सऊदी अरब के खिलाफ गोल, भारतीय मूल के प्लेयर ने उरुग्वे को हार से बचाया
FIFA वर्ल्ड कप हिस्ट्री में भारतीय मूल की सिर्फ दो प्लेयर हैं, जिन्होंने गोल किया है. आरोन विंटर ने 1994 FIFA वर्ल्ड कप में सुरीनाम की तरफ से खेलते हुए ब्राजील के खिलाफ गोल किया था. इस लिस्ट में अब अराउजो का नाम भी जुड़ गया है.

मैक्सिमिलियानो अराउजो (Maximiliano Araujo). उरुग्वे के मिडफील्डर. FIFA World Cup 2026 में सऊदी अरब के खिलाफ भारतीय मूल के इस प्लेयर ने कमाल कर दिया. मैच के आखिरी मिनटों में गोल करके अराउजो ने अपनी टीम को हार से बचा लिया. 80वें मिनट में आए गोल के कारण मैच 1-1 से ड्रॉ रहा. लेकिन मैक्सिमिलियानो अराउजो का नाम भारत तक चर्चा का विषय बन गया. पुर्तगाल के एक क्लब से खेलने वाले इस प्लेयर का भारत से क्या कनेक्शन है, आइए जानते हैं.
गोवा से ताल्लुकसऊदी अरब के खिलाफ उरुग्वे को हार से बचाने वाले मैक्सिमिलियानो अराउजो का ताल्लुक गोवा से है. उन्हें उनके टीम के प्लेयर्स ‘मैक्सी’ नाम से बुलाते हैं. उनकेे दादा रेडुआल्डो आरुजो साउथ गोवा के लुटोलिम गांव के रहने वाले थे. बाद में, बेहतर मौकों के लिए वह अफ्रीकी देश अंगोला चले गए. अंगोला के बाद रेडुआल्डो ने ब्राजील का रुख किया. और आखिर में वह उरुग्वे के रिवेरा में बस गए. जहां मैक्सी का जन्म हुआ.
मैक्सी की फुटबॉल जर्नीमैक्सिमिलियानो अराउजो बचपन से ही फुटबॉलर बनना चाहते थे. 2020 में वह मेक्सिको पहुंचे और वहां प्यूब्ला (Puebla) क्लब जॉइन किया. मैक्सी ने यहां करीब 3 साल तक अपना खेल निखारा. इसके बाद वो पुर्तगाल के फेमस फुटबॉल क्लब स्पोर्टिंग CP के लिए खेलने लगे. येां वो अभी भी खेलते हैं.
ये भी पढ़ें: ईरान की टीम को मैच के बाद अमेरिका छोड़ना पड़ा, कोच ने FIFA को भयंकर लताड़ा
2023 में इंटरनेशनल फुटबॉल डेब्यूमैक्सिमिलियानो अराउजो ने साल 2023 में इंटरनेशनल फुटबॉल में डेब्यू किया था. वह जल्द ही उरुग्वे के लिए इम्पैक्टफुल प्लेयर बन गए. इंटरनेशनल फुटबॉल में डेब्यू करने के बाद, मैक्सी उरुग्वे के लिए अब तक 14 मैच खेले चुके हैं. इन 14 मुकाबलों में उन्होंने 4 गोल किए हैं. साल 2024 में उन्होंने कोपा अमेरिका में शानदार प्रदर्शन किया था.
मैक्सिमिलियानो अराउजो का स्टाइल देखते ही अंदाजा हो जाता है कि वो किस देश से हैं. उनके हाई एनर्जी शॉट्स देखकर साफ पता चलता है कि वो उरुग्वे से हैं. अराउजो एक फुल-बैक हैं जो पूरे मैदान पर अपनी पकड़ रखते हैं. वो टैकल करने में काफी टफ हैं और विपक्षी टीम के पेनल्टी एरिया में भी खतरा बन सकते हैं. उनकी मेहनत और जुनून एकदम उरुग्वे वाली है, जिसके लिए उनकी नेशनल टीम के प्लेयर्स जाने जाते हैं.
मार्सेलो बिएल्सा की हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग के अंडर 26 साल के अराउजो उरुग्वे की टीम में लेफ्ट मिडफील्ड पर कमाल कर रहे हैं. जब सामने वाली टीम तकनीकी रूप से मजबूत होती है, तब वो पीछे आकर डिफेंस में मदद करते हैं. लेकिन जब जगह मिलती है तो वो आगे बढ़कर अटैकिंग फुटबॉल भी खेलते हैं.
2024 कोपा अमेरिका में उन्होंने पनामा के खिलाफ एक शानदार लूपिंग शॉट मारकर उरुग्वे का पहला गोल किया. सिर्फ चार दिन बाद बोलीविया के खिलाफ तेज रन लेकर उन्होंने टीम को 3-0 की बढ़त दिलाई.
क्लब फुटबॉल में इस सीजन उन्होंने फुल-बैक की पोजीशन से 7 गोल किए हैं. अक्सर थ्रू बॉल मिलने पर लेफ्ट फुट से जोरदार शॉट मारते हैं. थ्रू बॉल एक ऐसा पास होता है जो विपक्षी टीम की डिफेंस लाइन के पीछे खाली जगह में दिया जाता है. ये एक बहुत जरूरी अटैकिंग मूव है, जिसका मकसद ऑफसाइड ट्रैप को तोड़ना और डिफेंस को बीच से चीरकर निकलना होता है.
अराउजो ने 2024 में मैनचेस्टर सिटी के खिलाफ भी अंदर की तरफ रन लेकर एक शानदार गोल किया था.
FIFA वर्ल्ड कप हिस्ट्री में भारतीय मूल की सिर्फ दो प्लेयर हैं, जिन्होंने गोल किया है. आरोन विंटर ने 1994 FIFA वर्ल्ड कप में सुरीनाम की तरफ से खेलते हुए ब्राजील के खिलाफ गोल किया था. इस लिस्ट में अब अराउजो का नाम भी जुड़ गया है.
भारतीय मूल का एक और प्लेयर चमकाफीफा वर्ल्ड कप में 15 जून को ईरान और न्यूजीलैंड के बीच भी मैच खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय मूल के सरप्रीत सिंह खेलने उतरे. सरप्रीत न्यूजीलैंड के लिए खेलते हैं. सऊदी अरब के खिलाफ मैच में वह 90 मिनट तक ग्राउंड पर डटे रहे. 10 नंबर की जर्सी पहने सरप्रीत ने ईरान के खिलाफ 3 शॉट भी लगाए. उन्होंने मिडफील्ड में न्यूजीलैंड के डिफेंस को मजबूत किया. ये मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा.
सरप्रीत सिंह के माता-पिता पंजाब के जालंधर के रहने वाले हैं. लेकिन कई सालों पहले वो न्यूजीलैंड सेटल हो गए थे. सरप्रीत सिंह के पिता ऑकलैंड में किराने की दुकान चलाते हैं.
वीडियो: वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर अगरकर ने क्या कहा?

