भारत और साउथ अफ्रीका के बीच मंगलवार चार अक्टूबर को तीन मैच की सीरीज़ का आखिरीT20 मुकाबला खेला गया. इस मैच को 49 रन से जीत साउथ अफ्रीका ने खुद को क्लीनस्वीपहोने से बचा लिया. तीन मैच की सीरीज़ के पहले दोनों मुकाबले जीतने की वजह से भारतने सीरीज़ को 2-1 से जीत लिया. सीरीज़ के तीसरे मुकाबले में हार के बाद ये पूछा जारहा है कि आखिर वो क्या स्ट्रैटेजी रही जिसने अक्षर पटेल से मैच में सिर्फ एक ओवरही करवाया. इस चीज़ पर मैच के बाद भारतीय टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ से भी सवाल पूछा गया.जिसके जवाब में राहुल द्रविड़ ने बताया कि T20 वर्ल्ड कप से पहले उनकी टीम के लिएमैच-अप करना कितना महत्वपूर्ण है. राहुल द्रविड़ ने कहा,'मैच अप्स हमारे लिए बेहद ज़रूरी हैं. सिर्फ किसी गेंदबाज़ की गुणवत्ता का समर्थनकरने से ज्यादा मैच-अप का महत्व होता है. ये आप लोगों के लिए है कि आप अच्छे सेजांच करें और फिर देखें कि बाएं हाथ के बल्लेबाज़ के लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाज़ केखिलाफ़ आंकड़े क्या बताते हैं.'द्रविड़ ने आगे ये भी कहा,'सिर्फ हम नहीं, बहुत सी टीम्स मैचअप का उपयोग करती हैं. मुझे यकीन है कि बहुत सीऔर भी टीम्स आंकड़ों को जरूर देखती होंगी. अगर आप इन नंबर्स पर ध्यान देकर देखेंगेतो आपको कुछ जवाब ज़रूर मिलेगा. इसलिए मैं आप लोगों से यही निवेदन करता हूं कि इननंबर्स को उतना ही ध्यान से देखें, जितना हम देखते हैं.'अगर मैच की बात करें तो अक्षर पटेल ने इस मैच में सिर्फ एक ओवर गेंदबाज़ी की और 13रन दिए. तीसरे T20 में जब मैदान पर साउथ अफ्रीका के लिए क्विंटन डी कॉक और राइलीरूसो बैटिंग कर रहे थे. तो टीम इंडिया ने अक्षर का इस्तेमाल नहीं किया. इसकी वजहअक्षर के लेफ्टी बल्लेबाज़ों के खिलाफ़ आंकड़े रहे. अक्षर ने बाएं हाथ केबल्लेबाज़ों के खिलाफ़ 9.53 रन प्रति ओवर के हिसाब से रन्स दिए हैं. जो कि दाएं हाथके बल्लेबाज़ों के मुकाबले काफी अधिक है.अक्षर पटेल को सीरीज़ के दूसरे T20 में भी खूब मार पड़ी थी. उन्होंने अपने चार ओवरके कोटे में कुल 53 रन लुटाए थे. तीसरे T20 की बात करें तो अश्विन भारत के लिएअकेले ऐसे गेंदबाज़ रहे जिन्होंने 10 से कम रन की इकॉनोमी से मैच में रन्स दिए.