हॉकी इंडिया की बड़ी कार्रवाई, महिला खिलाड़ियों से दुर्वव्यहार करने के आरोपी कोच को हटाया
Sudhir Golla भोपाल में नेशनल सब-जूनियर कैंप का हिस्सा थे, जहां अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक इंटरनेशनल सीरीज की तैयारी कर रही है. Hocky India को उनके बर्ताव का पता चला, तो उन्हें कैंप से हटा दिया गया.

महिला खिलाड़ियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोपी जूनियर कोच सुधीर गोला को हॉकी इंडिया ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है. भोपाल में चल रहे अंडर-18 नेशनल कोचिंग कैंप में पुरुष टीम के सपोर्ट स्टाफ सुधीर गोला के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिली थीं. फेडरेशन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत हटा दिया. फिलहाल, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
झारखंड के कई खिलाड़ियों ने सुधीर गोला के खिलाफ शिकायत की थी, जिसका पता चलने पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई. झारखंड की राजधानी रांची के मोराबादी में एकलव्य हॉकी ट्रेनिंग सेंटर (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के कई ट्रेनी खिलाड़ियों ने झारखंड खेल एवं युवाकार्य निदेशालय में सुधीर गोला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.
दी लल्लनटॉप की स्पोर्ट्स रिपोर्टर रिया कसाना को 11 मई 2026 को जारी झारखंड खेल एवं युवाकार्य निदेशालय का एक आदेश मिला है. इसमें बताया गया कि खिलाड़ियों ने सुधीर गोला पर महिला ट्रेनी से दुर्व्यवहार और ट्रेनिंग कैंप के काम में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था. निदेशालय के अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से हटा दिया. साथ ही रांची कैंप में उनकी जगह दूसरे कोच को भी नियुक्त कर दिया.
रांची के अलावा सुधीर गोला भोपाल में नेशनल सब-जूनियर कैंप का हिस्सा थे, जहां अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक इंटरनेशनल सीरीज की तैयारी कर रही है. इंडिया टुडे से जुड़े नितिन कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने बताया कि जैसे ही सुधीर गोला के बर्ताव की जानकारी मिली, उनके खिलाफ फौरन कार्रवाई की गई. भोला नाथ सिंह ने आगे कहा,
‘उन्हें दो दिन पहले हटा दिया गया था.’
यानी हॉकी महासचिव ने पुष्टि की कि सुधीर गोला को नेशनल कैंप से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है.
6 महीने में चौथा मामलाहॉकी इंडिया से जुड़ा ये पहला दुर्व्यवहार का मामला नहीं है. पिछले 6 महीने के भीतर यह चौथा मामला सामने आया है. द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में चिली के सैंटियागो में जूनियर वर्ल्ड कप से ठीक पहले जूनियर महिला हॉकी कोच पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे थे. इस आरोप के बाद फेडरेशन ने उनके कॉन्ट्रैक्ट को रिन्यू नहीं किया.
दिसंबर 2025 में ही सीनियर महिला हॉकी टीम के कोच हरेंद्र सिंह को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. महिला टीम की सीनियर खिलाड़ियों ने खेल मंत्रालय को औपचारिक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने हरेंद्र सिंह पर यौन उत्पीड़न और खराब स्पोर्ट्स स्ट्रेटेजी बनाने के आरोप लगाए थे.
इस साल अप्रैल में ही हॉकी इंडिया के एक स्टाफ मेंबर पर महिला अधिकारियों और अन्य कोचों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा था. इस पूरे मामले पर हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की की ओर से कोई सीधी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई. वहीं, फेडरेशन के ही एक सूत्र ने अखबार को बताया था कि कुछ अधिकारियों की वजह से फेडरेशन का नाम खराब हुआ है.
सूत्र ने आगे बताया कि सुरक्षा के मामलों में फेडरेशन से चूक हुई है और पिछले मामलों की ठीक से जांच नहीं की गई. उन्होंने ने ऐसी आशंका जताई कि फेडरेशन का ही कोई शख्स उन लोगों को बचा रहा है, जिन पर यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगे हैं.
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