पटौदी की एक टिप और सहवाग ने मारी डबल सेंचुरी
सहवाग पहुंचे अपने कॉलेज. वहां बने स्टेडियम में पवेलियन का नाम सहवाग के ऊपर है. पुराने दिनों को याद करते हुए सहवाग न बताये किस्से.
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फोटो - thelallantop
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वीरेंद्र सहवाग. पूरे दिल्ली में कहीं कोई कॉलेज उनका एडमिशन नहीं कर रहा था. सहवाग स्कूल खतम कर चुके थे. तब उन्हें जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी ने अपने यहां जगह दी. सहवाग वहां पढ़े. पढ़े क्या, बस खेले. खुद कहते हैं कि वहां मैं खेलता था. यूनिवर्सिटी के ग्राउंड में. लेक्चर मिस करते रहते थे. लेकिन उसके बावजूद कॉलेज के वीसी ने उन्हें एग्ज़ाम देने की परमीशन दी. सहवाग कहते हैं कि 'मैं इस यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहला स्टूडेंट हूं जिसे थर्ड डिवीज़न आने पर भी पूरी यूनिवर्सिटी के सामने डिग्री दी गयी. ऐसा कुछ टीचर्स की बदौलत ही हुआ है कि मैं खुद को ग्रेजुएट कह सकता हूं.'
सहवाग 14 मई को जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में मौजूद थे. वहां बने नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन मंसूर अली खान पटौदी की पत्नी शर्मिला टैगोर ने किया. जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी की यूनिवर्सिटी के नए बने कॉम्प्लेक्स को मंसूर अली खान पटौदी का नाम दिया गया. साथ ही वहां के क्रिकेट स्टेडियम में एक पवेलियन का नाम 'वीरेन्द्र सहवाग पवेलियन' रखा गया.
सहवाग काफी खुश मन से कहते हैं 'ये मेरे लिए एक बहुत बड़ा सम्मान है. मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक पवेलियन को मेरा नाम दिया जायेगा. वो भी उसी यूनिवर्सिटी में जहां से मैं पढ़ के पास हुआ हूं. हालांकि डीडीसीए ने मेरे नाम पर फ़िरोज़ शाह कोटला में एक स्टैंड का नाम रखा था लेकिन वो मात्र एक टेस्ट मैच के लिए था. ये ताउम्र वीरेंद्र सहवाग पवेलियन ही कहलाएगी. जब तक जामिया में ये स्टेडियम रहेगा. तब तक.'
मंसूर अली खान पटौदी के बारे में बताते हुए सहवाग ने एक दिलचस्प किस्सा भी कह सुनाया. 'मैं पटौदी जी से सिर्फ दो बार ही मिला. 2006 में मैं एक ख़राब दौर से गुज़र रहा था. लेकिन कार में उनके साथ एक छोटी सी ड्राइव ने मेरे लिए सब कुछ बदल दिया. मैंने उनसे पूछा कि क्या वो मुझे खेलते हुए देख चुके हैं? उन्होंने कहा कि हां देखा है. मैंने उनसे पूछा कि मुझे बेहतर करने के लिए क्या करना चाहिए? क्या वो मुझे कुछ टिप्स देना चाहेंगे? उसपर उन्होंने बताया कि मुझे अपने बैटिंग स्टांस में थोड़ा सा बदलाव करना होगा. शॉट मरते वक़्त मुझे मेरे लेफ़्ट पैर को थोड़ा सा और खोलना होगा. मैंने उनकी राय को फॉलो किया और अगले मैच में मैंने डबल सेंचुरी मारी.'

