ईरान की फुटबॉल टीम का ट्रंप को जवाब, कहा- 'अमेरिका को विश्व कप से बाहर करो'
टीम ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट में तंज करते हुए यह भी कहा कि अगर सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती, तो शायद अमेरिका की टीम को ही टूर्नामेंट से बाहर कर देना चाहिए.

ईरान फीफा वर्ल्ड कप में खेलेगा या नहीं यह अब भी साफ नहीं है. अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाड़ियों की सुरक्षा की गारंटी लेने से इनकार कर दिया था. इसके बाद ईरानी सरकार की तरफ से कहा गया था कि उनकी टीम अमेरिका में होने वाले फीफा विश्व कप में हिस्सा नहीं लेगी. लेकिन अब ईरान की फुटबॉल टीम का बयान आया है. उसने कहा है कि ईरान को फीफा विश्व कप से ‘कोई भी बाहर नहीं कर सकता.’
ट्रंप ने नहीं ली खिलाड़ियों की सुरक्षा की गारंटीटीम ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट में तंज करते हुए यह भी कहा कि अगर सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती, तो शायद अमेरिका की टीम को ही टूर्नामेंट से बाहर कर देना चाहिए.
इस रिएक्शन के पीछे डॉनल्ड ट्रंप ही वजह हैं. उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा,
''मौजूदा युद्ध के बावजूद ईरान की टीम का विश्व कप में स्वागत है, लेकिन मुझे सच में नहीं लगता कि उनकी जान और सुरक्षा के लिहाज से उनका वहां होना सही है.''
अब ईरान की टीम ने ट्रंप के बयान पर रिएक्शन दिया है. उसने इस बात पर भी जोर दिया कि टूर्नामेंट का संचालन फीफा करता है, न कि ट्रंप या अमेरिका. पोस्ट में कहा गया,
''वर्ल्ड कप एक ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है और इसका संचालन किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि फीफा द्वारा होता है. निश्चित रूप से कोई भी ईरान की राष्ट्रीय टीम को विश्व कप से बाहर नहीं कर सकता. बाहर वही देश हो सकता है जो केवल मेजबान का दर्जा रखता हो, लेकिन उसमें ग्लोबल आयोजन में भाग लेने वाली टीमों को सुरक्षा देने की क्षमता न हो.''
ट्रंप ने कई बार बदले बयानफीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी अमेरिका के अलावा मैक्सिको और कनाडा के पास है. हालांकि ईरान के सारे ग्रुप राउंड मैच अमेरिका में ही शेड्यूल किए गए हैं. टूर्नामेंट कार्यक्रम के अनुसार ईरान को 15 जून को कैलिफोर्निया में न्यूजीलैंड के खिलाफ और 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ खेलना है. इसके बाद 26 जून को सिएटल में ग्रुप चरण का अंतिम मैच मिस्र से होगा.
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इस मुद्दे पर ट्रंप के बयान भी अलग-अलग रहे हैं. पिछले हफ्ते उन्होंने कहा था, “मुझे सच में फर्क नहीं पड़ता कि ईरान खेले या नहीं." लेकिन मंगलवार को व्हाइट हाउस में जियानी इंफैनटिनो से मुलाकात के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि ईरान की टीम का स्वागत है. अब एक बाऱ फिर वह पलट गए हैं.
ईरान एशियाई फुटबॉल में एक मजबूत टीम मानी जाती है और फीफा की विश्व रैंकिंग में वह 20वें स्थान पर है. टीम ने लगातार चौथी बार विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया है.
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