आईपीएल 2019. मैच नंबर 37 और सामने थी वो टीम जिसने इस टूर्नामेंट में काफ़ी नामकमाया है. किंग्स इलेवन पंजाब. पंजाब का मैच था डेल्ही कैपिटल्स से. और इस मैच मेंएक मौका ऐसा आया जब एक छोटा-मोटा विवाद खड़ा हो गया. मामला था दूसरी इनिंग्स का जिबदिल्ली की टीम बैटिंग कर रही थी. 19वां ओवर चल रहा था. अभी-अभी दिल्ली का एक विकेटगिरा था. कोलिन इनग्राम को मोहम्मद शमी ने एक शानदार यॉर्कर मारी और उनका मिडलस्टंप ज़मीन सूंघ रहा था. अगली गेंद पर बैटिंग करने के लिए अक्षर पटेल आए थे. दिल्लीको जीतने के लिए 9 गेंदों पर 9 रन चाहिए थे. दिल्ली की टीम कोलैप्स करने के मामलेमें काफ़ी आगे है. पंजाब को एक विंडो ऑफ़ ऑपर्च्यूनिटी दिखाई दे रही थी. अक्षर पटेलने बॉल को बल्ले से मिलाया और रन लिया. उन्हें दूसरे रन की पूरी संभावना दिखाई देरही थी. वो नॉन स्ट्राइकिंग एंड पर पहुंचे और दूसरा रन लेने के लिए पलटे. जैसे हीवो पलटे और उन्होंने दूसरा रन लेने के लिए कदम बढ़ाया, उनके सामने शमी खड़े मिले.दोनों भिड़ गए. अक्षर पटेल इस टकराव को सुलटा कर क्रीज़ के लिए भागे. लेकिन उन्हेंपहुंचने में देर हो गई और वो रन-आउट हो गए. इसके बाद अक्षर पटेल ने ज़ाहिर किया किवो ख़ुश नहीं थे और उन्होंने शमी की ओर इशारा किया. शमी ने तुरंत ही बताया किउन्होंने कतई जान बूझ कर ऐसा नहीं किया और जो हुआ वो गलती से हुआ. अश्विन औरअम्पायरों के बीच में भी इसके बाद कुछ बातें हुईं और अश्विन ने अक्षर पटेल को वापसनहीं बुलाया. अक्षर पटेल लगभग झुंझलाते हुए वापस चले गए और दिल्ली का एक और विकेटगिर गया.The 19th over run-out drama https://t.co/FpXBZgO8au— The Lallantop (@TheLallantop) April 20, 2019 क्रिकेट में ऐसा अक्सर ऐसा होता हैऔर ये कोई नई बात नहीं है. सचिन तेंदुलकर भी एक दफ़ा शोएब अख्तर से टकरा कर और एकदफा ब्रेट ली से टक्कर बचाने के प्रयास में रन आउट हो चुके हैं. शोएब अख्तर वालेकेस में तो दंगा भड़क जाने के हालात हो गए थे और सचिन को जाकर दर्शकों को शांतकरवाना पड़ा था. शनिवार को हुए इस केस में शमी ने तुरंत ही ये क्लियर किया किउन्होंने कुछ भी जानबूझकर नहीं किया है और इसके बाद बात बहुत आगे नहीं बढ़ी. रीप्लेमें भी साफ़ दिखाई दे रहा था कि बॉलर और बैट्समैन, दोनों ही बॉल पर नज़र गड़ाए हुए थेऔर जब उन्होंने एक-दूसरे को देखा तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दोनों ऐसी सिचुएशनमें आ चुके थे जहां से टक्कर को अवॉइड करना नामुमकिन था.खैर, इस टूर्नामेंट में ये पहला मौका नहीं था जब पंजाब की टीम किसी अजीब चीज़ की वजहसे ख़बरों में रही हो. पहले मैच में रविचंद्रन अश्विन ने जॉस बटलर को नॉनस्ट्राइकिंग एंड पर रन आउट कर दिया था. काफ़ी कंट्रोवर्सी हो गई थी. विद्वानों मेंमतभेद हो गए थे. दुनिया दो हिस्सों में बंट गई थी. एक हिस्सा अश्विन को सही तोदूसरा ग़लत बता रहा था. इसके बाद एक और मैच हुआ. पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स का.इसमें नो-बॉल की कंट्रोवर्सी हुई. पंजाब को नो बॉल दी जा रही थी क्यूंकि आंद्रे रसलने एक थ्रो ठीक से नहीं पकड़ा और अम्पायर ने ओवर-थ्रो के 4 रन दे दिए. रसल का औरकेकेआर का कहना ये था कि ये थ्रो विकेट्स पर नहीं मारा गया था बल्कि एक कैज़ुअल थ्रोथा जिसमें जिस वक़्त बॉलर अपने रन-अप पर वापस जा रहा था, एक फील्डर दूसरे को बॉल देरहा था. लेकिन अम्पायर उनकी बात सुनने को राज़ी नहीं थे. इधर अश्विन बाउंड्री पर खड़ेहोकर चिल्ला रहे थे. वो जाकर रिज़र्व अम्पायर से बात करने लगे. जिस तरह से वो बात कररहे थे, उसे सिर्फ़ बात करना नहीं कहा जा सकता. वो काफ़ी एनिमेटेड थे. इसी मैच में एकऔर कांड हुआ था. इसमें भी आंद्रे रसल शामिल थे. शमी ने रसल को आउट कर दिया था.बोल्ड मारा. लेकिन नो-बॉल मिली. मालूम पड़ा कि सर्किल के अंदर सिर्फ़ 3 ही फील्डर थे.जबकि कम से कम 4 फील्डर तो होने ही चाहिए थे. रसल ने इसके बाद पंजाब कि बॉलिंग कोतोड़ कर रख दिया और 17 गेंदों में 48 रन बनाए. इन्हीं 48 रनों की बदौलत कोलकाता येमैच जीत गया था.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो- क्रिकेटर जहीर खान और सागरिका घाटगे की लव स्टोरी