गुजरात का एक जिला है भरूच. वहां पर अंकलेश्वर है, जहां एक ट्रस्ट का अस्पताल चलताहै. नाम है सरदार पटेल हॉस्पिटल एंड हर्ट इंस्टिट्यूट. पुरानी चर्चाओं को छोड़ दें,तो 27 अक्टूबर की शाम से ही यह अस्पताल चर्चा में है. अस्पताल है, लेकिन चर्चाराजनैतिक वजहों से हो रही है.अंकलेश्वर का सरदार पटेल अस्पताल, जिसकी नींव 1981 में रखी गई थी.इस अस्पताल के एक ट्रस्टी रहे हैं कांग्रेस नेता अहमद पटेल. वही अहमद पटेल जोकांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनैतिक सलाहकार हैं और गुजरात से ही आते हैं.नहीं याद आ रहा, चलिए कुछ और बताते हैं. हाल ही में हुआ राज्यसभा का चुनाव तो यादहोगा. वहीं जिसमें जीतकर अमित शाह और स्मृति ईरानी राज्यसभा पहुंचे थे. इसी चुनावको जीतकर अहमद पटेल भी राज्यसभा पहुंचे हैं. अहमद पटेल को हराने के लिए पूरी बीजेपीने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा था. कांग्रेस ने अहमद पटेल को जिताने के लिए कोई कसरनहीं छोड़ी दी. बैंगलोर में रिजॉर्ट में ठहराने से लेकर बूथ पर वोट डलवाने तक कड़ीनिगहबानी रखी. नतीजे में कांग्रेस को एक वोट से जीत मिली और अमित शाह, स्मृति ईरानीके साथ ही अहमद पटेल भी राज्यसभा पहुंच गए. इसी अहमद पटेल और सरदार पटेल हॉस्पिटलएंड इंस्टिट्यूट के बीच कनेक्शन तलाश कर बीजेपी कांग्रेस को घेर रही है. पहले अहमदपटेल और अस्पताल का कनेक्शन जान लीजिए-इस आतंकी को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार किया है.देश में आतंक विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए एटीएस यानी एंटी टेरर स्क्वॉड बनाहै. इस एंटी टेरर स्क्वॉड ने 24 अक्टूबर की शाम को दो लोगों को गिरफ्तार किया है.एटीएस के मुताबिक ये दोनों आतंकी संगठन आईएसआईएस के लिए काम करते हैं. इनमें से एकका नाम उबेद मिर्जा है, जो पेशे से वकील है. वहीं दूसरे का नाम कासिम स्टीमरवालाहै, जो सरदार पटेल अस्पताल में कर्मचारी था. वो इको कार्डियोग्राम टेक्नीशियन केतौर पर काम कर रहा था. गुजरात में दो आतंकी पकड़े जाने की खबर के बाद मुख्यमंत्रीविजय रुपाणी 27 अक्टूबर की शाम मीडिया के सामने आए और उन्होंने एटीएस को बधाई दी.इसके बाद गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने अहमद पटेल के इस्तीफे की मांग की, क्योंकिअहमद पटेल 2014 तक इस अस्पताल के ट्रस्टी रहे हैं. विजय रुपाणी ने 27 अक्टूबर कीशाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- "अहमद पटेल इस अस्पताल के ट्रस्टी रहे हैं. उन्हेंतुरंत इस्तीफा देना चाहिए और इसपर सफाई देनी चाहिए. अहमद पटेल उसी अस्पताल केट्रस्टी थे, जहां यह आतंकी कर्मचारी के रूप में काम कर रहा था. कांग्रेस अध्यक्षसोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी इस मामले में जवाब देना चाहिए." मानवसंसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा- "बीजेपी गुजरात में विकास के नाम परचुनाव लड़ रही है, लेकिन गुजरात एटीएस ने जो खुलासे किए हैं, वो चेतावनी भरे हैं.आईएसआईएस के ये आतंकी हमला करने की फिराक में थे."बचाव में कांग्रेस भी उतरीबीजेपी के आरोपों के बाद कांग्रेस अहमद पटेल के बचाव में उतर आई है. कांग्रेस नेतारणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- बीजेपी के मुख्यमंत्री अपनीसरकार की कमजोरी छिपाने के लिए इस तरह के आधारहीन बयान दे रहे हैं. अस्पताल में 200से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं. अहमद पटेल या उनके परिवार के किसी भी आदमी नेकिसी भी कर्मचारी की नियुक्ति में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया है.BJP & Gujarat CM Rupani trying to hide their incompetence by making suchbaseless statements: Randeep Surjewala, Congress pic.twitter.com/rn3r28t6Nv— ANI (@ANI) October 27, 2017सुरजेवाला ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि आतंकी मौलाना मसूद अजहर को कंधार कौनले गया? महाराष्ट्र के मंत्री एकनाथ खड़से को इस्तीफा देना पड़ा, तो आतंकियों सेकौन जुड़ा है? किसने पठानकोट हमले के बाद आईएसआई को पठानकोट बुलाया. इसलिए कांग्रेसको लेक्चर न दें, ये बीजेपी है, जो देश बांटने वालों के साथ है. वहीं गुजरात केप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी ने रुपाणी के आरोप को बेबुनियाद बताया है.