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‘IPL की वजह से करियर...’, ECB को लेकर बड़ी बात बता गए पीटरसन

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेट केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) ने खुलासा किया है कि IPL में खेलने की वजह से उनका इंटरनेशनल करियर जल्दी खत्म हो गया. वह अपने देश के लिए 150-160 टेस्ट खेल सकते थे.

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7 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 11:43 PM IST)
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केविन पीटरसन IPL में 2009 से लेकर 2016 तक खेले थे. (फोटो- PTI)
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इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) ने IPL को लेकर बड़ी बात कही है. उनका कहना है कि इस लीग में खेलने की वजह से ECB के साथ लंबे समय से चले आ रहे विवाद ने उनके इंटरनेशनल करियर को जल्दी खत्म करने में बड़ी भूमिका निभाई थी. इस दौरान, उन्होंने ECB के साथ विवाद पर भी खुलकर बात की. पीटरसन 2009 से लेकर 2016 तक IPL में 3 अलग-अलग टीमों से खेले थे.

पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर का मानना है कि उन्होंने आईपीएल में खेलने की बड़ी कीमत चुकाई है. उनका कहना है कि उन्होंने ऐसे वक्त में फ्रेंचाइजी क्रिकेट को प्राथमिकता दी, जब उसे बुरा माना जाता था. इस लीग की वजह से उनके इंटरनेशनल क्रिकेट करियर पर असर पड़ा. रणवीर अलाहाबादिया के पॉडकास्ट में पीटरसन ने बात करते हुए कहा,

मैंने बहुत बड़ी कुर्बानी दी है. IPL की वजह से मेरा करियर खत्म हो गया. यह हंड्रेड पर्सेंट सच है कि IPL में खेलने की वजह से उस समय ECB में हर कोई मेरे खिलाफ हो गया.

2009 में मिली परमिशन

IPL के पहले सीजन में ECB ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले सभी खिलाड़ियों को IPL में खेलने से रोक दिया था. IPL के पहले सीजन में इंग्लैंड का सिर्फ एक क्रिकेटर खेला था. इस क्रिकेटर का नाम था दिमित्री मास्करेनहास. तब, मास्करेनहास इंग्लैंड के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल नहीं थे. पहले सीजन में वह राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा थे.

ये भी पढ़ें: क्या फिर दिल्ली फतेह कर लेगा गुजरात? इस प्लेयर को नहीं रोका तो बढ़ सकती है GT की मुश्किलें

इसके बाद, ECB ने 2009 में IPL के दूसरे सीजन में अपने कॉन्ट्रैक्टेड प्लेयर्स को 3 सप्ताह के सीमित समय के लिए फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलने की इजाजत दी थी. साल 2009 में पीटरसन ने नेशनल ड्यूटी को दरकिनार करते हुए IPL को वरीयता दी. IPL 2009 में पीटरसन RCB का हिस्सा थे. वह इस टीम के लिए 2010 तक खेले.

पीटरसन IPL जॉइन करने से पहले तत्कालीन इंग्लैंड के कोच पीटर मूर्स के साथ हुए मनमुटाव से जूझ रहे थे. बाद में यह मामला ECB तक पहुंच गया. यहीं से पीटरसन और उनके इंटरनेशनल करियर के लिए मुश्किलें बढ़ गई थीं.

पॉडकास्ट में उन्होंने आगे कहा, 

जब मेरा इंग्लैंड के लिए करियर खत्म हुआ तब मैं 33 साल का था. उस समय मैंने 104 टेस्ट खेले थे. मुझे 150-160 टेस्ट मैच खेलना चाहिए था, और 12 -13 हजार रन बनाना था. मैं यह अचीव कर सकता था.

IPL में खेलने की वजह से पीटरसन का ECB के साथ विवाद एक चर्चित मुद्दा बन गया था. बोर्ड ने उनके पीछे मीडिया का इस्तेमाल किया था. पीटरसन के मुताबिक, 

ECB ने मेरे पीछे द टेलीग्राफ को लगा दिया था. हालांकि, इस बारे में मैं ज्यादा गहराई तक नहीं जाना चाहता. खूब प्रचार किया गया. लेकिन अब में शांति से लाइफ एंजॉय कर रहा हूं.

ECB प्लेयर्स को आजादी नहीं देता

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड आज भी अपने प्लेयर्स को IPL में खेलने की पूरी आजादी नहीं देता है. वह अपने खिलाड़ियों पर प्रेशर बनाता है. IPL 2026 की बात करें, तो इंग्लैंड के प्लेयर बेन डकेट ने अपना नाम वापस ले लिया था. इस सीजन डकेट दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा थे. इसके अलावा, बीते सीजन हैरी ब्रूक ने भी आईपीएल से अपना नाम वापस ले लिया था. तब ब्रूक भी दिल्ली कैपिटल्स की टीम में ही शामिल थे. 

BCCI ने बनाया नियम

BCCI ने विदेशी खिलाड़ियों के आईपीएल से नाम वापस लेने के लिए बीते साल कड़ा नियम बनाया था. इस नियम के मुताबिक, अगर कोई फॉरेन प्लेयर IPL से अपना नाम वापस लेगा, तो उसे 2 साल के लिए लीग से बैन कर दिया जाएगा. जिन विदेशी खिलाड़ियों ने दो सीजन से अपने नाम वापस लिए हैं, वे 2 साल के बाद ही IPL के ऑक्शन में शामिल हो सकते हैं. 

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