अंपायर के इस अजीब फ़ैसले पर कार्तिक और उथप्पा भिड़ गए
अंपायर ने KKR के साथ जो किया, वो ठीक नहीं था.
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अपील करते हुए दिनेश कार्तिक
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अभी तक आईपीएल 2019 में एक किस्सा ऐसा हुआ है जिसे थोड़ा बहुत कंट्रोवर्सी का नाम दिया जा सकता था. ये मामला था अश्विन का जॉस बटलर को मांकड़ करना. अश्विन बॉल फेंकने तो थे और बॉल के फेंके जाने से पहले ही बटलर नॉन स्ट्राइकिंग एंड से आगे बढ़ गए. अश्विन ने उन्हें रन आउट कर दिया. इसपर बहुत हो हल्ला हुआ. पूरी क्रिकेट फ्रेटर्निटी दो हिस्सों में बंट गई थी. कोई कह रहा था कि अश्विन ने सही किया तो कोई कह रहा था कि बहुत ग़लत. खेल नियम और न जाने क्या-क्या सामने आ गया था.
27 मार्च को आईपीएल के छठे मैच में यानी किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेले गए मैच में एक और वाकया हुआ जिसने माहौल को थोड़ा गर्म बना दिया था. मौका था दूसरी इनिंग्स का. कोलकाता की टीम बैटिंग कर चुकी थी और 218 रन बोर्ड पर टांग दिए थे. पंजाब की टीम स्ट्रगल कर रही थी. गेल और राहुल, दोनों ही आउट हो चुके थे. छठा ओवर शुरू हुआ था. प्रसिध कृष्णा ने पहली गेंद फ़ेंकी और मयंक अगरवाल ने सिंगल लिया. नॉर्मल रन था. नीतीश राणा ने जाकर बॉल उठाई. दोनों बैट्समेन अपने अपने छोर बदल चुके थे और निश्चिंत होकर टहल रहे थे. नीतीश ने गेंद उठाकर मिड ऑन पर खड़े आंद्रे रसल को गेंद फ़ेंकी. अमूमन ऐसा ही होता है. फील्डर सीधे बॉलर को गेंद कम ही देता है. बॉल घुमते घुमाते बॉलर तक पहुंचती है. तब तक बॉलर अपने रन-अप पर पहुंच जाता है. इस वक़्त भी इसी मंशा से नीतीश राणा ने बॉल को रसेल की ओर फेंका था. गेंद थोड़ी ऊपर थी इसलिए लाइट्स की वजह से रसेल ठीक से देख नहीं पाए और उन्हें मालूम नहीं पड़ा कि गेंद किधर गिरेगी. बॉल उनके बगल में गिरी और बाउंड्री तक दौड़ती चली गई.
यहां अम्पायर्स ने वो काम किया जिसने सबको चौंका दिया. अम्पायर अनिल चौधरी ने थ्रो बाय के चार रन दे दिए. इसपर दिनेश कार्तिक और रॉबिन उथप्पा अम्पायर्स को समझाने लगे कि इस वक़्त तो बॉल डेड हो चुकी थी लेकिन अम्पायर ने उनकी एक नहीं सुनी. इनके बीच काफ़ी देर तक ज़िरह चलती रही लेकिन फ़ैसला नहीं बदला तो नहीं बदला.

अपील करते हुए दिनेश कार्तिक
उधर बाउंड्री पर सामने वाली टीम यानी पंजाब के कप्तान भी चुप नहीं बैठे. वो डग-आउट से उठे और जाकर रिज़र्व अम्पायर सदाशिव अय्यर के पास पहुंचे. वहां इन दोनों के बीच बातचीत हुई. यकीनन अश्विन इन चार रनों को अपनी टीम के खाते में जुड़ते देखना चाहते थे. उनके चेहरे पर ये साफ़ नज़र भी आ रहा था. लेकिन अपने पिछले मैच में किये रन आउट के भार के कारण उनका उठकर अम्पायर के पास जाना बहुत ज़्यादा नहीं सुहाया. किसी भी केस में जब फ़ील्डिंग टीम के कप्तान की बहस ऑन-फ़ील्ड अम्पायर से चल रही हो, बैटिंग टीम के कप्तान का जाकर रिज़र्व अम्पायर पर दबाव डालना समझ से परे लगता है.

