भारत और साउथ अफ्रीका के बीच जोहानसबर्ग में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज़ का दूसराटेस्ट खेला जा रहा है. टीम इंडिया के लिए ये टेस्ट मैच बेहद अहम है. अगर हमने येमैच जीता तो सालों का इतिहास बदल जाएगा. टीम इंडिया पहले ही इस सीरीज़ में 1-0 सेआगे है और वांडरर्स जीतने का मतलब है कि भारत सीरीज़ पर कब्ज़ा जमा लेगा.हालांकि मैच शुरू होते ही भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा. कप्तान विराट कोहली पीठ केऊपरी हिस्से में ऐंठन के चलते दूसरे टेस्ट से बाहर हो गए. उनकी जगह पर केएल राहुलको टीम का कप्तान बनाया गया. जी हां, वही राहुल जिन्हें कुछ रोज़ पहले तक भारतीयटीम में फिक्स भी नहीं माना जा रहा था. वो केएल राहुल जिनकी फॉर्म और प्लेइंग इलेवनमें जगह हमेशा निशाने पर रहती थी. लेकिन एकाएक राहुल ने अपने खेल में ऐसा बदलावदिखाया कि उन्हें सेलेक्टर्स कप्तानी का एक बेहतरीन विकल्प मानने लगे. # Captain KLRahul राहुल के करियर में आए इस बदलाव को समझने के लिए हमें दो साल पीछे जाना होगा.02 सितम्बर 2019. भारत ने किंगस्टन में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ एक टेस्ट मैच खेला था.भारत वो मैच जीत गया. लेकिन केएल राहुल कुछ खास नहीं कर पाए. पहली पारी में 13 रनऔर दूसरी पारी में महज़ छह रन बनाकर आउट हो गए. सीरीज़ के बाद टीम वापस लौटी औरकेएल राहुल को भारतीय टीम भूल गई. 2019 के उस टेस्ट से लेकर 2021 तक भारत ने कईघरेलू और विदेशी टेस्ट खेले लेकिन राहुल को फिर कभी याद नहीं किया गया.वजह ये भी थी कि उस किंगस्टन टेस्ट से पहले भी राहुल का प्रदर्शन बहुत खास नहीं था.2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में टेस्ट डेब्यू करने के बाद से राहुलकंसिस्टेंट नहीं रहे. साल 2016 और 2017 उनके टेस्ट करियर के सबसे बेहतरीन सालों मेंसे एक रहे. 2016 में राहुल ने सात टेस्ट मैच में 539 रन बनाए. जिसमें उनका बैटिंगएवरेज 59.88 का रही. वहीं 2017 में उन्होंने 48.69 के एवरेज से 633 रन बनाए.लेकिन 2017 के बाद 2018 और 2019 ने राहुल की परेशानी बढ़ा दी. 2018 में राहुल काबैटिंग एवरेज गिरकर 22.48 पर आ गया. वो पूरे साल में सिर्फ एक शतक और एक अर्धशतकलगा सके. इसके बाद 2019 में तो हाल और भी बुरा हो गया. उनका बैटिंग एवरेज 22 का रहगया. वो सिर्फ 110 रन बना सके और उनके बल्ले से एक अर्धशतक भी नहीं आया.केएल राहुल. File Photo2021 में बदली किस्मत 2021 में IPL के ठीक बाद टीम इंडिया को वर्ल्ड टेस्टचैम्पियनशिप फाइनल खेलने इंग्लैंड जाना था. और फिर टीम को इंग्लैंड मेंही रुककर पांच मैच की टेस्ट सीरीज़ खेलनी थी. 18 जून से शुरू होने वाले इस दौरे केलिए BCCI ने सात मई 2021 को टीम का ऐलान किया. विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम मेंरोहित शर्मा के साथ, मयंक अग्रवाल और शुभमन गिल को ओपनिंग बल्लेबाज़ चुना गया.केएल राहुल का नाम इस लिस्ट में आया ज़रूर लेकिन फिटनेस क्लियरेंस की बात के साथ.हालांकि इस लिस्ट में राहुल का नाम आने से ये उम्मीद जरूर जगी कि वह एक बार फिरभारतीय टेस्ट टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह बना सकते हैं. वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिपके बाद इंग्लैंड सीरीज़ शुरू होने में लंबा वक्त था. और इस वक्त में ही शुभमन गिलऔर मयंक अग्रवाल चोटिल हुए और केएल राहुल को मौका मिल गया.अगस्त में इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में वह खेले. इसके साथ ही उन्होंने दो सालबाद टेस्ट टीम में वापसी कर ली. पहले टेस्ट में ही उन्होंने 110 रन बनाकर अपनीदमदार वापसी का इशारा दे दिया. इस टेस्ट के बाद राहुल ने मैनेजमेंट को एक भी मौकानहीं दिया. राहुल ने साल 2021 में कुल पांच टेस्ट मैच खेले जिसमें उन्होंने 46 केऔसत से 461 रन बनाए. इनमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल रहे.एक तरफ राहुल धीरे-धीरे टीम में जगह बनाते रहे. और दूसरी तरफ साथी ओपनर्स की चोट याखराब फॉर्म का फायदा भी उन्हें मिलता गया. और इस फायदे पर चढ़ते हुए राहुल अबइंडियन टेस्ट और वनडे टीम की कप्तानी कर रहे हैं. भले ही यह व्यवस्था टेंपररी हीहो, लेकिन जो है वो है.