कहानी अफगानी पेसर सलीम साफी की, जिसने यशस्वी से सिराज तक सबको फंसा लिया!
मोहम्मद सलीम (Mohammad Saleem) ने भारत के खिलाफ न्यू चंडीगढ़ टेस्ट में अपनी बॉलिंग से इम्पैक्ट डाला. उन्होंने भारत की पहली पारी में उम्दा बॉलिंग करते हुए, 27 ओवर में 140 रन देकर 6 विकेट लिए.

17 जनवरी 2024. भारत बनाम अफगानिस्तान. तीसरा T20I मैच. बेंगलुरु का चिन्नास्वामी स्टेडियम. मुकाबले में अफगानिस्तान के 21 साल के पेसर ने डेब्यू किया. डेब्यू अच्छा नहीं रहा. बहुत मार पड़ी. 3 ओवर में 43 रन लुटा दिए. इस पेसर का नाम था मोहम्मद सलीम साफी (Mohammad Saleem Safi).
वही मोहम्मद सलीम, जिसने न्यू चंडीगढ़ टेस्ट में यशस्वी जायसवाल से लेकर मोहम्मद सिराज तक सबको फंसा लिया. पहली पारी में शानदार बॉलिंग करते हुए विकेट का 'छक्का' लगाया. हालांकि, उसका ये सफर इतना आसान नहीं रहा है.
विकेट का खाता नहीं खुला थामोहम्मद सलीम साफी (Mohammad Saleem Safi) ने न्यू चंडीगढ टेस्ट से पहले चार इंटरनेशनल मुकाबले खेले. 25.3 ओवर्स की बॉलिंग की. लेकिन, विकेट नहीं ले पाए. उन्होंने जिन मैचों में गेंदबाजी की, उनमें महंगे रहे. सलीम अब तक अफगानिस्तान के लिए एक टेस्ट, 2 वनडे और एक T20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं. भारत के खिलाफ वह अपना ओवरऑल 5वां इंटरनेशनल मैच खेल रहे हैं.
न्यू चंड़ीगढ़ में कमाल कर दियाअगर किसी बॉलर की स्पीड 140+ हो, और 4 मैचों में विकेटलेस रहे, तो उसे अपनी काबिलियत पर शंका होने लगती है. भारत के खिलाफ न्यू चंडीगढ़ टेस्ट में उन्होंने अपनी लाइन-लेंथ बनाए रखी. उन्होंने पेस और वैरिएशन के चलते इंडियन बैटर्स को फंसाया. यशस्वी जायसवाल उनका पहला इंटरनेशनल विकेट रहे.
सलीम ने यशस्वी को 132.9 kph की रफ्तार से गेंद डाली. यह शॉर्ट ऑफ लेंथ बॉल लेग स्टंप के बाहर थी. यशस्वी ने गेंद को ग्लांस करने की कोशिश की, लेकिन एज दे बैठे. विकेटकीपर अफसार जजाई ने उनका कैच लपका. यशस्वी 24 रन बनाकर आउट हुए.
43वें ओवर में सलीम ने जमे हुए बैटर साई सुंदर्शन को आउट किया. सुदर्शन ऑफ स्टंप के बाहर ओवरपिच गेंद पर गच्चा खा गए. उन्होंने इस गेंद पर अक्रास जाकर ड्राइव करने की कोशिश की. गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया. विकेटकीपर अफसार जजाई ने सफाई से कैच लपक लिया. साई सुदर्शन ने 81 रन बनाए. लेकिन, ये तो सिर्फ शुरुआत थी.
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दूसरे दिन दिखा जलवाउनका असली जलवा दूसरे दिन के पहले सेशन में दिखा. सलीम ने 96वें ओवर में सबसे बड़ी मछली फंसाई. पहले दिन के नॉट आउट शतकवीर शुभमन गिल को आउट किया. गिल, सलीम की लेंथ बॉल खेलने से चूक गए. शुभमन इस गेंद को ऑफ साइड पर पंच करना चाहते थे. लेकिन, बॉल बैट का बाहरी किनारा लेकर अफसार के दास्तानों में चली गई. कप्तान शभमन गिल ने 126 रनों की पारी खेली.
102वें ओवर में मोहम्मद सलीम ने विस्फोटक बैटर ध्रुव जुरेल को चलता किया. सलीम ने लेंथ बॉल डाली, जो ऑफ स्टंप पर गिरने के बाद तेजी से अंदर आई. जुरेल जजमेंट नहीं कर पाए. गेंद उनको छकाती हुए स्टंप्स से टकरा गई. वह 19 रन बनाकर आउट हुए.
