किस वजह से बार-बार हार रही है पंजाब, पॉइंट नंबर 1 ज़्यादा बड़ा है!
ये आंकड़ें देख लें तो पंजाब फैंस की आंखें खुल जाएंगी.
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केएल राहुल और गेल. (पीटीआई फोटो)
पंजाब किंग्स की टीम नाम बदलकर आईपीएल सीज़न 2021 खेलने उतरी है. लेकिन नाम बदलने के बावजूद केएल राहुल, क्रिस गेल जैसे बड़े स्टार्स वाली इस टीम के फैंस के लिए ये साल बहुत अच्छा जाता नहीं दिख रहा.
टीम ने पहले छह मैचों में सिर्फ दो मैच जीते हैं और चार गंवा दिए हैं. लेकिन आखिर पंजाब की टीम इतना क्यों हार रही है. KKR के खिलाफ वो फिर से कैसे हार गई, इसपर थोड़ा सा ध्यान डालते हैं.
राहुल पर ज़रूरत से ज़्यादा निर्भर होना
पंजाब किंग्स का मैच नंबर 1. केएल राहुल 91 रन, टीम 221 रन.
पंजाब किंग्स का मैच नंबर 2, केएल राहुल पांच रन, टीम 106 रन.
मैच नंबर 3, केएल राहुल 61 रन, टीम 195 रन.
मैच नंबर 4, केएल राहुल चार रन, टीम 120 रन.
मैच नंबर 5, केएल राहुल 60 रन, दूसरी बैटिंग में टीम 132/1.
मैच नंबर 6. केएल राहुल 19 रन. टीम 123 रन.
ये कहानी है पंजाब किंग्स की कप्तान केएल राहुल पर डिपेंड होने की.
पंजाब की टीम इस सीज़न में कप्तान राहुल और टॉप थ्री पर ज़रूरत से ज़्यादा डिपेंड होती दिख रही है. जिसकी वजह से जब भी राहुल नहीं चलते तो टीम का बंटाधार हो जाता है.
KKR के खिलाफ पावरप्ले में धीमी शुरूआत
KKR के खिलाफ अहमदाबाद की विकेट पर बैटिंग करना इतना आसान नहीं था, मान लेते हैं. लेकिन कप्तान केएल राहुल ने खुद माना कि इस विकेट पर अगर 20 से 30 रन और बनते तो कहानी कुछ और हो सकती थी.
पावरप्ले में पंजाब की टीम ने महज़ 37 रन बनाए और सिर्फ एक विकेट गंवाया. पावरप्ले में, राहुल ने 20 गेंदों में 19, जबकि मयंक ने 16 गेंदों में 16 रन बनाए. पावरप्ले में इस तरह की शुरुआत के बाद टीम को पूरी पारी में कहीं भी मोमेंटम नहीं मिला. पावरप्ले में राहुल और मयंक दोनों की धीमी बैटिंग टीम के आड़े आ गई.
फ्लॉप मिडिल ऑर्डर
चलिए पावरप्ले में रन बनाना मुश्किल था. लेकिन उसके बाद भी आपके पास नौ विकेट बाकी थे. तब भी आपके किसी प्लेयर की नहीं चली. केकेआर के खिलाफ ही क्या, बाकी सारे मैचों में भी राहुल, मयंक, गेल के जाने के बाद बाकी बैट्समेन मुश्किल में दिख रहे हैं.
केकेआर के खिलाफ तो मिडिल ऑर्डर से हुड्डा ने 1, पूरन ने 19, ऑनरिकेज़ 2 और शाहरुख खान ने 13 रन बनाए.
यानि मिडिल ऑर्डर के इन स्पेशलिस्ट बल्लेबाज़ों ने टॉप ऑर्डर के जाने के बाद कुल जमा 35 रन दिए.
ये तो भला हो क्रिस जॉर्डन का. जो उन्होंने 18 गेंदों में 30 रन बना दिए. वरना मिडिल ऑर्डर के आसार देख तो बिल्कुल भी नहीं लग रहा था कि टीम इस बार 100 के पार भी जा पाएगी.
हमें लगता है कि अगर पंजाब अपनी बैटिंग की इन परेशानियों को दूर कर ले तो ये टीम वापसी कर सकती है.

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