The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Sports
  • IND beats IRN to win gold after massive controversy surrounding Indian captain raid in lobby

एशियन गेम्स कबड्डी: रेफरी ने चार बार बदला फैसला, 62 मिनट रुका रहा मैच, फिर भारत ने जीता गोल्ड!

मैच में बहुत कॉन्ट्रोवर्सी हुई. एक बार तो ऐसा हुआ कि भारत के प्लेयर्स मैट पर ही बैठ गए. कहा, खेलेंगे ही नहीं... नियम क्या कहते हैं?

Advertisement
pic
7 अक्तूबर 2023 (अपडेटेड: 7 अक्तूबर 2023, 05:44 PM IST)
India bags 8th gold in Kabaddi at Asian Games after Pawan Sehrawat raid controversy
कबड्डी में बवाल, फिर भारत ने जीता 8वां गोल्ड (तस्वीर - ट्विटर)
Quick AI Highlights
Click here to view more

भारत ने एशियन गेम्स में एक और गोल्ड मेडल जीत लिया. कबड्डी के फ़ाइनल में टीम इंडिया ने ईरान को हराया. हालांकि, इस मैच में बहुत कॉन्ट्रोवर्सी हुई. रेफरी के एक विवादित फैसले के चलते मैच रोक दिया गया. दोनों टीम्स ने इसके खिलाफ अपील की और फैसला लगातार दोनों पाले में घूमता रहा. लगभग 1 घंटे के गैप के बाद मैच फिर शुरू हुआ.

ये पूरा विवाद लॉबी रूल से जुड़ा हुआ था. आगे आपको इस नियम और फ़ाइनल फैसले के बारे में भी बताएंगे. बता दें, प्रो कबड्डी लीग और इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन के लॉबी पर अलग-अलग नियम हैं. ऑफ़िशल्स शायद समझ नहीं पाए कि मैच के दौरान किस रूल का इस्तेमाल करना है.

भारत के टाइम के हिसाब से ये मैच दोपहर 1:46 मिनट पर रुका, और फिर 2:48  पर शुरू हुआ. मैच ख़त्म होने की कगार पर था. एक मिनट से थोड़ा ज्यादा वक्त ही बचा हुआ था. जब मैच रुका, तब दोनों टीम्स वक्त के खाते में 28-28 पॉइंट्स थे. भारत के कप्तान पवन सहरावत रेड करने गए. पवन के लिए ये डू-ऑर-डाई रेड थी, यानी या तो पॉइंट लेकर लौटो, या तो बाहर हो जाओ. पवन आगे गए और मैट के दाहिने कॉर्नर में दौड़ गए.

वो एक ईरानी प्लेयर का हाथ छूकर लौटने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, इस कोशिश में वो लॉबी में पहुंच गए. लॉबी मैट से सटा हुआ हिस्सा होता है. मैट के ठीक बाहर वाला पोर्शन, जिसपर लीग्स और फेडरेशन के अलग-अलग रूल्स हैं. इस एरिया को सिर्फ तब एक्टिव माना जाता है, जब रेडर ने किसी को टच कर लिया हो और उसके बाद उसमें आया हो. वर्ना इस एरिया में जाने वाला बाहर हो जाता है. पवन के केस में उन्होंने किसी भी ईरानी को टच नहीं किया था. इसके बावजूद वो लॉबी में घुस गए थे.

यानी पवन बाहर हो रहे थे. और उन्हें टैकल करने की फ़िराक में तीन ईरानी डिफेंडर्स लॉबी में चले गए थे. पर चूंकि पवन ने किसी ईरानी को टच नहीं किया, तो लॉबी एक्टिव हुई ही नहीं. यानी तीनों ईरानी डिफेंडर्स को भी डिसक्वॉलिफ़ाई किया जाना चाहिए. बस, इसी पर बवाल मचा था. रेफरी ने इस पर ईरान और भारत, दोनों को 1-1 पॉइंट दिए. भारत ने फैसले को रिव्यू के लिए भेज दिया. पवन का मानना था कि तीन ईरानी प्लेयर्स लॉबी में गए, और एरिया इनएक्टिव था. इसलिए भारत को तीन और ईरान को एक पॉइंट मिलना चाहिए था. इस रिव्यू में लगभग सात मिनट लगे. रेफरी ने भारत को तीन और ईरान को एक पॉइंट दे दिया.