सुथार बने 5वें शिकारचार विकेट लेने के बाद, मोहम्मद सलीम 5 विकेट हॉल के बारे में सोचने लगे. इस दौरान वह लगातार सही टिप्पे पर गेंद गिराते रहे. सलीम भारत की पारी का 117वां ओवर डालने आए. इस ओवर की 5वीं गेंद पर उन्होंने डेब्यूटेंट मानव सुथार को फंसा लिया. सलीम ने उन्हें ऑफ स्टंप के बाहर गेंद डाली. मानव सुथार ने ड्राइव लगाया. लेकिन, गेंद बल्ले का आउट साइड एज लेकर अफसार के ग्लव्स में कैद हो गई.
मोहम्मद सलीम के लिए यह यादगार पल था. मानव सुथार उनके पांचवें विकेट के तौर पर आउट हुए. जिस बॉलर को पिछले 4 इंटरनेशनल मैचों में एक विकेट नहीं मिला था, उसने भारत की पहली पारी में 5 विकेट आउट कर दिए. इस दौरान सलीम इमोशनल हो गए. उन्होंने ग्राउंड पर माथा टेक दिया.
सिराज के विकेट से पूरा किया 'छक्का'5 विकेट हॉल पूरा करने के बाद भी, सलीम ने अपनी लय नहीं खोई. वह उसी पेस और वैरिएशन से बॉलिंग करते रहे. इस सटीक लाइन-लेंथ का उन्हें फिर फायदा मिला. भारतीय पारी का 121वां ओवर डालने आए सलीम ने सिराज को आउट कर दिया.
सलीम ने लेंथ बॉल डाली, जो रिवर्स स्विंग हुई. सिराज ने गेंद को हवा में उड़ाना चाहा. लेकिन, सिराज लाइन मिस कर कर गए, और गेंद ने स्टंप्स बिखेर दिए. उन्होंने तेज-तर्रार 12 गेंदों पर 22 रन बनाए. इस तरह मोहम्मद सलीम ने भारत की पहली पारी में उम्दा बॉलिंग करते हुए 27 ओवर में 140 रन देकर 6 विकेट लिए.
मोहम्मद सलीम कैसे बने पेसर?मोहम्मद सलीम अफगानिस्तान के उभरते हुए पेसर हैं. उनका जन्म 9 सितंबर 2002 को बघलान में हुआ. काबुल से बघलान की दूरी 250 किमी से ज्यादा है. बघलान का लैंडस्केप अलग-अलग तरह का है. यह पहाड़ी इलाकों और उपजाऊ घाटियों के बीच बंटा है. यहां पर लाइफ चैलेंजिंग है.
मोहम्मद सलीम कुंदुज (Kunduz) में सीमेंट की पिच पर प्रैक्टिस करके बड़े हुए. उन्होंने किसी क्रिकेट एकेडमी और ग्राउंड पर बॉलिंग की प्रैक्टिस नहीं की. सीमेंटेड पिच पर लगातार अभ्यास करके सलीम ने 140-145 kph की स्पीड हासिल की.
तीन साल पहले पाकिस्तान के पूर्व पेसर राणा नवीद उल हसन अफगानिस्तान के बॉलिंग कोच थे. इस दौरान, वह अफगानिस्तान के हाई परफॉर्मेंस सेंटर काबुल पहुंचे. उस समय मोहम्मद सलीम वहां पर मौजूद थे. वह बॉलिंग कर रहे थे. उनकी बॉलिंग स्पीड देखकर राणा नवीद उल हसन काफी इम्प्रेस हुए. राणा का कहना था कि उन्होंने अफगानिस्तान में ऐसा जेन्युइन बॉलर नहीं देखा था. इसके बाद, राणा की कोचिंग में मोहम्मद सलीम की बॉलिंग और धारदार हो गई.
इंटरनेशनल क्रिकेट में कब हुआ डेब्यू?मोहम्मद सलीम ने 5 जुलाई 2023 को सबसे पहले वनडे में डेब्यू किया था. तब, वह 20 साल 299 दिन के थे. इसके बाद, 17 जनवरी 2024 को उन्होंने T20 इंटरनेशनल में एंट्री की. वहीं, 2 फरवरी 2024 को सलीम ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में पदार्पण किया था. ये उनका दूसरा ही टेस्ट मुकाबला है, जो वो 2 साल बाद खेल रहे हैंं.
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