ICC ने धोनी से कह दिया कि ग्लव्स पर से बलिदान बैज हटाओ
ऐसी क्या दिक्कत हो गई!
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धोनी के ग्लव्स पर बना निशान जिसे 'बलिदान' बैज बताया जा रहा है.
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वर्ल्ड कप 2019. इंडिया वर्सेज साउथ अफ्रीका. भारत ने इस मैच में अफ्रीका को धूल चटा दी. बड़े आराम से मैच जीता. रोहित और चहल ने सुर्खियां बनाई. लेकिन एक और खिलाड़ी है जो सुर्ख़ियों से बाहर नहीं होता तो इस बार कैसे हो जाता. उसका नाम है महेंद्र सिंह धोनी. उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई. इसमें वो अपने ग्लव्स उतार रहे हैं जिसपर पैरा स्पेशल फोर्सेज का सिंबल 'रेजिमेंटल डैगर' बना हुआ था.
जब सोशल मीडिया पर ये खबर फैली तो लोग धोनी की तारीफ करने लगे. उनके आर्मी और देश के लिए प्यार पर भर भरके तालियां पड़ीं. लेकिन आईसीसी को धोनी का ऐसा करना पसंद नहीं आया. बोर्ड ऑफ़ बोर्ड्स का कहना है कि ऐसा कोई भी स्पेशल सिंबल पहनकर मैच में उतरना नियमों के खिलाफ है. आईसीसी ने बाकायदा बीसीसीआई ने ये रिक्वेस्ट की है कि वो धोनी के दस्तानों से ये निशान हटवा दे. हालांकि धोनी को पहली बार ऐसा करने के लिए कोई सजा नहीं मिलेगी लेकिन वो आगे से ऐसा नहीं कर पाएंगे.

धोनी पहले भी इस सिंबल का यूज़ कर चुके हैं. (फोटो-ऑफिशियल एमएसडियन.)
दरअसल धोनी ने 'बलिदान' बैच के ग्लव्स शौकिया तौर पर नहीं पहने थे. उन्हें इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद रैंक मिला हुआ है. वो 2015 में पैरा ब्रिगेड के तहत ट्रेनिंग भी कर चुके हैं. ऐसा पहली बार नहीं था जब उन्होंने इस निशान वाला कोई आइटम यूज़ किया हो. हां, क्रिकेट फील्ड पर ये पहली बार था. इससे पहले वो मैदान के बाहर ही ऐसी चीज़ें इस्तेमाल करते थे.
वीडियो:दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ़ मैच में धोनी के दस्तानों पर दिखा 'बलिदान' बैज आर्मी से जुड़ा है?
जब सोशल मीडिया पर ये खबर फैली तो लोग धोनी की तारीफ करने लगे. उनके आर्मी और देश के लिए प्यार पर भर भरके तालियां पड़ीं. लेकिन आईसीसी को धोनी का ऐसा करना पसंद नहीं आया. बोर्ड ऑफ़ बोर्ड्स का कहना है कि ऐसा कोई भी स्पेशल सिंबल पहनकर मैच में उतरना नियमों के खिलाफ है. आईसीसी ने बाकायदा बीसीसीआई ने ये रिक्वेस्ट की है कि वो धोनी के दस्तानों से ये निशान हटवा दे. हालांकि धोनी को पहली बार ऐसा करने के लिए कोई सजा नहीं मिलेगी लेकिन वो आगे से ऐसा नहीं कर पाएंगे.

धोनी पहले भी इस सिंबल का यूज़ कर चुके हैं. (फोटो-ऑफिशियल एमएसडियन.)
दरअसल धोनी ने 'बलिदान' बैच के ग्लव्स शौकिया तौर पर नहीं पहने थे. उन्हें इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद रैंक मिला हुआ है. वो 2015 में पैरा ब्रिगेड के तहत ट्रेनिंग भी कर चुके हैं. ऐसा पहली बार नहीं था जब उन्होंने इस निशान वाला कोई आइटम यूज़ किया हो. हां, क्रिकेट फील्ड पर ये पहली बार था. इससे पहले वो मैदान के बाहर ही ऐसी चीज़ें इस्तेमाल करते थे.
वीडियो:दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ़ मैच में धोनी के दस्तानों पर दिखा 'बलिदान' बैज आर्मी से जुड़ा है?

