ये बंदे ना सुधरे तो बार-बार कहना पड़ेगा- KKR फिर गई हार
ये टीम हारने के लिए ही खेलती है क्या?
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एक बार फिर से खेत रही KKR की Batting (पीटीआई फोटो)
KKR, फिर गई हार. साढ़े 16 करोड़ी बोलर को फिर से पड़ी मार. क्रिस मॉरिस ले गए विकेट चार. मॉर्गन के कुल हारे मैच हो गए चार. अरे! ये तो कविता होती जा रही है. लेकिन क्या करें दर्द और खुशी दोनों व्यक्त करने में कविता बहुत काम आती है. और हम KKR फैंस के दर्द को हल्का करने के चक्कर में कवि हुए जा रहे थे. लेकिन नहीं. Lest get back to the work.
और काम हमारा आपको पता ही है. वानखेडे में राजस्थान ने कोलकाता को छह विकेट से हराया. और स्कोरबोर्ड देखें तो मैच के दोनों हाफ में कोलकाता की की टीम राजस्थान से पीछे ही दिखी. यानी टोटल डॉमिनेशन दिख रहा होगा. लेकिन इस हार में RR से ज्यादा KKR का रोल है. ये लोग जाने क्या खाकर IPL खेल रहे हैं. हर बार एक जैसी गलती दोहराते हैं. मतलब कुछ सीखना ही नहीं.
इंसान अपनी गलतियों से सीखता है, चैंपियन दूसरों की गलतियों से सीखते हैं और मॉर्गन रह-रहकर आंखें मींचते हैं. अब इतनी बातें देखने के बाद आप सोच रहे होंगे- फैक्ट कहां हैं. तो चलिए शुरू से शुरू करते हैं.
# इस Gill का क्या करें?
शुभमन गिल. भारतीय क्रिकेट का भविष्य. निश्चित तौर पर वह आने वाले कई सालों तक टीम इंडिया के लिए रन बनाएंगे. और नेशनल साइड के लिए बनाएंगे तो फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी रन आने तय ही हैं. लेकिन अभी गिल बहुत बुरे वक्त से गुजर रहे हैं. इस साल की पांच पारियों में उनके नाम कुल 80 रन हैं. और स्ट्राइक रेट 121 का.
कोलकाता के लिए इस सीजन सबसे कम रन बनाने वालों की लिस्ट में उनसे नीच सिर्फ एक बल्लेबाज है- ऑयन मॉर्गन. यहां तक कि पैट कमिंस भी इन दोनों से ज्यादा रन बना चुके हैं. ऐसे में मैनेजमेंट उन्हें ब्रेक ना देकर अपना ही नुकसान कर रहा है. गिल को बैक टू बेसिक्स की सख्त जरूरत है और इसके लिए उन्हें काफी मेहनत भी करनी होगी. और जब तक ऐसा नहीं होता- KKR तो हारेगी ही.
# कैसा ये CAP है?
ऑयन मॉर्गन. वर्ल्ड कप विनर कप्तान. बीते सीजन बुरी शुरुआत के बाद दिनेश कार्तिक की जगह मॉर्गन ने ली थी. हालांकि इस बदलाव से कोई फायदा होता नहीं दिख रहा. पिछले सीजन टीम पांचवें नंबर पर थी और इस बार भी हाल बुरा ही है. इस बार कप्तानी में मॉर्गन के फैसलों ने तो कई दिग्गजों को भी चौंका दिया है.
मॉर्गन ने RCB के खिलाफ अपने पहले ही ओवर में दो विकेट निकालने वाले वरुण चक्रवर्ती को दूसरा ओवर पावरप्ले के बाद दिया. इस फैसले से KKR के पूर्व कप्तान गौतम गंभीर बुरी तरह भड़क गए थे. साथ ही बल्ले से भी मॉर्गन कुछ नहीं कर पा रहे. इस सीजन पांच मैचों में उन्होंने सिर्फ 40 रन बनाए हैं वो भी 112 की स्ट्राइक रेट से. मॉर्गन का हर मोर्चे पर फेल होना इस बार KKR को बहुत भारी पड़ रहा है.
# Management कहां है?
पहले टीवी पर ऐड आता था- TASTE कहां है? इसे थोड़ा सा मोड़ें तो मामला KKR पर सेट हो जाता है. इस टीम के कोच ब्रेंडन मैकलम CPL की डिफेंडिंग चैंपियंस त्रिनबागो नाइट राइडर्स के भी कोच हैं. साल 2020 में इस टीम ने एक भी मैच हारे बिना कैरेबियन प्रीमियर लीग जीती थी. लेकिन IPL में आने के बाद मैकलम की सारी टैक्टिक्स उनकी नोटबुक में ही रह जाती है. मैदान पर कुछ नहीं दिखता
आंद्रे रसल चीख-चीखकर कहते हैं कि उन्हें खेलने के लिए ज्यादा गेंदें चाहिए. लेकिन टीम सुनती ही नहीं. पैट कमिंस लगातार रन लुटा रहे हैं और टीम उनकी बैटिंग का आनंद ले रही. सुनील नरेन की कमजोरी पूरी दुनिया को पता है लेकिन KKR अब भी उनपर दांव खेलती ही जा रही है. DK आखिरी के ओवर्स में सबसे खतरनाक होते हैं लेकिन उन्हें पहले ही उतार दिया जाता है.
राहुल त्रिपाठी 142 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं. रेगुलर ओपनर हैं, लेकिन उन्हें तीसरे नंबर पर उतारा जा रहा है. शाकिब अल हसन जैसे प्लेयर को बैटिंग में इतना नीचे उतारने से आपकी टीम का फायदा तो नहीं होगा, सामने वाली का भले हो जाए. बीते सीजन कमाल की बोलिंग करने वाले लॉकी फर्ग्युसन के लिए टीम में जगह ही नहीं बन रही. कुल मिलाकर इस टीम का मैनेजमेंट हमें तो नहीं दिख रहा. आपको दिख रहा हो तो कमेंट्स में बताएं.

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