रविचंद्रन अश्विन
माइकल क्लार्क कमेंट्री कर रहे थे और उन्होंने अम्पायर के चार रन देने के फ़ैसले को एकदम से कचरा बताया. लेकिन साथ ही ये भी कहा कि अश्विन का उठकर अम्पायर से बात करना समझ से बाहर की चीज़ है. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था.
वीडियो- IPL 2019: राजस्थान और पंजाब के मैच में लगे मोदी विरोधी नारे
27 मार्च को आईपीएल के छठे मैच में यानी किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेले गए मैच में एक और वाकया हुआ जिसने माहौल को थोड़ा गर्म बना दिया था. मौका था दूसरी इनिंग्स का. कोलकाता की टीम बैटिंग कर चुकी थी और 218 रन बोर्ड पर टांग दिए थे. पंजाब की टीम स्ट्रगल कर रही थी. गेल और राहुल, दोनों ही आउट हो चुके थे. छठा ओवर शुरू हुआ था. प्रसिध कृष्णा ने पहली गेंद फ़ेंकी और मयंक अगरवाल ने सिंगल लिया. नॉर्मल रन था. नीतीश राणा ने जाकर बॉल उठाई. दोनों बैट्समेन अपने अपने छोर बदल चुके थे और निश्चिंत होकर टहल रहे थे. नीतीश ने गेंद उठाकर मिड ऑन पर खड़े आंद्रे रसल को गेंद फ़ेंकी. अमूमन ऐसा ही होता है. फील्डर सीधे बॉलर को गेंद कम ही देता है. बॉल घुमते घुमाते बॉलर तक पहुंचती है. तब तक बॉलर अपने रन-अप पर पहुंच जाता है. इस वक़्त भी इसी मंशा से नीतीश राणा ने बॉल को रसेल की ओर फेंका था. गेंद थोड़ी ऊपर थी इसलिए लाइट्स की वजह से रसेल ठीक से देख नहीं पाए और उन्हें मालूम नहीं पड़ा कि गेंद किधर गिरेगी. बॉल उनके बगल में गिरी और बाउंड्री तक दौड़ती चली गई.
यहां अम्पायर्स ने वो काम किया जिसने सबको चौंका दिया. अम्पायर अनिल चौधरी ने थ्रो बाय के चार रन दे दिए. इसपर दिनेश कार्तिक और रॉबिन उथप्पा अम्पायर्स को समझाने लगे कि इस वक़्त तो बॉल डेड हो चुकी थी लेकिन अम्पायर ने उनकी एक नहीं सुनी. इनके बीच काफ़ी देर तक ज़िरह चलती रही लेकिन फ़ैसला नहीं बदला तो नहीं बदला.

अपील करते हुए दिनेश कार्तिक
उधर बाउंड्री पर सामने वाली टीम यानी पंजाब के कप्तान भी चुप नहीं बैठे. वो डग-आउट से उठे और जाकर रिज़र्व अम्पायर सदाशिव अय्यर के पास पहुंचे. वहां इन दोनों के बीच बातचीत हुई. यकीनन अश्विन इन चार रनों को अपनी टीम के खाते में जुड़ते देखना चाहते थे. उनके चेहरे पर ये साफ़ नज़र भी आ रहा था. लेकिन अपने पिछले मैच में किये रन आउट के भार के कारण उनका उठकर अम्पायर के पास जाना बहुत ज़्यादा नहीं सुहाया. किसी भी केस में जब फ़ील्डिंग टीम के कप्तान की बहस ऑन-फ़ील्ड अम्पायर से चल रही हो, बैटिंग टीम के कप्तान का जाकर रिज़र्व अम्पायर पर दबाव डालना समझ से परे लगता है.

रविचंद्रन अश्विन
माइकल क्लार्क कमेंट्री कर रहे थे और उन्होंने अम्पायर के चार रन देने के फ़ैसले को एकदम से कचरा बताया. लेकिन साथ ही ये भी कहा कि अश्विन का उठकर अम्पायर से बात करना समझ से बाहर की चीज़ है. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था.
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