भारत ने छठवीं बार U19 वर्ल्ड कप जीता, सूर्यवंशी के तूफान में उड़ गया इंग्लैंड
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में हुए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने छठवीं बार U19 वर्ल्ड कप खिताब जीत लिया. इस दौरान Vaibhav Suryavanshi ने 175 रनों की धुआंधार पारी खेली. वो फाइनल मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच के साथ-साथ प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी रहे.

भारत ने छठवीं बार U19 वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया. हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराया. टॉस जीतकर भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने पहले बैटिंग चुनी. ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने उनके इस फैसले को सही साबित करते हुए 175 रनों की धुआंधार पारी खेल दी. इस दौरान उन्होंने महज 80 गेंदों में 15 चौके और 15 छक्के लगाए. वैभव की इस पारी की बदौलत भारतीय टीम ने 411 रन बनाए. वहीं, टारगेेट को चेज करते हुए इंग्लिश टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई.
भारतीय टीम ने इससे पहले 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में ये खिताब जीता था. भारतीय टीम का ये लगातार छठा और कुल 10वां फाइनल था. दूसरी ओर इंग्लैंड ने सिर्फ 1 बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता है. साल 1998 के फाइनल में उसने न्यूजीलैंड को हराया था.
इंग्लैंड की शुरुआत रही खराबचेज के दौरान इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही. जोसेफ मूर्स का विकेट टीम ने सस्ते में गंवा दिया. इसके बाद बेन डॉकिन्स और बेन मेस ने दूसरे विकेट के लिए 74 रन जोड़े. खिलान पटेल ने मेस को आउट कर इस पार्टनरशिप को तोड़ दिया. मेस ने 27 गेंदों पर 45 रन बनाए, जिसमें सात चौके और दो छक्के शामिल रहे. भारतीय टीम को तीसरी सफलता इंग्लिश कप्तान थॉमस रेव के रूप में मिली, जो 31 रन बनाकर आउट हुए.
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ओपनर बेन डॉकिन्स ने हाफ सेंचुरी लगाई. लेकिन, वो उसके बाद ज्यादा देर टिक नहीं पाए. आयुष म्हात्रे ने डॉकिन्स का विकेट लिया. डॉकिन्स ने 7 चौके और 2 छक्के की मदद से 56 गेंदों पर 66 रन बनाए. उनके आउट होते ही इंग्लिश पारी लड़खड़ा गई. राल्फी अल्बर्ट (0 रन) और फरहान अहमद (1 रन) और सेबेस्टियन मॉर्गन (0 रन) कुछ खास नहीं कर पाए. मॉर्गन के आउट होने के समय इंग्लैंड का स्कोर 7 विकेट पर 177 रन था.
अंत में हुई पार्टनरशिप पर काम नहीं बनायहां से कालेब फॉल्कनर और जेम्स मिंटो ने 8वें विकेट के लिए 92 रन जोड़े. लेकिन, आरएस अंबरीश ने मिंटो (28 रन) को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया. अम्बरीश ने इसके बाद मैनी लम्सडन (3 रन) को भी चलता कर दिया. फाॅल्कनर ने अकेले संघर्ष करते हुए सैकड़ा जड़ा. लेकिन, इसके बावजूद पहाड़ जैसे टोटल को चेज करते हुए वो 115 रन के निजी स्कोर पर आउट हो गए. फॉल्कनर ने 67 गेंदों की पारी में 9 चौके और 7 छक्के लगाए. भारत की ओर से अंबरीश ने तीन विकेट झटके. वहीं, दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान को दो-दो सफलताएं मिलीं.
इससे पहले, भारतीय टीम ने भी ओपनर एरॉन जॉर्ज का विकेट सस्ते में गंवा दिया. लेकिन, इसके बाद दूसरे विकेट के लिए वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे ने 142 रन जोड़े. इस दौरान वैभव ने 80 गेंदों में 175 रन ठोक दिए. वहीं, आयुष ने 51 गेंदों पर 53 रन बनाए. वैभव के आउट होने के समय 26वें ओवर में ही भारतीय टीम का स्कोर 250 के पार पहुंच गया था. लेकिन, उनके आउट होते ही भारतीय पारी धीमी हो गई. अंत में कनिष्क चौहान ने हाथ खोले और भारत के स्कोर को 400 के पार पहुंचा दिया.
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