Courtesy: Sony Sports

यहां तक जो हुआ, वो कबड्डी में होता रहता है. यानी एक टीम रिव्यू के लिए फैसला भेजे, और उसे बदला जाए. पर इसके बाद जो हुआ, वो कम ही देखा गया है. ईरान के कैप्टन फज़ल अत्राचली बेंच पर थे. उन्होंने आकर रेफरी से बात की और फैसले को फिर से रिव्यू के लिए भेज दिया गया. रेफरी जज के पास गए और उन्होंने फिर से रेड देखने को कहा. अंपायर्स समझने की कोशिश कर रहे थे, कि क्या करना चाहिए. अलग-अलग रूल्स हैं. वो भी जान लीजिए.

ये भी पढ़ें - एशियन गेम्स में भारत को मिला पहला गोल्ड, शूटिंग में चीन को दी पटखनी

नियम क्या हैं?

पहले कबड्डी फेडरेशन का नियम- उसके हिसाब से अगर डिफेंडर या डिफेंडर्स किसी रेडर को मैट के बाहर (लॉबी एरिया में) पकड़ते हैं, तो रेडर को नॉटआउट माना जाता है, और वो सारे डिफेंडर्स आउट करार दिए जाते हैं.

प्रो कबड्डी लीग के कई सीज़न्स में यही रूल था. हालांकि, सीज़न 8 में इस रूल को बदल दिया गया था. ऐसा माना गया कि ये रूल डिफेंडिंग टीम के लिए अनफेयर था. PKL ने नियम बदलकर इसे ऐसा किया- कोई रेडर अगर लॉबी में चला जाता है, तो रेड को ख़त्म माना जाएगा. उसे पकड़ने जो डिफेंडर बाहर जाता है, उसे आउट नहीं माना जाएगा.

ये भी पढ़ें - भारत की महिला एथलीट ने एशियन गेम्स में क्या बवाल कर दिया?

वापस मैच पर लौटते हैं. भारतीय कोच ई. भास्करन का कहना था कि अगर नया रूल फॉलो किया जा रहा था, तो रेफरी ने भारत के रिव्यू के बाद अपना फैसला क्यों बदला? बात सही भी थी. थोड़ी देर सोचने के बाद जज और रेफरी ने नया फैसला सुनाया. फैसला ईरान के फेवर में गया. भारतीय कोच ने अपने प्लेयर्स को मैट पर बैठ जाने को कहा. कैप्टन पवन के साथ बेंच पर बैठे प्लेयर्स रेफरी की टीम से बातचीत करने लगे. इसके बाद फिर फैसला बदला गया. दोनों टीम्स को 1-1 पॉइंट दिया गया. भारतीय फ़ैन्स और प्लेयर्स फिर भड़क गए. फिर बवाल हुआ.

आखिरकार फैसला फिर से बदला. भारत को तीन पॉइंट्स दिए गए. ईरानी टीम को गुस्सा आया, उन्होंने प्रोटेस्ट किया. पर यही आखिरी फैसला था. मैच शुरू हुआ. भारत ने आखिरी के बचे हुए एक मिनट में अच्छा डिफेंस करते हुए 33-29 से मैच जीत लिया. एशियन गेम्स कबड्डी में ये भारत का आठवां गोल्ड मेडल था.

वीडियो: सुबिमल चुनी गोस्वामी की कप्तानी में भारत ने जीता था 1962 एशियन गेम्स!

Advertisement

Advertisement

()