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15 फरवरी को होगा भारत-पाकिस्तान मैच? ICC हुई सख्त, मुश्किल में PCB

PCB ने भारत के खिलाफ मैच न खेलने को लेकर सरकार पर जिम्मेदारी डालते हुए खुद को स्थिति से अलग करने की कोशिश की थी. ICC ने PCB से पूछा है कि जब टीम सरकार के निर्देशों के तहत पूरे टूर्नामेंट में बाकी मैच खेलने को तैयार है, तो सिर्फ एक मुकाबले से हटने का फैसला कैसे जायज ठहराया जा सकता है.

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भारत और पाकिस्तान का मैच 15 फरवरी को कोलंबो में होना है. (Photo-PTI)
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रिया कसाना
7 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 09:46 PM IST)
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15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान का मैच होने के आसार फिर से नज़र आ रहे हैं. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैच को लेकर ICC से बातचीत शुरू कर दी है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भारत का मैच बायकॉट करने के लिए ‘फोर्स मेज्योर' को कारण बताया था. उनका कहना था कि सरकार के कहने पर यह फैसला किया है. हालांकि, ICC ने उलटा PCB से ही सवाल कर लिया है कि इस केस में भला ‘फोर्स मेज्योर' लागू कैसे हो सकता है. इसी के बाद पाकिस्तान ने मैच फिर से खेलने के संकेत दे दिए हैं. ICC के अलावा श्रीलंका भी इसमें अहम रोल में नज़र आ रहा है.

ICC ने पाकिस्तान से किया सवाल

PCB ने भारत के खिलाफ मैच न खेलने को लेकर सरकार पर जिम्मेदारी डालते हुए खुद को स्थिति से अलग करने की कोशिश की थी. फोर्स मैज्योर के तहत सरकार के उस सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया गया था, जिसमें 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत के खिलाफ मुकाबले से टीम को दूर रहने का निर्देश दिया गया था.

इस पर ICC ने PCB से पूछा है कि जब टीम सरकार के निर्देशों के तहत पूरे टूर्नामेंट में बाकी मैच खेलने को तैयार है, तो सिर्फ एक मुकाबले से हटने का फैसला कैसे जायज ठहराया जा सकता है. पीसीबी से उन्होंने पूछा है कि मैच नहीं खेलने का फैसला करने से पहले स्थिति को संभालने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए? इसके लिए विकल्प तलाशे या छूट मांगी? सूत्रों के अनुसार, ICC ने ‘फोर्स मेज्योर’ लागू करने की वैध शर्तें, मैच से हटने के लिए जरूरी सबूत और इसके खेल, बिजनेस और मैनेजमेंट पर पड़ने वाले असर की जानकारी PCB को दी है. 

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‘फोर्स मेज्योर’ का इस्तेमाल अगर अवैध पाया गया तो ICC संभावित हर्जाने की मांग भी कर सकता है. ICC ने यह भी कहा कि सलेक्टिव पार्टिसिपेशन (केवल कुछ मैच खेलना) ग्लोबल टूर्नामेंट के मूल सिद्धांत के खिलाफ है. इससे PCB को कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने और नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. इसी के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सुर बदले हुए नज़र आ रहे हैं.

क्या है फोर्स मेज्योर?

‘फोर्स मेज्योर’ एक कानूनी प्रावधान है, जो किसी पक्ष को असाधारण परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों से हटने की छूट देता है. इसमें युद्ध, नेचुरल डिजास्टर , सरकारी आदेश या पब्लिक एमेरजेंसी जैसी स्थितियां शामिल होती हैं. इसे तभी माना जाता है, जब प्रभावित पक्ष साबित करे कि इसे टाला नहीं जा सकता था  और उसने सभी संभव प्रयास किए ताकि नुकसान को कम किया जा सके. इसके लिए सिर्फ असुविधा या राजनीतिक पसंद काफी नहीं होती. 

श्रीलंका ने भी की अपील 

इस बीच, रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि श्रीलंका क्रिकेट ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच के बायकॉट के फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की थी. श्रीलंका बोर्ड के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने सीधे मोहसिन नकवी से संपर्क किया था. उन्होंने नकवी को बताया है कि अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होता है, तो श्रीलंका को टिकट बिक्री और हॉस्पिटैलिटी से होने वाली कमाई में बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है.

पाकिस्तान इसे यूं ही इग्नोर नहीं कर सकता. पिछले नवंबर में जब सुरक्षा कारणों से श्रीलंका के कुछ खिलाड़ी पाकिस्तान दौरे से वापस लौटना चाहते थे, तब श्रीलंका सरकार ने पाकिस्तान का पूरा साथ दिया था. ‘न सिर्फ श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड, बल्कि सरकार ने भी खिलाड़ियों को वाइट बॉल सीरीज का दौरा पूरा करने का निर्देश दिया था. अब श्रीलंका भी पाकिस्तान से ऐसा ही समर्थन चाहता है.

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