विराट-गंभीर की लड़ाई टीवी पर दिखाकर बहुत अच्छा किया गया!
गंभीर-विराट मामले पर ये पक्ष सुनिए.

विराट कोहली और गौतम गंभीर. साल 2011 के वर्ल्ड कप विनर्स और टीम इंडिया के मौजूदा और पूर्व सदस्य. दोनों ही दिल्ली से आते हैं. हालांकि इनके बीच के रिश्ते बहुत अच्छे नहीं हैं. दोनों कई बार मैदान पर भिड़ चुके हैं. इसी महीने की पहली तारीख को भी दोनों के बीच भिड़ंत हो गई थी.
लखनऊ सुपरजाएंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच हुए लीग मैच के बाद दोनों के बीच हुई बहस ने बहुत चर्चा बटोरी. पिच पर अग्रेशन दिखाने के लिए मशहूर इन दोनों प्लेयर्स ने मैच के बाद काफी बहस की थी. और इसके चलते दोनों पर पेनल्टी भी लगी थी. और अब इस पर पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कॉमेंट किया है.
# Ravi Shastri on Gambhir Viratशास्त्री का मानना है कि थोड़ी-बहुत बकझक तो चलती है. लेकिन इसे लाइन नहीं क्रॉस करना चाहिए. और अगर ये लाइन क्रॉस करे तो मैच रेफ़री इससे डील करें. शास्त्री ने क्रिकइंफ़ो से कहा,
इस बहस पर बहुत सारी बातें हुई थीं. और इन बातों में एक बात ये भी थी कि गंभीर और कोहली जैसा कद के प्लेयर्स को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए. क्योंकि इससे आने वाली पीढ़ी को गलत संदेश जाता है. और इस बहस को टीवी पर नहीं दिखाया जाना चाहिए था.
हालांकि शास्त्री इससे उल्टा सोचते हैं. उनका मानना है कि ये दिखाया जाना जरूरी था. इससे इसमें शामिल पक्ष अपने व्यवहार को खुद जज कर पाएंगे. शास्त्री ने कहा,
बात दें कि इस बहस के बाद गंभीर और कोहली पर 100 परसेंट मैच फीस का फाइन लगा था. जबकि इसी में शामिल नवीन उल हक़ पर मैच फीस का 50 परसेंट फाइन लगाया गया था. और इस घटना के बाद से लखनऊ की टीम और नवीन को एक से ज्यादा बार कोहली-कोहली के नारे सुनने पड़े हैं.
वीडियो: हैरी टेक्टर ने ऐसा क्या किया कि विराट, रोहित, बटलर जैसे दिग्गज़ पिछड़ गए

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