IND v AUS : टीम इंडिया के हाथ से मैच कैसे निकल गया?
एक गलती ऐसी भी है, जो मैच से पहले हुई.
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दूसरा टेस्ट हारती दिख रही है टीम इंडिया.
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इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा टेस्ट चल रहा है. जगह है पर्थ का तेज तर्रार और अजीबो गरीब मैदान. और मैच के चौथे दिन इस मैदान ने अपने पूरे रंग दिखाए. कभी टीम इंडिया आगे तो कभी ऑस्ट्रेलिया. कुल मिलाके मैच तीन फेज में रहा.
# पहला फेज - जब ऑस्ट्रेलिया 175 रन की लीड के साथ मैदान में उतरा. स्कोर था 132 पर 4 विकेट. मैच टीम इंडिया के हाथ से बहुत दूर नजर आ रहा था.
# फिर आया दूसरा फेज. टीम इंडिया मैच में वापस लौटी. जब मोहम्मद शमी के अंदर का सेकंड इनिंग वाला बॉलर जागा. उड़ाने शुरू किए विकेट.

शमी ने 6 विकेट लेकर मैच में भारत की वापसी करवाई थी.
# इसके बाद आया तीसरा फेज. डिसाइिंग फेज. जिसमें तय होना था कि मैच किस तरफ जाएगा. माने इंडिया की बैटिंग. फोर्थ इनिंग. जिसमें 287 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया के 5 विकेट गिर चुके हैं. खेल खत्म होने तक भारत का स्कोर था 112 रन पर 5 विकेट. 175 रन और चाहिए टीम इंडिया को मैच जीतने के लिए...ये लाइन थोड़ी मजाक सी लग रही है न...
खैर चौथे दिन को थोड़ा और डिटेल में बताएं तो सुबह मैदान पर आए टिम पेन और उस्मान ख्वाजा. दोनों ने पार्टनरशिप आगे बढ़ानी शुरू की. लगा कि यही दोनों टीम इंडिया की खटिया खड़ी कर देंगे. मगर फिर मोहम्मद शमी के अंदर सोया हुआ बॉलर जाग गया. जोकि ज्यादातर चौथी इनिंग में ही जागता है. बॉल पुरानी होने पर. तो शमी का पहला शिकार बने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन. 79वें ओवर में. पेन अपनी मुंह की तरफ आती गेंद को सूंघ नहीं पाए और बल्ले का हैंडल दे बैठे. गेंद सीधा कोहली के हाथ में. विकेट ने शमी की मशीन को और गर्म कर दिया. अगली ही गेंद पर एरॉन फिंच को भी शमी ने गिरा लिया. वो फिंच जो चोटिल होकर पहले लौट गए थे.

टिम पेन का विकेट भी शमी ने निकाला.
ऑस्ट्रेलिया बड़ी खुश थी कि फिंच फिट हैं, मगर ये खुशी शमी ने छीन ली. और रही सही कसर शमी ने पूरी कर दी 83वें ओवर में. मैदान पर जमे उस्मान ख्वाजा का विकेट लेकर. ख्वाजा ने इस इनिंग में सबसे ज्यादा 72 रन बनाए. 84वें ओवर में बुमराह ने कमिंस तो 87वें ओवर में शमी ने लायन को चलता किया. मगर गरारी एक बार फिर फंस गई आके 10वें विकेट पर. इसे गिराने में टीम इंडिया को पसीना छूट गया. 36 रन और बने सो अलग. 94वें ओवर में बुमराह ने स्टार्क को बोल्ड मारा. शुक्र है मार दिया, वरना तो इंडिया यहीं मैच हारी जा रही थी.
टीम इंडिया के सामने अब था 287 का टार्गेट. आगे की कहानी से पहले एक ट्वीट आपको सुनाता हूं. इसमें लिखा था - ऑस्ट्रेलिया को मैच जीतने के लिए तीन ही विकेट चाहिए.
पहला चेतेश्वर पुजारा. दूसरा विराट कोहली और तीसरा अजिंक्य रहाणे का.
आगे की कहानी तो आप समझ ही गए होंगे. वैसे भी हमारे ओपनर केएल राहुल और मुरली विजय तो रस्म अदायगी के लिए आते हैं. राहुल को तो न जाने काहे की जल्दी रहती है. वापस पवेलियन जाने की. 0 पर ही वापस निकल लिए. पहले ही ओवर में. तय ही नहीं कर पा रहे थे कि खेले और छोड़ें. दूसरे ओपनर विजय ने इस मैच में जरूर कुछ संघर्ष करने की कोशिश की. मगर 20 रन ही बना सके और लायन का शिकार बने. इसके बाद वो तीन विकेट गिरे जो ऑस्ट्रेलिया के पाले में ये मैच डाल चुके हैं. पुजारा और रहाणे बने हैजलवुड का शिकार. और कप्तान विराट कोहली को एक बार फिर चकमा दिया नाथन लायन ने. कोहली 17 रन ही बना सके. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया का स्कोर था 112 पर 5 विकेट. हनुमा विहारी 24 रन तो ऋषभ पंत 9 रन की पारी खेलते हुए मैदान पर हैं. पांचवें दिन ये दोनों कोई चमत्कार ही कर दें. पंत के अंदर बैठा आईपीएल वाला शैतान जाग जाए तो बात अलग है. वरना तो हमें अब तीसरे टेस्ट के लिए दुआएं मांगनी शुरू कर देनी चाहिए.

