The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Sports
  • inspirational story of former Sri lanka cricketer and coach Marvan Atapattu that tell us to never give up on our dreams

मर्वन अटापट्टू : क्रिकेट के मैदान से आने वाली सबसे पॉवरफ़ुल कहानी

पढ़िए उनकी इंस्पायर करने वाली स्टोरी जो हर्षा भोगले सुनाते हैं.

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
केतन बुकरैत
22 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 22 नवंबर 2017, 06:30 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
अक्सर ऐसा होता है कि लाइफ में ऐसे मौके आते हैं जहां आप चीज़ों को छोड़ के जाना चाहते हो. जहां ऐसा लगने लगता है कि 'अब बस, बहुत हो गया. मैं और झेल नहीं सकता.' ऐसे मौकों से पार पाना बहुत ही ज़रूरी है. ऐसे मोमेंट्स की याद करते हुए हर्षा भोगले एक कहानी बताते हैं जो बहुत ही इंस्पायर करती है. कहानी है एक क्रिकेटर की. श्री लन्का का क्रिकेटर. मर्वन अटापट्टू. दायें हाथ का बैट्समैन. एक बार आ जाता था तो आउट ही नहीं होता था. चौव्वे छक्के से ज़्यादा सिंगल डबल का गेम खेलता था. अटापट्टू ने अपने पहले टेस्ट मैच की पहली इनिंग्स में एक भी रन नहीं बनाया. दूसरी इनिंग्स में भी वो डक पे आउट हुए. श्री लंका के सेलेक्टर्स ने उन्हें अगले मैच के लिए नहीं चुना. अटापट्टू टीम से निकले और नेट्स में घुस गए. दिन-रात सिर्फ प्रैक्टिस, प्रैक्टिस और प्रैक्टिस. फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेल रहे थे. रन बना रहे थे. और उसके अलावा प्रैक्टिस कर रहे थे.
atapattu
21 महीनों यानी पौने दो सालों बाद उन्हें दोबारा टीम से खेलने के लिए बुलाया गया. इस बार उनका परफॉरमेंस बेहतर. पहली इनिंग्स में ज़ीरो लेकिन अगली इनिंग्स में 1 रन. फिर से उन्हें टीम से निकाल दिया गया. अटापट्टू एक बार फिर से नेट्स में. पसीना बहाते हुए. फर्स्ट क्लास में रन बनाते हुए. ताबड़तोड़. लेकिन वो सभी रन टेस्ट मैचों में इनकी असफ़लता को भुलाने के लिए नाकाफ़ी थे. सत्रह महीनों बाद उन्हें फिर से बुलाया गया. उनके फर्स्ट क्लास में बनाये स्कोर की बदौलत. दोनों इनिंग्स में फिर से बैटिंग मिली. और एक बार फिर दोनों इनिंग्स में स्कोर ज़ीरो. अटापट्टू का कैरियर ख़त्म मन जा रहा था. दुनिया के सबसे बड़े लेवल पर वो बारम्बार फ़ेल हो रहे थे. जबकि फर्स्ट क्लास मैचों में उन्होंने धान बोया हुआ था. कहा जा रहा था कि उनमें वो बात नहीं है जो बड़े लेवल पर उन्हें स्टार प्लेयर बना सके. लेकिन अटापट्टू खिलाड़ी थे. उन्हें ये मालूम था कि बुरा वक़्त सिर्फ कुछ वक़्त को ही रहता है. अच्छे वक़्त को झख मारके आना ही पड़ता है. शर्त बस ये है कि अप अपने काम को बाकायदे निपटाते रहें. अटापट्टू ने वही किया. फिर से नेट्स में. पसीना बहाते हुए. देह को आराम न देने की कसम उठाते हुए.
atapattu 2
तीन साल बाद उन्हें फिर से टीम में वापस बुलाया गया. इस बार रन बने. और क्या रन बने भाईसाब! वहां से शुरू हुई अटापट्टू की अटापट्टू बनने की कहानी. वो कहानी जिसकी वजह से हम और आप यहां इकट्ठे हो उनके बारे में बात कर रहे हैं.  5000 के ऊपर टेस्ट रन. 6 बार डबल सेंचुरी. वन-डे में साढ़े आठ हज़ार रन. अपने देश की टीम के कप्तान. और रिटायर होने के बाद श्री लंका के कोच. 6 साल में अपने कैरियर का दूसरा रन बनाने वाले अटापट्टू "Don't give up" की नसीहत को सचमुच चरितार्थ करते हैं.

 ये भी पढ़ें:

श्री लंका ने समय बर्बाद करने की कोशिश की लेकिन मोहम्मद शमी जाकर भिड़ गए

सब काम छोड़ो, विराट कोहली का ये शॉट देख लो!

जो चीटिंग ऑस्ट्रेलिया ने की वही अब श्री लंका की टीम ने की है

ये वीडियो बताता है कि विराट कोहली को क्रिकेट छोड़ कुछ दिन आराम करना चाहिए

वीडियो : लोकेश राहुल का ध्यान भटकाने के लिए कोहली ने किया डांस

वीडियो : एक स्पिनर की बॉलिंग से विकेट टूट गया

 

Advertisement

Advertisement

()