आईपीएल 2019. 17वां मैच. मैच का 18वां ओवर. कुलदीप यादव 3 ओवर में 22 रन दे चुकेथे. अपने चौथे ओवर में जा रहे थे. सामने विराट कोहली खड़े हुए थे. कोहली ने 48गेंदों में 84 रन बनाए हुए थे. आरसीबी को इस पूरे टूर्नामेंट में हार ही नसीब हुईथी. उसे जीत की सख्त ज़रूरत थी. ऐसे में कोहली की ये इनिंग्स आरसीबी के लिए टॉनिक काकाम कर रही थी. कुलदीप यादव ने ओवर की पहली गेंद कोहली के ज़ोन में फ़ेंकी. टॉस कीहुई गेंद जो कि फ़ुल लेंथ थी. कोहली ने अपनी पूरी ताकत से बल्ले को गेंद से मिलाया.गेंद एक ही सेकण्ड में गोली बन गई. और जिस दिशा से आ रही थी, उसकी उल्टी दिशा मेंदौड़ पड़ी. सामने कुलदीप यादव ने हाथ लगा दिया. गेंद उनकी हथेली में जाकर कैद हो गई.बैंगलोर का सबसे बड़ा विकेट गिर चुका था. विराट कोहली एक और आईपीएल सेंचुरी से चूकचुके थे. कुलदीप यादव एक शानदार कैच ले चुके थे.You shoot, I catch the bullet - Kuldeep to VK https://t.co/LWJblV4q7e via @ipl— The Lallantop (@TheLallantop) April 5, 2019 कुलदीप यादव का लिया ये कैच इतनाज़्यादा तगड़ा था कि एक फ़िल्म की याद आ गई. फ़िल्म थी लोहा. साल 1987 में रिलीज़ हुई.फ़िल्म में धर्मेन्द्र और मिथुन, दोनों थे. नाम ही से मालूम दे रहा है कि ऐक्शनफ़िल्म थी. तिस पर भी 80 के दशक की ऐक्शन फ़िल्म. यानी मज़ेदार ऐक्शन फ़िल्म. फ़िल्मअपने अंत के करीब होती है और एक गुफ़ा से निकलकर रामी रेड्डी आते हैं. उनके सामने एकपत्थर पर बैठे होते हैं धर्मेन्द्र. दोनों पहले तो डायलॉग बतियाते हैं और फिर रामीरेड्डी धर्मेन्द्र पर गोली चला देते हैं. धर्मेन्द्र उसे अपनी हथेली से रोकते हैंऔर कहते हैं, "तुम्हारी ये गोली, लोहे के इस शरीर के पार नहीं जा सकती." यकीनमानिए, कोहली ने जितनी ज़ोर से गेंद मारी थी, वो गोली ही थी जो कुलदीप यादव के शरीरके पार जा नहीं सकी.