ऋषभ पंत और हनुमा विहारी पांचवें दिन क्या कर पाते हैं, देखने वाला होगा.
वजह वही जो ट्वीट हमने कुछ देर पहले बताया. तीनों जरूरी विकेट ऑस्ट्रेलिया निकाल चुकी है. जो बात हजम नहीं हो रही है, वो है टीम इंडिया का स्पिनर को नहीं खिलाना. माना अश्विन चोटिल थे. तो जडेजा को क्या वहां साइट सीइंग करवाने के लिए ले जाया गया है. अगर जडेजा को खिलाया गया होता तो मैच किसी और मोड़ पर होता. कायदे वाली बात कहें तो मैच का रिजल्ट क्या रहेगा, जनता को इससे ज्यादा अगले मैच के प्लेइंग इलेवन में इंट्रेस्ट है. क्या ओपनर बदलेंगे. क्या स्पिनर टीम में आएगा. सब देखने वाला होगा.
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जरूरी कैच पुजारा ने छोड़ा मगर इसके असली गुनहगार ऋषभ पंत हैं
# पहला फेज - जब ऑस्ट्रेलिया 175 रन की लीड के साथ मैदान में उतरा. स्कोर था 132 पर 4 विकेट. मैच टीम इंडिया के हाथ से बहुत दूर नजर आ रहा था.
# फिर आया दूसरा फेज. टीम इंडिया मैच में वापस लौटी. जब मोहम्मद शमी के अंदर का सेकंड इनिंग वाला बॉलर जागा. उड़ाने शुरू किए विकेट.

शमी ने 6 विकेट लेकर मैच में भारत की वापसी करवाई थी.
# इसके बाद आया तीसरा फेज. डिसाइिंग फेज. जिसमें तय होना था कि मैच किस तरफ जाएगा. माने इंडिया की बैटिंग. फोर्थ इनिंग. जिसमें 287 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया के 5 विकेट गिर चुके हैं. खेल खत्म होने तक भारत का स्कोर था 112 रन पर 5 विकेट. 175 रन और चाहिए टीम इंडिया को मैच जीतने के लिए...ये लाइन थोड़ी मजाक सी लग रही है न...
खैर चौथे दिन को थोड़ा और डिटेल में बताएं तो सुबह मैदान पर आए टिम पेन और उस्मान ख्वाजा. दोनों ने पार्टनरशिप आगे बढ़ानी शुरू की. लगा कि यही दोनों टीम इंडिया की खटिया खड़ी कर देंगे. मगर फिर मोहम्मद शमी के अंदर सोया हुआ बॉलर जाग गया. जोकि ज्यादातर चौथी इनिंग में ही जागता है. बॉल पुरानी होने पर. तो शमी का पहला शिकार बने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन. 79वें ओवर में. पेन अपनी मुंह की तरफ आती गेंद को सूंघ नहीं पाए और बल्ले का हैंडल दे बैठे. गेंद सीधा कोहली के हाथ में. विकेट ने शमी की मशीन को और गर्म कर दिया. अगली ही गेंद पर एरॉन फिंच को भी शमी ने गिरा लिया. वो फिंच जो चोटिल होकर पहले लौट गए थे.

