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सचिन तेंदुलकर से बेहतर हैं वैभव सूर्यवंशी?

वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा हैं. क्रिकेट फैंस अक्सर वैभव सूर्यवशी की तुलना सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) से करते हैं.

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Vaibhav Sooryavanshi, Vaibhav Sooryavanshi vs Sachin Tendulkar
वैभव सूर्यवंशी तीन सेना कंट्री के खिलाफ शतक लगा चुके हैं. (फोटो- PTI और India Today)
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ओम प्रकाश
13 जनवरी 2026 (Updated: 13 जनवरी 2026, 06:29 PM IST)
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क्रिकेट का उभरता सितारा वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi). जिसकी बैटिंग पावर के आगे बड़े-बड़े बॉलर कांप जाते हैं. जिसने अपनी बल्लेबाजी से दुनियाभर के करोड़ों क्रिकेट फैंस को अपना मुरीद बना लिया. IPL 2025 में उनके बल्ले की आंधी में दिग्गज बॉलर्स की गेंदें हवा में उड़ती नजर आईं. बीते साल अप्रैल और मई में सूर्यवंशी घर-घर में फेमस हो गए. समस्तीपुर से ताल्लुक रखने वाला बिहार का यह लाल बेखौफ बैटिंग करने में यकीन रखता है. करीब एक साल में देखा जाए, तो हर फॉर्मेट में सूर्यवंशी के बल्ले से रनों का सैलाब निकला है. 

महज 14 साल की उम्र और इतनी खतरनाक बैटिंग, सोचकर यकीन नहीं होता. IPL करियर के पहले मैच की पहली बॉल पर छक्का जड़ देना, दिलेरी का काम है. कुछ ही मैचों बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 बॉल पर सेंचुरी लगा देना, किसी करिश्मे से कम नहीं. बेशक वैभव सूर्यवंशी आने वाले समय के स्टार हैं. पिछले कुछ महीनों में वह इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका में भी अपनी बैटिंग की चमक बिखेर चुके हैं. 

इससे पहले वह कौन टीनेजर था जिसने सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) की तरह वर्ल्ड क्रिकेट को चौंकाया हो? शायद आपके माइंड में भी वैभव सूर्यवंशी का ही नाम आ रहा होगा. जाहिर है क्रिकेट फैंस अक्सर सचिन से सूर्यवंशी की तुलना करते हैं. लेकिन सचिन से वैभव की तुलना करना कितना जायज है, हम इस बहस से दूर हैं. इस आर्टिकल में हम आपको इन दोनों क्रिकेटर्स की कुछ दिलचस्प बातें बताते हैं.

2024 गूंजी बल्ले की धमक

वैभव सूर्यवंशी ने 12 साल की उम्र में रणजी में डेब्यू किया था. साल 2024 में वह सुर्खियों में उस वक्त आए, जब ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के खिलाफ 58 गेंद पर सेंचुरी जड़ी. यूथ टेस्ट के इतिहास में किसी इंडियन बैटर की यह सबसे फास्टेस्ट सेंचुरी थी. यही कारण था कि राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2025 के ऑक्शन में उन्हें 1 करोड़ 10 लाख रुपये में साइन किया. वैभव सूर्यवंशी अभी 15 साल के नहीं हैं. करंट एज देखें तो वह 14 साल 292 दिन के हैं. लेकिन, वह लगातार रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा रहे हैं. वह SENA कंट्रीज में से तीन के खिलाफ शतक लगा चुके हैं.

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सचिन के सामने सूर्यवंशी

मौजूदा समय में वैभव सूर्यवंशी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं और उनकी तुलना सचिन तेंदुलकर से बढ़ती जा रही है. मुमकिन है वह आने वाले वक्त में सचिन के पास पहुंच सकते हैं. ‘क्रिकेट का भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेदुलकर ने 16 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू किया था. इतनी सी उम्र में सचिन ने वसीम अकरम और वकार यूनुस को कराची में फेस किया. सूर्यवंशी में वे सभी लक्षण दिखते हैं जो किसी बल्लेबाज के एक दिन महान बनने का संकेत देते हैं. फिर भी, सूर्यवंशी अभी सचिन जैसे नहीं हैं. सचिन अलग तरह के खिलाड़ी थे. यह सूर्यवंशी के साथ नाइंसाफी है कि उनकी तुलना मास्टर ब्लास्टर से की जा रही है.

सचिन स्टाइलिश खिलाड़ी थे. सचिन और सूर्यवंशी में एक बड़ा अंतर यह है कि तेंदुलकर ने 16 साल की उम्र में टेस्ट खेलकर अपना नाम कमाया. इतनी कम उम्र में सचिन को मुश्किल हालात में डाल दिया गया था. उन्होंने कराची में वसीम अकरम, वकार यूनुस और इमरान खान का सामना किया. सचिन का टैलेंट इतना जबरदस्त था कि पाकिस्तान की इस पेस तिकड़ी ने उनकी बैटिंग परफेक्शन के संकेत दे दिए थे.

वहीं, अगर वैभव सूर्यवंशी की बात की जाए तो उन्होंने अभी इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया है. उनकी सक्सेस ज्यादातर व्हाइट बॉल क्रिकेट में आई है. जहां तक बड़े मैचों की बात है, तो सूर्यवंशी अभी अपने आपको साबित नहीं कर पाए हैं. द राइजिंग एशिया कप फाइनल और अंडर-19 एशिया कप फाइनल में उनका बल्ला खामोश रहा था.

14 साल में सचिन ने कपिल देव का सामना किया

जब सचिन की उम्र महज 14 साल थी, तब टीम इंडिया के कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने उन्हें नेट पर बुलाया. यह स्टोरी ज्यादातर लोगों को पता है. वेंगसरकर ने कपिल देव से कहा कि इस युवा लड़के को वह पूरी दमखम के साथ बॉलिंग करें. कपिल शुरुआत में थोड़ा हिचकिचाए, लेकिन बाद में उन्होंने पूरा जोर लगाकर बॉलिंग की. सचिन ने कपिल देव की गेंदों पर शानदार शॉट्स लगाए थे. कपिल देव के खिलाफ इस प्रदर्शन के चलते सचिन को रणजी ट्रॉफी में मौका मिला था. 

सूर्यवंशी भी अपनी बैटिंग से कमाल कर रहे हैं. लेकिन इस कमाल को वो सालों तक कायम रख पाएंगे या नहीं, ये देखना दिलचस्प होगा. सचिन तेंदुलकर ने ये कमाल करीब ढाई दशक तक करके दिखाया.

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