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फटी साड़ी में असेंबली से बाहर निकलकर कहा 'अब CM बनकर आऊंगी'

चुनाव के रिजल्ट आज आ रहे हैं. तमिलनाडु में अम्मा आगे जा रही हैं. फिर CM बनने. पढ़िए उनकी जिंदगी के पर्सनल और पॉलिटिकल किस्से.

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19 मई 2016 (अपडेटेड: 19 मई 2016, 08:19 AM IST)
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Source: PTI
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तमिलनाडु में आग लगी थी. लोग टीवी से चिपके पड़े थे. कहीं से खबर आती "फला जगह पर हिंसक प्रदर्शन." कहीं से आती कि "अम्मा की सजा से गुस्साए आदमी ने किया आत्मदाह." ये अम्मा थीं जयललिता. जिनके पीछे लोग पगलाए हुए थे. तारीख थी 27 सितंबर. साल 2014.
जयललिता को चार साल की कैद और 100 करोड़ रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी स्पेशल कोर्ट ने. मामला था आय से अधिक संपत्ति रखने का. मुकदमा 18 साल पुराना. ये केस 20 अगस्त 1996 में दायर किया था सुब्रमण्यम स्वामी ने. स्वामी, जिनके मूड का अंदाजा ब्रह्मा भी नहीं लगा सकते. कभी अटल की सरकार गिरा देते हैं. कभी कांग्रेस के पीछे पड़ जाते हैं. गांधी नेहरू परिवार पर अगर किसी शख्स ने सबसे ज्यादा मुकदमे किए हैं तो वो हैं सुब्रमण्यम स्वामी. अपने बयानों से लाइमलाइट में चमकार मारते रहते हैं.
स्पेशल जज जॉन माइकल ने उनको दोषी माना था पहली बार मुख्यमंत्री रहने के दौरान अकूत धन दौलत बटोरने का. सन 96 में साढ़े 66 करोड़ रुपए बहुत होते थे भाई. इतने में दो हजार एकड़ जमीन, 30 किलो सोना और 12 हजार साड़ियां खेंच निकाली थी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने. इस फैसले की वजह से अम्मा की सदस्यता रद्द हो गई. कुर्सी छूट गई. हालांकि अगले साल फैसला पलट गया. लेकिन इससे ये तो पता चल गया कि फ्रीबीज वाली अम्मा को लोग इतना चाहते हैं कि उनके लिए जान भी दे देते हैं. वही जयललिता फिर से तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने वाली हैं. उनके एकाध किस्से याद कर लिए जाएं.
जयललिता की रिहाई के लिए पूजा करते लोग
जयललिता की रिहाई के लिए पूजा करते लोग

कलयुग की द्रौपदी बनने के बाद जिंदगी बदल गई

सन 89 में पहली नेता प्रतिपक्ष बनी थी. सरकार थी एम करुणानिधि की. CM खुर्राट थे काले चश्मे वाले दादा तब. उनके इशारे पर 25 मार्च को विधानसभा में वो काम हुआ कि गालियों से उनकी झोली भर गई. असेंबली में जोरदार बहस चल रही थी. स्पीकर बैठे थे. अचानक हंगामा शुरू हो गया. करुणानिधि के गुर्गों ने जयललिता पर हमला बोल दिया. जबानी नहीं, सीधे हाथापाई. जब वो फटी साड़ी में बाहर निकलीं तो भूचाल आ गया. पब्लिक में करुणानिधि की थू थू हो गई. मीडिया ने जयललिता को बना दिया महाभारत की द्रौपदी. जिनकी बेइज्जती लेटेस्ट कौरवों ने की थी. जयललिता ने प्रतिज्ञा की कि वो अब असेंबली लौटेंगी तो CM बनकर. फिर सन 91 में हुआ एलेक्शन, और फैसला हो गया.
jaya 1989

बेटे की शादी की थी गिनीज बुक रिकॉर्ड बनाने के लिए

जयललिता के पाले कुल दीपक थे वीएन सुधाकरन. अरमान था कि बेटे की शादी धूमधाम से हो. जिसे जमाना याद रखे. लेकिन शादी के लिए जरूरी होती है जोड़ी. जो कहते हैं कि ऊपर से बनके आती हैं. ऊपर का तो पता नहीं. यहां उनकी जोड़ी बनी शिवाजी गणेशन की पोती से. ये तमिल फिल्म इंडस्ट्री के स्टार थे. कन्या का नाम था सत्यलक्षमी. शादी की डेट तय पाई गई 7 सितंबर 1995.
ये तारीख अरमान पूरे करने की थी. अम्मा तो भैये सबपर मेहरबान रहती हैं. जब बात अपने बच्चे की हो तो दिल कैसे कंट्रोल में रहे. तिजोरी खोली, कलेजा खोल दिया.
थोटा थरानी, ये नाम है मशहूर आर्ट डायरेक्टर का. जिसने वो पंडाल सजाया था जो उस शादी में लगा था. करीब 70 हजार स्क्वायर फिट का ये पंडाल गिनीज बुक में रिकॉर्ड हुआ. 10 ठो तो डायनिंग हॉल थे. और हर हॉल में 25 हजार लोगों के खाने की क्षमता थी. ढेर सारे हीरे जवाहरात और साड़ियां गिफ्ट में. एक से बढ़कर एक VIP गेस्ट्स. उस जमाने में माने करीब 21 साल पहले इस शादी में 3 करोड़ का खर्च आया था. बड़ी कंट्रोवर्सी भी हुई थी. सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल करने के इल्जाम भी लगे थे. लेकिन अम्मा के खुले दिल का सुबूत तो मिला ही था.

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