लंबे समय के बाद मैदान पर उतरे धोनी ने सीरिज का पहला मैच वैसे ही उठाया जैसे कोईप्रतिभाशाली छात्र रोज संध्या अपनी किताबें उठाता है. टॉस जीतने के बाद न्यूज़ीलैंडको बल्लेबाज़ी के लिए बुलाया. सबको चौंकाते हुए बुमरा से पहले पांड्या से ओवरकरवाया और काम शुरू. न्यूज़ीलैंड ने 43.5 ओवर में 190 रन बनाए. इस आसान से सवाल काजवाब देते हुए भारत ने 101 गेंदे शेष रहते हुए ही 6 विकेट से जीतकर खेला खत्म करदिया. वैसे भी संडे को दिया गया काम ज़ल्दी निपटाना चाहिए. पहला मैच खेल रहेइस्टाइलिश ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने 31 रन देकर, 3 शुरूआती विकेट लेकर जीत कामंच बनाया. सुखद आश्चर्य ये कि इस बात को माना भी गया और किसी बल्लेबाज़ को नहींबल्कि हार्दिक पांड्या को - एक गेंदबाज़ को मैन ऑफ द मैच दिया गया.धर्मशाला के पहाड़ों में 190 रन की ढेरी का जवाब देते हुए रोहित सिर्फ 14 रन पर आउटहो गए. दूसरे ओपनर रहाणे ने 33 रन की पारी में भरपूर मज़ा दिया. उछाल भरी पिच परकीवी गेंदबाज़ों ने शॉर्ट गेंदों पर परीक्षा लेनी चाहिए तो रहाणे के बल्ले से 2क्लासिक छक्के देखने को मिले. नंबर 3 पर आए कोहली 85* रन बनाकर, काम निपटा कर हीवापिस आए. कोहली ने 81 गेंदों पर 85 रनों की एकदम साफ पारी खेली. पारी में 9 चौकेऔर एक छक्का लगाया. छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए होने वाली कोई हड़बड़ाहट नहीं थी.हां, एक चीज़ ज़रूर हुई. कोहली-धोनी तेज़ी से 50 रन की साझेदारी कर चुके थे औरविकेटों के बीच शानदार चीता-दौड़ हो रही थी. धोनी ने एक गेंद को पुश करके रन लेनाचाहा, 'चल,चल, चल' की कॉल देते हुए अधबीच तक आ गए लेकिन दोनों में तालमेल गड़बड़ागया और धोनी रन आउट हो गए. मनीष पांडे के पास नॉट आउट जाने का मौका था लेकिन 17 रनही बना पाए. कोहली के साथ नॉट आउट गए केदार जाधव, 10 रन बनाकर. सबसे ज्यादा शिद्दतसे जिस पारी का इंतज़ार था वो धोनी ही थे. धोनी ने 24 रन की पारी में नटराज शॉट सेएक छक्का लगाया. धोनी के बल्ले से जलवे की उम्मीद इतनी थी कि भारत के दर्शक चाह रहेथे न्यूज़ीलैंड कम से कम इतने रन तो बनाए कि धोनी की बैटिंग आ सके. इतनी बुरी हालतहो गई थी न्यूज़ीलैंड पारी की.एक समय तो लग रहा था कि सांझ तक छुट्टी हो जाएगी. न्यूज़ीलैंड का स्कोर 65-7 था.नंबर 2 पर उतरे लाथम एक ओर खड़े अपने साथियों को एक-एक कर जाते हुए देख रहे थे. वोतो अपना 100वां मैच खेल रहे टिम साउदी ने नंबर 10 पर उतरकर बल्ला घुमाया नहीं तोसांझ तक छुट्टी हो भी जाती. साउदी तो हर गेंद को चीरने पर उतर गए थे और 45 गेंदोंमें 55 रन पीट डाले. 37 गेंदे शेष रहते न्यूज़ीलैंड की टीम ऑल आउट हो गई.पहला ओवर फेंकने के लिए आने वाले पांड्या ने एक-दो शॉट जीमने के बाद गुप्तिल को आउटकर पहली सर्जिकल स्ट्राइक कर दी. पांड्या लगातार 140 की स्पीड छू रहे थे. इसके बादउमेश यादव ने अपने तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर केन विलियम्सन को थर्ड मैन के हाथोंऔर फिर 4थे ओवर की पहली गेंद में रॉस टेलर को कीपर के हाथों कैच आउट करवा दिया.हैट-ट्रिक पर आए. स्कोर था 33-3. अगला हमला बोला इस्टाइलिश ऑलराउंडर पांड्याने. पांड्या की गेंद को ऊपर से टिपाने के चक्कर में कोरी एंडरसन उमेश यादव की ओरउछाल बैठे. उमेश ने असाधारण सा कैच लपक लिया. इसी जोड़ी ने ल्यूक रोंची को चलताकिया. स्कोर था 48-5.अपना पहला ओवर फेंक रहे स्पिनर, बल्लेबाज़, विकेटकीपर, फील्डर केदार जाधव ने लगातार2 गेंदों पर पहले जेम्स नीशम को कैच एंड बॉल और फिर सैंटनर को धोनी के हाथों कैचआउट करवा दिया. 18.4 ओवर में स्कोर हो गया था 65-7.ऐसा लग रहा था कि कीवी टीम 100 से पहले ही सिमट जाएगी लेकिन लाथम एक ओर टिके रहे.लाथम ने ब्रेसवेल के साथ 41 रन जोड़े. इस पार्टनरशिप को तोड़ा अमित मिश्रा ने.पर इस पारी का सबसे बड़ा धमाका अभी होना बाकी था. टिम साउदी ने 3 लाहफों और 5 चौकेलगाते हुए 45 गेंदों में 55 रन पीट डाले. साउदी सिर्फ 2 रन पर आउट हो जाते लेकिनअसाधारण कैच लेने वाले उमेश यादव ने एक साधारण सा कैच छोड़ दिया.लहाफेबाजी के चक्कर में ही एक गेंद हवा में उठ गई और मिश्रा ने आखिरकार साउदी कोआउट कर दिया. लाथम ने पूरे ओवर खेलने की कोशिश तो बहुत की लेकिन कोई साथ देने वालानहीं था. नंबर 11 ईश सोढ़ी जब आउट हुए 37 गेंदे बाकी थीं और लाथम 79 रन पर नाबादथे. बाकी खिलाड़ियों ने उन्हें 10वां ऐसा बल्लेबाज़ बना दिया जो ओपनिंग में आया औरआखिर तक नॉट आउट रहा.टीम भारती के लिए पहाड़ों में काम खत्म अब अगला पड़ाव राजधानी में, दिल्ली में 20अक्टूबर को और फिर इनको दोबारा उत्तर की ओर फॉरवर्ड कर दिया जाएगा 23 को मौहालीमें. 26 को पूर्व की ओर रांची में और 29 को दक्षिण की ओर विशाखापट्टनम में. एक दिनमें खेलना भी है पैक भी करना है और चलते जाना है...संक्षिप्त स्कोरभारत 194-4, ओवर 33.1 (कोहली 85*, रहाणे 33)न्यूज़ीलैंड 190, ओवर 43.5 (लाथम 79*, साउदी 55)