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कोरोना से जंग में शिखर धवन और जयदेव उनादकट ने किया दिल जीत लेने वाला काम

आगे आए क्रिकेटर्स.

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Covid-19 के खिलाफ लड़ाई में Jaydev Unadkat और Shikhar Dhawan ने किया डोनेट (पीटीआई फाइल)
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सूरज पांडेय
30 अप्रैल 2021 (अपडेटेड: 30 अप्रैल 2021, 04:43 PM IST)
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शिखर धवन और जयदेव उनादकट. दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL2021 में खेल रहे भारतीय क्रिकेटर्स. इन दोनों क्रिकेटर्स ने कोरोना के खिलाफ जंग में अपना योगदान दिया है. शिखर धवन ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा,
'अभी हम अभूतपूर्व वक्त से गुजर रहे हैं, और यह वक्त की जरूरत है कि हम एक-दूसरे की मदद के लिए हरसंभव कोशिश करें. सालों साल तक मुझे आप सभी से अतुल्य प्रेम और समर्थन मिला है, जिसके लिए मैं हमेशा ही आपका आभारी रहूंगा. अब मेरी बारी है कि मैं इस देश के लोगों को कुछ वापस दूं.
मैं मिशन ऑक्सीजन के जरिए ऑक्सीजन की जरूरत को फंड करने के लिए 20 लाख रुपये और IPL2021 के दौरान मिलने वाले इंडिविजुअल परफॉर्मेंस अवॉर्ड्स से आने वाली सारी रकम दान करता हूं. मैं अतुल्य सेवा के लिए कभी ना थकने वाले सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स को धन्यवाद देता हूं. हम हमेशा ही आपके कर्ज़ में रहेंगे.
मैं सभी लोगों से सभी हेल्थ प्रोटोकॉल फॉलो करने की अपील करता हूं. मास्क पहनिए, सैनेटाइजर का प्रयोग करिए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करिए. प्लीज बाहर तभी निकलें जब बेहद जरूरी हो. साथ मिलकर हम जीतेंगे.'
शिखर से पहले जयदेव उनादकट ने IPL2021 की अपनी सैलरी का 10 परसेंट दान करने की घोषणा की थी. उनादकट ने ट्विटर पर लिखा,
'मैं अपनी IPL सैलरी का 10 परसेंट जरूरतमंद लोगों को जरूरी मेडिकल सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में दान कर रहा हूं. मेरा परिवार इस बात को पक्का करेगा कि यह सही जगह पहुंचे. जय हिंद.'
अपने इसी ट्वीट में शेयर किए गए वीडियो संदेश में उनादकट ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा,
'हमारा देश एक बड़े संकट से गुजर रहा है. और इसे देखते हुए मुझे पता है कि ऐसे माहौल में भी क्रिकेट खेलने का मौका पाने वाले हम कितने विशेषाधिकार वाले लोग हैं. मुझे ये भी पता है कि एक पर्सनल लॉस और अपने क़रीबी लोगों को उनकी जिंदगी के लिए जूझते देखना कितना दर्दनाक और चिंतित करने वाला हो सकता है.
मैं यह नहीं कह रहा कि ऐसे पलों में क्रिकेट खेलना सही या गलत है. लेकिन ईमानदारी से कहूं तो ऐसे हाल में परिवार से दूर रहना मुश्किल है. जैसे भी हो सके, हमें एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए, मैं भी अपने हिस्से का योगदान कर रहा हूं.'

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