई वनडे मैच है जहां आप उतार-चढ़ाव देख सकते हैं. एक बार अच्छी शुरुआत मिल जाए, तो पहले बल्लेबाजी करनी होती है. कोई दूसरा रास्ता नहीं है. आपको बस लगातार मेहनत करते रहना होता है.”
बुमराह को बताया अवॉर्ड का हकदारसंजू की पारी और बाकी बल्लेबाजों की कोशिशों से भारत ने 253 रन बनाए. लेकिन, इसे चेज करते हुए इंग्लैंड के पसीने छूट गए. ऐसे में जसप्रीत बुमराह डेथ ओवर में दो किफायती ओवर डालकर भारत की मुश्किलें कम की. उन्होंने कहा,
“यह अवॉर्ड सच में जसप्रीत बुमराह को मिलना चाहिए. अगर हमने डेथ ओवरों में उस तरह से गेंदबाजी नहीं की होती, तो मुझे लगता है कि मैं यहां खड़ा नहीं होता. इसका पूरा श्रेय गेंदबाजों को जाता है, जिस तरह से उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में खुद पर भरोसा रखा.”
संजू सैमसन यह मैच देखने आए फैंस के मुरीद हो गए. उन्होंने दर्शकों की जमकर तारीफ की. संजू ने कहा कि मैदान पर मौजूद लोग सच्चे फैंस थे और वह दोनों टीमों को चीयर कर रहे थे.
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