23 मार्च 2019 (अपडेटेड: 26 मार्च 2019, 11:32 AM IST)
फोटो - thelallantop
Small
Medium
Large
Quick AI Highlights
Click here to view more
आईपीएल 2019. पहला मैच. चेन्नई सुपर किंग्स वर्सेज़ बैंगलोर. मैच ख़त्म हुआ. पहले आधे घंटे में ही ये मैच वन-साइडेड बन चुका था. बैंगलोर ने मात्र 70 बनाए और ऑल आउट हो गई. जवाब में शुरुआती ढीलमढील के बाद चेन्नई ने ये स्कोर 18वें ओवर में पीछे कर दिया. इस रिज़ल्ट की वजहें ये रहीं:
1. होम ग्राउंड
मैच चेन्नई में था. चेन्नई में चेन्नई को हराना बहुत ही मुश्किल काम रहा है. बैंगलोर के लिए ये और भी मुश्किल रहा. पिछले 21 मैचों में चेन्नई ने 14 और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने मात्र 7 मैच जीते थे. चेन्नई ने इस जीत के साथ 15 मैच जीत लिए.
2. हरभजन सिंह
हरभजन सिंह ने वो काम किया जो अतिक्रमण हटाने में जेसीबी करती है. उन्होंने डोलची में बल्लेबाज़ उठाये और पवेलियन जाकर छोड़ आये. हरभजन ने विराट कोहली का अतिमहत्वपूर्ण विकेट निकाला. कोहली मात्र 6 रन बनाकर आउट हुए. भज्जी जब आये तो उनकी पहली दो गेंदें ही इस तरह से टर्न खाईं कि आगे की कहानी मालूम पड़ गई. कोहली के बाद उन्होंने मोइन अली और डिविलियर्स को चलता किया. चेन्नई के पहले तीन विकेट भज्जी के ही खाते में गए. बची-खुची कसर इमरान ताहिर ने पूरी कर दी जिन्होंने चेन्नई की पूंछ को झाड़ दिया.
3. बैंगलोर की ढीली फ़ील्डिंग
बैंगलोर जब फ़ील्डिंग करने के लिए उतरी थी, हर किसी को रिज़ल्ट पता था. आईपीएल के इतिहास में सबसे छोटा स्कोर जो डिफेंड किया गया है, 117 है. इस लिहाज़ से भी कोई चमत्कार ही बैंगलोर को 70 रन डिफेंड करवा सकता था. बैंगलोर ने पहले ओवर से ही चेन्नई पर दबाव बनाया लेकिन इक्का-दुक्का मिस-फ़ील्ड, उमेश यादव के छोड़े (कठिन मगर ले सके जाने लायक) कैच, जाधव के छूटे रन आउट की बदौलत चेन्नई पर बना दबाव कुकर की सीटी नहीं बजवा सका.