उन्होंने कहा- बीजेपी राजनीति नहीं राष्ट्रनीति करे. केंद्र और राज्य दोनों जगहबीजेपी की सरकार है, वे जांच करवाएं और जो भी दोषी हो उन्हें फांसी की सजा दें. खुदअहमद पटेल ने भी ट्वीट कर अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया हैMy party and I appreciate the ATS’s effort to nab the two terrorists. I demandstrict and speedy action against them. (1/3) — Ahmed Patel (@ahmedpatel) October27, 2017The allegations put forward by BJP are completely baseless. (2/3)— Ahmed Patel (@ahmedpatel) October 27, 2017We request that matters of national security not be politicised keepingelections in mind (3/3) — Ahmed Patel (@ahmedpatel) October 27, 2017Let’s not divide peace loving Gujaratis while fighting terrorism— Ahmed Patel (@ahmedpatel) October 27, 2017अस्पताल ने भी दी सफाईकथित आतंकी के पकड़े जाने के बाद आरोपों से घिरे अस्पताल ने भी सफाई दी है. अस्पतालके मुताबिक पकड़े गए आतंकी ने 4 अक्टूबर को अस्पताल से इस्तीफा दे दिया था. अस्पतालप्रशासन ने उसका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया था और उसे 24 अक्टूबर को अस्पताल सेमुक्त कर दिया गया था. अस्पताल प्रशासन को उसके किए गए गैरकानूनी कामों के बारे मेंकोई जानकारी नहीं हैं.अस्पताल बनाने के लिए चाहिए थे पैसे, रामकथा कर मोरारी बापू ने जुटाए थेकथावाचक मोरारी बापू ने 10 दिनों तक रामकथा करके अस्पताल के लिए पैसे जुटाए थे.17 जून 1979 को सरदार पटेल ट्रस्ट के ट्रस्टी भाईलालभाई पटेल, अहमद पटेल और अन्यट्रस्टी मिले और उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल रोटरी जनरल हॉस्पिटल बनाने काप्रस्ताव रखा. नाथूभाई पटेल और अन्य ने अस्पताल बनाने के लिए जमीन दे दी. इसके बादजरूरत थी पैसे की. इसे पूरा करने के लिए आगे आए मशहूर कथावाचक मोरारी बापू.उन्होंने 25 फरवरी 1981 से 5 मार्च 1981 तक कथा का आयोजन किया, जिससे चंदे के तौरपर कुछ पैसे इकट्ठे हो सकें. इस कथा के आयोजन और दूसरे तरह के डोनेशन से चार लाखरुपये मिले. 25 मई 1981 को गुजरात के एक संत हरिश्चंद्र त्यागी ने अस्पताल की नींवरखी. इसके बाद अहमद पटेल, हरिसिंह महिणा और मुलजीभाई सहानिया ने अपनी कोशिशें करकेडिस्ट्रिक्ट प्लानिंग बोर्ड से तीन लाख रुपये अस्पताल के लिए हासिल किए. जब अस्पतालबन ही रहा था, तो डॉ. बरजोजी अंकलेश्वरैया ने अपना घर, उससे जुड़ा एक मैदान और40,000 रुपये अस्पताल बनाने के लिए दे दिए. इसके अलावा उन्होंने हर महीने 4000रुपये देने की भी बात कही. 22 अक्टूबर 1985 को हरिसिंह महिदा ने अस्पताल कीबिल्डिंग का उद्घाटन किया. 1986 में अहमद पटेल के कहने पर भरूच डिस्ट्रिक्ट ऑयलफिल्ड डिवेलपमेंट सोसाइटी ने ने तीन लाख रुपये दे दिए. कथा के जरिए डोनेशन के पैसेसे शुरू हुआ ये अस्पताल आज भरूच जिले के सबसे बेहतर अस्पतालों में से एक है, जिसमें100 बेड हैं, 12 स्पेशियलिटी रूम हैं और इसके अलावा वो और सभी सुविधाएं हैं, जो एकअच्छे अस्पताल में होनी चाहिए.2016 में हुआ था रिनोवेशन, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी पहुंचे थेअस्पताल के रिनोवेशन के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी भरूच पहुंचे थे.2016 में इस अस्पताल का रिनोवेशन हुआ था. रिनोवेशन का काम पूरा होने के बाद एककार्यक्रम आयोजित किया गया. 23 अक्टूबर 2016 को इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणबमुखर्जी भी पहुंचे थे. उस दौरान प्रणब मुखर्जी ने कहा था- मैं बहुत खुश हूं कि मुझेऐसे अस्पताल से जुड़ने का मौका मिला, जिसमें सरदार पटेल का नाम जुड़ा है. उन्होंने570 रियासतों को एकजुट करने का काम किया था. गुजरात चुनाव की तारीखों के ऐलान केबाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच जंग और भी तेज हुई है. अस्पताल से पकड़े गए आतंकी काहवाला देकर दोनों पार्टियां एक दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं. जीतकिसकी होगी, ये तो अब 18 दिसंबर को ही तय होगा, लेकिन उससे पहले दोनों ही पार्टियोंके बीच दिलचस्प जंग देखने को मिल रही है.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो में देखें गुजरात चुनाव से जुड़ी खबरेंये भी पढ़ें:भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' का गुजरात चुनाव से क्या रिश्ता है?गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसने इंदिरा गांधी से बगावत करके कुर्सी पर कब्ज़ा करलिया थाजब गुजरात का कॉल गर्ल रैकेट हिमाचल में चुनावी मुद्दा बन गया