इंडिया वर्सेज़ साउथ अफ़्रीका. पहले टेस्ट का पहला दिन. बाद में मालूम चलने वाला थाकि ये पहले प्यार का पहला गम था. केशव महाराज का कैच स्लिप में खड़े धवन के हाथ सेस्लिप हो गया. कोई सड़ा हुआ न्यूज़ चैनल होता तो 'मैच के गुनाहगार' में सबसे पहलानम्बर धवन के उस कैच का ही होता. कैच छूटने के बाद केशव महाराज ने बेहद ज़रूरी 35 रनजोड़े. लगभग 220 रन, 18 विकेट और बारिश से धुले एक पूरे दिन के बाद साउथ अफ़्रीका फिरसे बैटिंग करती मिली. फ़ाफ़ डु प्लेसी बैटिंग कर रहे थे. दूसरे एंड पर डिविलियर्समौजूद थे. बुमराह ओवर में 3 गेंद पर एक रन देने के बाद डु प्लेसी को गेंद फेंकने केलिए दौड़ने को तैयार थे. ये उनके टेस्ट करियर की शुरुआत थी. अभी तक उनके खाते में बसएक विकेट आया था. पिछले एक साल में बुमराह ने किसी भी मैच में दिन भर में 10 सेज़्यादा ओवर नहीं फेंके थे. बुमराह को फर्स्ट क्लास खेले हुए साल से भी ज़्यादा होचुका था. फिर भी उनका इस टीम में होना 'इसमें कुछ तो होगा ही' की और संकेत कर रहाथा. बुमराह अपने रन-अप पर पहुंच ही रहे थे कि विकेट्स के पीछे से एक निडर और बेझिझकआवाज़ आई - "इनकी फटी पड़ी है जस्सी. वही जगह पे बॉल डाल." ये वाक्य तार के रूप मेंचिट्ठी था. बुमराह ने दौड़ना शुरू किया. अपनी बायीं बांह को बिना हरकत दिए एक गुडलेंथ पर गेंद फेंकी. मैच शुरू होने से पहले जिस बाउंस से खुद बॉलर्स खतरा महसूस कररहे थे, उसी बाउंस ने साथ दिया. गेंद ऐसे उठी मानो कुछ टोना टोटका किया गया हो.गेंद डुप्लेसी के ग्लव्स को छूती हुई साहा के दस्तानों में कैद हो गई. गहरे जाकरमैच देखने वालों को श्रीसंथ की जैक्स कालिस को फेंकी ही गेंद की ज़रूर याद हो आईहोगी. वही श्रीसंथ जिन्हें सफ़ेद तौलिया देख वैसा ही लगता है जैसा परिंदा में नानापाटेकर को आग देखकर लगता था. खैर, डुप्लेसी के विकेट के साथ मालूम पड़ा कि बुमराहऑर्डर लेकर विकेट देते हैं. खाली सीटों के बीच खेले जा रहे मैच और आस पास मौजूदपहाड़ियों के कारण मैदान में जो भी कहा जा रहा था, गूंज रहा था. सबसे ज़्यादास्क्वायर में खड़े हार्दिक पंड्या गूंज रहे थे. रबाडा और आमला पिछले दिन के बैट्समैनथे. उन्हें काफ़ी परेशान किया जा रहा था. मोहम्मद शमी को हार्दिक पंड्या ने सलाह दी- "वही लाइन, शमी भाई!" गेंद फेंके जाने के बाद कोहली चीखे, "लाला, ग्रेट बॉलिंग."लाला के मायने अब रिटायर हो चुके शाहिद अफरीदी से हटकर मोहम्मद शमी हो चुके हैं.शोर कम होते ही पंड्या फिर से मामला अपने हाथ में लेते हैं और बोले - "बॉलर के पीछेपड़ जाओ." यहां इशारा रबाडा की ओर था. रबाडा नाइट-वाचमैन के तौर पर बैटिंग करने उतरेथे. लेकिन पंड्या के कहे के उलट लाला ने पहले आमला का विकेट लिया. एक शक और शुबह सेजुड़ा फ़ैसला जिसे टीवी अम्पायर ने इसलिए आउट दिया क्यूंकि मैदान पर मौजूद अम्पायर कोऐसा लग रहा था कि कैच लिया जा चुका था. हिन्दुस्तानी फ़ील्डर्स के अंदर अब जोश भररहा था. उनकी आवाज़ बुलंद हो रही थी. पेस अटैक को लगातार इंस्ट्रक्शन मिल रहे थे -"ऊपर नहीं आगे." और जस्सी को कोहली ने साफ़ शब्दों में कहा - "वही जो सुबह बतायाथा." लेकिन इसी दौरान जब ये बताना होता था कि कितने विकेट गिरे हैं और कितने बचेहैं, जो कुछ कहा जाता था, अंग्रेजी में कहा जाता था. कोहली चाह रहे थे कि सामनेवालों पर प्रेशर बनाया जाए. और फिर मैदान में एक घोषणा हुई - "चार विकेट लेना है.लंच से पहले." हार्दिक पंड्या की आवाज़ में उनकी पहली इनिंग्स के 93 रनों का वजन साफ़मालूम दे रहा था. घंटे भर में हार्दिक को 8 विकेट चाहिए थे. थोड़ी ही देर में लंच सेपहले उन्हें पूरे विकेट चाहिए थे. शांत पड़ी जनता (जितनी भी थी) ने उस वक़्त सबसेज़्यादा शोर मचाया जब डेल स्टेन बैटिंग करने उतरे. उनकी एड़ी में चोट लग गई थी. कायदेसे उन्हें अपना पैर सेंकना चाहिए था लेकिन उन्होंने पैड्स पहने और बैटिंग करने उतरपड़े. इन सभी के बाद मैदान में अंतिम चीख किसी की गूंजी तो वो थी वेर्नन फिलेंडर की.शाम पौने पांच बजे उन्होंने अपना इनिंग्स का छठा और इंडियन इनिंग्स का आखिरी विकेटलिया. इंडियन प्लेयर्स अब कानाफ़ूसी और टीवी चैनल्स शोर मचाते हुए दिखाई दे रहे थे.-------------------------------------------------------------------------------- ये भी पढ़ें:जब फॉलो-ऑन हटाने के लिए 24 रन चाहिए थे और कपिल ने लगातार 4 छक्के मार दिएहम तो डूबेंगे ही सनम, DRS भी ले डूबेंगे - रोहित शर्माधवन गली क्रिकेट खेल रहे होते तो ऐसा कैच छोड़ने पर घर भगा दिए जाते