बॉक्सिंग डे टेस्ट शुरू होते ही रहाणे ने दिखाया कप्तानी का दम
नई गेंद से खतरनाक सिराज को इसलिए नहीं दी गेंदबाज़ी
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मोहम्मद सिराज, बुमराह. फोटो: AP
मोहम्मद सिराज. भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करने वाले 298वें खिलाड़ी. बॉक्सिंग डे टेस्ट में भारत टॉस हारा तो बहुत से फैंस ने कहा कि हो सकता है बहुत जल्दी सिराज नई गेंद के साथ गेंदबाज़ी करते नज़र आएंगे. वजह है उनका नई गेंद के साथ बहुत ज़्यादा खतरनाक होना. लेकिन टीम इंडिया के कप्तान अजिंक्य रहाणे के दिमाग में कुछ अलग ही चल रहा था. उन्होंने पहले सेशन में सिराज को एक बार भी गेंद नहीं थी. उनकी जगह नई गेंद के साथ उन्होंने अश्विन से गेंदबाज़ी करवाई.
दिन के पहले सेशन में कप्तान रहाणे ने बुमराह, उमेश, अश्विन और यहां तक की जडेजा से गेंदबाज़ी करवाई. लेकिन सिराज को ओवर नहीं दिया.
दरअसल रहाणे का ये फैसला इसलिए आया क्योंकि पहले जसप्रीत बुमराह ने विकेट दिलाया और फिर अश्विन ने रहाणे को किसी की और देखने ही नहीं दिया. मेलबर्न की विकेट पर रहाणे ने जसप्रीत बुमराह और उमेश यादव से गेंदबाज़ी की शुरुआत करवाई.
उमेश थोड़े महंगे साबित हुए लेकिन बुमराह ने ऑस्ट्रेलियंस को बांधे रखा. पांचवे ओवर में बुमराह ने विकेट दिलाया तो लगा कि हो सकता है कि अब उमेश की जगह सिराज नई गेंद के साथ मैच में एंट्री करेंगे. लेकिन इसके बाद पारी के 11वें ओवर में ही फस्ट चेंज पर रहाणे अश्विन को ले आए. अश्विन ने आते ही ऑस्ट्रेलियंस को परेशान कर दिया.
अश्विन ने गेंदबाज़ी शुरू करते ही अपने दूसरे ओवर में ही पहला विकेट निकाल दिया. उन्होंने मैथ्यू वेड को कैच आउट करवाया. इसके बाद उन्होंने स्मिथ का विकेट निकालकर ऑस्ट्रेलियंस को बुरी तरह से फंसा दिया. अश्विन को मिली सफलता को देख कप्तान ने दूसरे छोर से दूसरे स्पिनर को भी लगा दिया. यानि रविन्द्र जडेजा दूसरे एंड से गेंदबाज़ी के लिए आ गए.
क्यों नहीं दी सिराज को नई गेंद:
पहले सेशन में कप्तान ने सिराज को एक भी ओवर नहीं दिया. इसके पीछे की एक वजह रही. विकेट में मौजूद मॉएसचर और स्पिनर्स को मिल रही मदद. अश्विन की गेंद नॉर्मल से ज़्यादा टर्न ले रही थी. सुबह के सेशन में उनकी गेंद को 4.1 डिग्री तक टर्न मिल रहा था. साथ ही विकेट से स्पिनर्स को अच्छा उछाल और स्पिन भी मिल रहा था. जिसकी वजह से ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाज़ पहले सेशन में परेशानी में दिख रहे थे.
रहाणे की प्लानिंग में ये ज़रूर होगा कि सिराज को नई गेंद से गेंदबाज़ी करवाएं. लेकिन जिस तरह से विकेट ने अश्विन को मदद दी. इस वजह से उन्होंने अश्विन और जडेजा को पहले सेशन में इस्तेमाल करना चाहा.
भारत के लिए रहाणे की स्पिनर्स से गेंदबाज़ी करवाने की रणनीति काम भी कर गई. टीम इंडिया ने पहले सेशन में तीन विकेट निकाले.
भले ही पहली पारी की पहली नई गेंद पर सिराज को गेंदबाज़ी का मौका नहीं मिला हो. लेकिन आगे हम उन्हें नई गेंद के साथ गेंदबाज़ी करते देख सकते हैं.
दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 195 रनों पर सिमट गई. जिसके जवाब में भारत ने एक विकेट खोकर 36 रन बना लिए हैं.

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