टिम पेन का विकेट भी शमी ने निकाला.
ऑस्ट्रेलिया बड़ी खुश थी कि फिंच फिट हैं, मगर ये खुशी शमी ने छीन ली. और रही सही कसर शमी ने पूरी कर दी 83वें ओवर में. मैदान पर जमे उस्मान ख्वाजा का विकेट लेकर. ख्वाजा ने इस इनिंग में सबसे ज्यादा 72 रन बनाए. 84वें ओवर में बुमराह ने कमिंस तो 87वें ओवर में शमी ने लायन को चलता किया. मगर गरारी एक बार फिर फंस गई आके 10वें विकेट पर. इसे गिराने में टीम इंडिया को पसीना छूट गया. 36 रन और बने सो अलग. 94वें ओवर में बुमराह ने स्टार्क को बोल्ड मारा. शुक्र है मार दिया, वरना तो इंडिया यहीं मैच हारी जा रही थी.
टीम इंडिया के सामने अब था 287 का टार्गेट. आगे की कहानी से पहले एक ट्वीट आपको सुनाता हूं. इसमें लिखा था - ऑस्ट्रेलिया को मैच जीतने के लिए तीन ही विकेट चाहिए.
पहला चेतेश्वर पुजारा. दूसरा विराट कोहली और तीसरा अजिंक्य रहाणे का.
आगे की कहानी तो आप समझ ही गए होंगे. वैसे भी हमारे ओपनर केएल राहुल और मुरली विजय तो रस्म अदायगी के लिए आते हैं. राहुल को तो न जाने काहे की जल्दी रहती है. वापस पवेलियन जाने की. 0 पर ही वापस निकल लिए. पहले ही ओवर में. तय ही नहीं कर पा रहे थे कि खेले और छोड़ें. दूसरे ओपनर विजय ने इस मैच में जरूर कुछ संघर्ष करने की कोशिश की. मगर 20 रन ही बना सके और लायन का शिकार बने. इसके बाद वो तीन विकेट गिरे जो ऑस्ट्रेलिया के पाले में ये मैच डाल चुके हैं. पुजारा और रहाणे बने हैजलवुड का शिकार. और कप्तान विराट कोहली को एक बार फिर चकमा दिया नाथन लायन ने. कोहली 17 रन ही बना सके. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया का स्कोर था 112 पर 5 विकेट. हनुमा विहारी 24 रन तो ऋषभ पंत 9 रन की पारी खेलते हुए मैदान पर हैं. पांचवें दिन ये दोनों कोई चमत्कार ही कर दें. पंत के अंदर बैठा आईपीएल वाला शैतान जाग जाए तो बात अलग है. वरना तो हमें अब तीसरे टेस्ट के लिए दुआएं मांगनी शुरू कर देनी चाहिए.

ऋषभ पंत और हनुमा विहारी पांचवें दिन क्या कर पाते हैं, देखने वाला होगा.
वजह वही जो ट्वीट हमने कुछ देर पहले बताया. तीनों जरूरी विकेट ऑस्ट्रेलिया निकाल चुकी है. जो बात हजम नहीं हो रही है, वो है टीम इंडिया का स्पिनर को नहीं खिलाना. माना अश्विन चोटिल थे. तो जडेजा को क्या वहां साइट सीइंग करवाने के लिए ले जाया गया है. अगर जडेजा को खिलाया गया होता तो मैच किसी और मोड़ पर होता. कायदे वाली बात कहें तो मैच का रिजल्ट क्या रहेगा, जनता को इससे ज्यादा अगले मैच के प्लेइंग इलेवन में इंट्रेस्ट है. क्या ओपनर बदलेंगे. क्या स्पिनर टीम में आएगा. सब देखने वाला होगा.
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