भारत-पाकिस्तान का वह रोमांचक मैच जिसमें खेला गया पहला और आखिरी बॉलआउट
दिलचस्प बात ये कि क्रिकेट का पहला और आखिरी बॉलआउट भारत और पाकिस्तान (Ind vs Pak) के बीच ही खेला गया. वह भी खेल के सबसे बड़े मंच पर. तब बल्लेबाज़ रन बनाकर और गेंदबाज विकेट लेकर भी अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए.
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क्रिकेट मैच टाई होने पर विजेता का चयन सुपरओवर से होता है. एक सुपरओवर में काम नहीं चलता तो दूसरा सुपरओवर. लेकिन जब सुपरओवर का नियम नहीं होता था तब क्या होता था. क्रिकेट की दुनिया में टाई मैच के फैसले के लिए ‘बॉलआउट’ नाम का प्रयोग हुआ. दिलचस्प बात ये कि क्रिकेट का पहला और आखिरी बॉलआउट भारत और पाकिस्तान (Ind vs Pak) के बीच ही खेला गया. वह भी खेल के सबसे बड़े मंच पर. तब बल्लेबाज़ रन बनाकर और गेंदबाज विकेट लेकर भी अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए.
साल 2007 टी20 वर्ल्ड कप क्रिकेट के इतिहास में कई रिकॉर्ड्स के लिए दर्ज हुआ. इसमें ऐतिहासिक बॉलआउट भी शामिल था. भारतीय टीम ने ग्रुप राउंड में अपना पहला मैच स्कॉटलैंड के खिलाफ खेला लेकिन मैच बारिश की भेंट चढ़ गया. फिर आई 14 सितंबर 2007 की तारीख. डरबन में भारत का सामना पाकिस्तान से था. यह मैच धोनी की कप्तानी का डेब्यू मैच भी था.
पाकिस्तान ने मैच में टॉस जीता औऱ पहले गेंदबाजी का फैसला किया. भारत पहले बल्लेबाजी करने उतरा और 20 ओवर में नौ विकेट खोकर 141 रन बनाए. टीम के लिए सबसे ज्यादा 50 रन रॉबिन उथप्पा ने स्कोर किए. नए नवेले कप्तान महेंद्र सिंह ने भी हाई वोल्टेज मुकाबले में 33 रन की पारी खेली.
वहीं पाकिस्तान की तरफ से मोहम्मद आसिफ ने कमाल की गेंदबाजी की और 4 ओवर में 18 रन देकर एक विकेट लिया. शाहिद अफरीदी ने दो विकेट लिए. स्कोर बहुत बड़ा नहीं था और जाहिर तौर पर भारत पर काफी दबाव था.
टाई हो गया मुकाबलाइसके बाद बारी आई पाकिस्तान की. उनकी शुरुआत बहुत अच्छी नहीं थी. इसके बावजूद मिस्बाह उल हक की 53 रन की पारी के दम पर पाकिस्तान ने 19.4 ओवर में 140 रन बना लिए थे. टीम को जीत के लिए दो गेंदों में एक रन चाहिए था. आखिरी ओवर डाल रहे श्रीसंत ने शॉर्ट लेंथ गेंद डाली जिसमें मिस्बाह ने कट करने की कोशिश की, लेकिन मिस कर गए.
इसके बाद आखिरी गेंद को उन्होंने कवर्स पर खेला. युवराज ने फौरन गेंद नॉन स्ट्राइक एंड पर श्रीसंत को दी जिन्होंने मिस्बाह को रनआउट किया. मैच 141 पर टाई हो गया. इस समय कोई नहीं समझ पा रहा था कि अब मैच में क्या होगा. तभी टीवी स्क्रीन पर फ्लैश हुआ बॉलआउट. क्रिकेट फैंस ने इससे पहले कभी ऐसा कुछ नहीं देखा था.
बॉलआउट में क्या हुआ?नियम के अनुसार दोनों टीमों को 5-5 गेंदबाज चुनने थे. इन गेंदबाजों को स्टंप्स पर निशाना लगाना था. स्टंप्स के सामने कोई बल्लेबाज नहीं खड़ा था. गेंद अगर स्टंप्स या बेल्स से टकराए, तो उसे हिट माना जाता था. सभी गेंदबाज एक-एक गेंद ही डाल सकते थे. अगर 5-5 गेंद के बाद भी स्कोर बराबर होता तो फिर फैसला सडन डेथ से होता. हालांकि भारत पाकिस्तान के मैच में तीन ही गेंद से फैसला हो गया था.
भारत की ओर से वीरेंद्र सहवाग, रोबिन उथप्पा, एस. श्रीसंत, इरफ़ान पठान और हरभजन सिंह को चुना गया. महेंद्र सिंह धोनी ने सहवाग और उथप्पा जैसे पार्ट टाइम गेंदबाजों को चुना और उन्होंने ही कमाल कर दिया. वहीं पाकिस्तान की ओर से उमर गुल, सोहेल तनवीर , यासिर अराफ़ात, शाहिद अफ़रीदी और मोहम्मद आसिफ का नाम सामने आया.
सबसे पहले भारत की ओर से वीरेंद्र सहवाग ने गेंद डाली जो सीधे स्टंप्स पर लगी. इसके बाद पाकिस्तान के अराफात गेंद डालने आए. गेंद ऑफ स्टंप के ऊपर से निकल गई.
पहले राउंड के बाद भारत 1-0 से आगे था.
दूसरे राउंड में भारत की ओर से हरभजन सिंह ने गेंद डाली और सीधे हिट किया. पाकिस्तान की ओर से गुल ने गेंद डाली लेकिन गेंद हिट नहीं हुई. इसके बाद पाकिस्तान पर काफी दबाव था.
दूसरे राउंड के बाद भारत 2-0 से आगे.
तीसरे राउंड के लिए भारत की ओर से रॉबिन उथप्पा को मौका दिया और उन्होंने भी निराश नहीं किया और गेंद स्टंप्स से टकरा गई. इसके बाद पाकिस्तान के लिए बहुत अहम था कि वह हिट करे. उनके मिस करने का मतलब मैच में भात की जीत. ऐसे में गेंदबाजी करने आए शाहिद अफरीदी जो कि अच्छे फॉर्म में थे. हालांकि वह भी स्टंप्स हिट नहीं कर पाए. जैसे ही गेंद लेग स्टंप की ओर गई भारतीय फैंस झूम उठे.
बदल गया बॉलआउट का नियमभारतीय खिलाड़ियों ने एक दूसरे को गले लगाकर इस जीत का जश्न मनाया. यह भारत की इस टूर्नामेंट में पहली जीत थी. भारतीय टीम ने ग्रुप राउंड में तीन मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. ऑस्ट्रेलिया को हराकर वह फाइनल में पहुंचा और वहां भी पाकिस्तान को हराकर वर्ल्ड कप अपने नाम किया.
हालांकि इस टूर्नामेंट के बाद बॉलआउट के नियम को हटा दिया गया. भारत और पाकिस्तान के मैच में हुए बॉलआउट के बाद कभी ऐसा नहीं हुआ. कई दिग्गज खिलाड़ियों ने माना कि यह नियम केवल गेंदबाजों को मैच जिताने का मौका देता है. वहीं कई अन्य लोगों का कहना था कि 20-20 ओवर के मैच का परिणाम तीन गेंदों से होना ठीक नहीं. ICC ने इस पर काम किया और वह सुपर ओवर का नियम लेकर आए. यह नियम अभी तक लागू है.
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