टिम पेन ने जवाब में जो कहा था उसने कोहली का घमंड तो तोड़ा ही, छीछालेदर भी कर दी
कोहली की हरकतों को अग्रेशन बताकर कब तक बर्दाश्त किया जाएगा?
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फोटो - thelallantop
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इंडिया वर्सेज़ ऑस्ट्रेलिया. दूसरा टेस्ट खेला गया और ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज़ को 1-0 से 1-1 पर पहुंचा दिया. विराट कोहली पर्थ में सेंचुरी मारने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने. साल 1991 में सचिन तेंदुलकर ने 114 रन बनाए थे. कोहली ने भारत की पहली इनिंग्स में 123 रन बनाए. कोहली और रहाणे ने इंडिया को थोड़ा-बहुत खतरे से बाहर तो निकाला लेकिन इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज़ काम करता नहीं दिखा. ओपनिंग पेयर ने पूरे मैच में कुल मिलाकर जितने रन बनाए उससे ज़्यादा फरवरी के महीने में कुल दिन होते हैं.
तीसरी इनिंग्स में ऑस्ट्रेलिया की बैटिंग के दौरान एक दिलचस्प बात हुई. विराट कोहली और टिम पेन की लगातार 'बातचीत' चल रही थी. अम्पायर्स को दख़ल देना पड़ा. टिम पेन ने खुद अम्पायर से कहा कि वो दोनों बस बातें कर रहे हैं, कुछ भी ग़लत दिशा में नहीं जा रहा था. लेकिन फिर भी अम्पायर ने उन्हें समझाया कि वो दोनों अपनी अपनी टीमों के कप्तान हैं और वो ग़लत उदाहरण पेश कर रहे थे. कुछ वक़्त बाद स्टंप माइक्स में कुछ और भी सुनाई दिया. विराट कोहली मुरली विजय को संबोधित करते हुए कह रहे थे कि अगर टिम पेन ने थोड़ी सी भी गड़बड़ी की तो सीरीज़ 2-0 हो जायेगी. टिम पेन ने हंसते हुए कोहली का जवाब दिया - "उसके लिए पहले तुम्हें बैटिंग भी करनी होगी, अक्लमंद इंसान!"
टिम पेन ने बहुत गहरी बात कही थी. उन्हें अपने बॉलर्स, इंडिया के ओपनिंग पेयर और पिच पर पूरा भरोसा मालूम दे रहा था. कोहली ने उसके बाद भी अपनी हरकतें चालू रखीं. हर अपील पर वो काफ़ी अग्रेसिव दिखाई पड़ रहे थे. लेकिन हर अग्रेसिव अपील के बाद जब अम्पायर फ़ैसला उनके पक्ष में नहीं दे रहे थे तो रिव्यू मौजूद होने के बाद भी वो रिव्यू का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे. ये सारी कहानी पूरी तरह से साफ़ कर देता है. विराट कोहली के ऑन-फ़ील्ड बिहेवियर पर हर तरफ़ से टिप्पणियां आ रही हैं. सोशल मीडिया पर लगभग न के बराबर एक्टिव रहने वाले नसीरुद्दीन शाह ने भी एक पोस्ट लिखा जिसमें उन्होंने कहा कि कोहली होंगे दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज़ लेकिन वो मैदान पर सबसे घटिया तरीके से बिहेव करने वाले खिलाड़ी हैं. इससे पहले एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया के कोच जस्टिन लैंगर ने भी इसी लाइन पर कुछ कहा था. उन्होंने कहा था कि विराट कोहली जिस तरीके से बिहेव कर रहे हैं, वैसे ही अगर कोई ऑस्ट्रेलिया का प्लेयर कर रहा होता तो अभी तक काफ़ी बवाल मच गया होता और उन्हें काफ़ी कुछ कहा गया होता. टिम पेन ने कोहली से मैदान पर जो भी कहा उसे कोहली को एक सबक के तौर पर लेना चाहिए. ये वो खल है जहां बड़बोलेपन से कुछ हेडलाइंस तो बन जाएंगी लेकिन जो हेडलाइन सबसे ज़्यादा मायने रखती है, उसमें जीतते हुए न नज़र आने पर सारी बातें धरी की धरी रह जाती हैं. विराट कोहली ने कितनी ही कड़वी बातें कही हों, अंत में प्रेस से बात करते हुए उन्हें अपनी हार की वजहें ही गिनानी पड़ीं और साथ ही ये भी कहना पड़ा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों ने भारतीय टीम से बेहतर खेल खेला और वो इस जीत के हक़दार होते. मुझे यकीन है कि अगर कहीं स्लेजिंग का कम्पटीशन हो रहा होता तो विराट कोहली निश्चित तौर पर ट्रॉफी लेकर ही वापस आते. लेकिन फ़िलहाल उन्हें सच्चाई का मुंह देखना चाहिए और ये समझना चाहिए कि यहां बल्ला और गेंद कितनी बात करते हैं, सिर्फ़ यही मायने रखता है. कोहली भारतीय क्रिकेट की जिस मशाल को लेकर आगे बढ़ रहे हैं उसे कभी राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, लक्ष्मण, श्रीनाथ, कुंबले, धोनी जैसे हाथों ने थामा था. इन सभी को कितनी ही बार कितने ही लोगों ने मैदान में और बाहर कितना ही कुछ कहा. लेकिन इनकी ओर से जवाब बल्ले या गेंद से ही आये. कोहली अपने आक्रामक स्वभाव का हवाला देते हुए कब तक बचते रहेंगे और कब तक हम 'अरे वो ऐसा ही है' कहते हुए एक बिगड़े बच्चे की तरह उसकी हरकतें नज़रंदाज़ करते रहेंगे?The stump microphones picked up Virat Kohli saying, "if he messes it up, it's 2-0," while referring to the Test series lead. Tim Paine promptly replied: "You've got to bat first, big head".#AUSvIND #Kohli #INDvAUS #PerthTest #ViratKohli https://t.co/bwmy5rSTOK pic.twitter.com/fMjOZjhHyG
— CriketGeek (@CriketGeek) December 16, 2018

