जब इंग्लैंड के मौसम से भड़के फ़ैन ने अंपायर को बीच मैदान पटक दिया!
मैच बहुत देर से रुकने से भड़का था फैन.

क्रिकेट का मैदान. यहां खेल के अलावा भी काफी कुछ हो चुका है. यहां अंदर और बाहर दोनों ओर माहौल अक्सर गर्म हो जाता है. जैसे इंडिया वर्सेज़ पाकिस्तान मैच में जनता अपने प्लेयर्स के आगे हारने का ऑप्शन ही नहीं रखती है. और ऐसा ही कुछ हाल एशेज़ सीरीज़ का भी है, जब ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड आमने–सामने होते हैं. जब इंडियन टीम ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ़ उनके घर पर टेस्ट सीरीज़ खेलने जाती है, तब भी कुछ ऐसा ही होता है.
हां, आपके दिमाग में चल रहा होगा कि अब कहां ऐसा होता है. अब तो खिलाड़ी खूब हंसते, गले मिलते, एक दूसरे को सपोर्ट करते नज़र आते है. साल 2021 के T20 वर्ल्ड के दौरान हमने मोहम्मद रिज़वान और विराट कोहली की झप्पियां पाते हुए तस्वीर देखी थी. उससे पहले साल 2019 के विश्व कप में विराट कोहली स्टीव स्मिथ का मजाक बना रही जनता को चुप करवाते हुए नज़र आए थे.
लेकिन, पहले ऐसा नहीं होता था. पहले तो इस गेम में सीधी जंग दिखती थी. खिलाड़ी जीत के लिए विरोधी टीम के खिलाड़ियों को खूब स्लेज़ किया करते थे. मैदान पर भयंकर लड़ाइयां हो जाती थीं. प्लेयर्स फ़ैन्स से भिड़ जाते थे, और फ़ैन्स प्लेयर्स से. गुस्सा इतना होता था कि इंडिया में अगर आप हराकर लौट रहे हो, तो आपके पुतले फूंक दिए जाते थे. लेकिन इन सबके बीच आपने कभी अंपायर को पिटते हुए देखा है? मतलब किसी प्लेयर यार फ़ैन ने किसी मैच का गुस्सा अंपायर पर निकाल दिया हो?
शायद नहीं सुना होगा. तो आज हम आपको ऐसा ही एक क़िस्सा सुनाएंगे. ये ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच हुए मैच का है.
# Aus-Eng के 100वें मैच में क्या हुआसाल 1980 में लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच इकलौता टेस्ट मुकाबला करवाया गया था. ये मैच इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट के सौ साल पूरे होने के अवसर पर हो रहा था. इसलिए गेम के कई दिग्गज़ खिलाड़ी इसको देखने के लिए आए थे. ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का मन बना लिया. टीम को ग्रेम वुड (Graeme Wood) और ब्रूस लेयर्ड(Bruce Laird) ने ठीकठाक शुरुआत दी.
ब्रूस ने 24 रन बनाए. इनके बाद वुड की ग्रेग चैपल (Greg Chappel) के साथ बढ़िया साझेदारी हुई. ग्रेम ने 47 रन की पारी खेली. फिर मैदान पर आए किम ह्यूज़स (kim Hughes) ने ग्रेम का साथ दिया. दोनों खिलाड़ियों ने शतकीय पारियां खेली. एलन बॉर्डर (Allan Border) ने भी 56 रन बनाए. और ऑस्ट्रेलिया ने पांच विकेट खोकर 385 रन बनाकर अपनी पारी को डिक्लेयर कर दिया.

अब यहां से इंग्लैंड की टीम को इस स्कोर को चेज़ करने के लिए उतरना था. लेकिन जैसा कि इंग्लैंड के मौसम के बारे में कहा ही जाता है, यहां आपको एक ही दिन में सारे मौसम दिख जाते हैं. यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ. फ्राइडे, मैच के दूसरे दिन गेम में देरी हुई. उसके बाद रात को बारिश नहीं हुई तो जनता को लगा कि भई तीसरे दिन का खेल तो समय से शुरू हो ही जाएगा.
लेकिन ये इंग्लैंड की ज़मीन है. यहां पर अगर आप पूरा टेस्ट मैच देख लें, तो गंगा नहाने वाली बात हो जाएगी. ख़ैर, तो चौथे दिन जब लोगों को लगा कि अब मैच शुरू होगा, तब बादल दो घंटे और बरसे. और मामला और खराब कर दिया. इसके तुरंत बाद वहां धूप भी आ गई. पिच की हालात खराब थी तो खिलाड़ी वहां नहीं आए. लेकिन बारिश, गर्मी झेल रहे दर्शक भड़क गए. उन्होंने खूब शराब भी पी रखी थी. और इस बात ने आग में घी का काम किया. वो अपशब्दों का प्रयोग करते हुए हंगामा करने लगे.
क्रिकइंफो के अनुसार, जर्नलिस्ट ज्यॉफ्री मूरहाउस (Geoffrey Moorhouse) ने अपनी किताब लॉर्ड्स में लिखा कि ग्राउंड स्टॉफ को लगा कि मैच लंच के बाद शुरू हो जाएगा. चैपल ने भी अंपायर से कहा था कि हम खेलने के लिए तैयार है, लेकिन इयन बॉथम इसके लिए तैयार नहीं थे. उस दौरान MCC के सेक्रेटरी जैक बेली (Jack Bailey) ने कहा था,
‘MCC भी चाहता था कि गेम जल्दी शुरू हो.’
लेकिन ऐसा हुआ नहीं. तो खिलाड़ी और अंपायर लगातार ग्राउंड के इंस्पेक्शन के लिए आते रहे. उनको बू किया गया. 3.30 बजे फिर पांचवां इंस्पेक्शन हुआ. और इस दौरान इयन बॉथम की गर्दन पर पीछे से कुछ फेंक कर मारा गया. इस घटना के बावजूद कोई एक्सट्रा सिक्योरिटी नहीं बुलाई गई. यहां पर अंपायरिंग कर रहे डिकी बर्ड ने बाद में अपनी ऑटोबॉयोग्राफी के जरिए बताया कि उन्होंने इस मौके पर कप्तानों से कहा था,
‘चलो लड़कों, हम ऐसे नहीं चल सकते. 15 मिनट में हम खेल को शुरू करेंगे.’
इतनी बात होने के बाद मैदान पर मौजूद दूसरे अंपायर डेविड कॉन्सटेंट वापस अंदर जाने लगे. और उसी दौरान लोगों ने उन्हें गालियों देनी शुरू कर दी. उनके खिलाफ भद्दे कॉमेंट्स किए गए. उनका रास्ता रोका गया. और जैसे ही अंपायर ने रास्ता रोक रहे दर्शक को धक्का देकर हटाया, तो उसने बदले में कॉन्सटेंट की टाई पकड़ ली. और लगभग उनको ग्राउंड तक खींच लिया. इस बीच थोड़ी हाथापाई भी हुई. और चैपल-बॉथम भागकर कॉन्सटेंट को बचाने पहुंचे.

इस तमाम बवाल के बाद जब अंपायर डिकी बर्ड वापस ड्रेसिंग रूम में पहुंचे, तो उन्होंने वहां पर पूरी तरह से हिले हुए कॉन्स्टेंट को देखा. उन्होंने इस बारे में कहा,
‘हम दोनों आंखों में आंसू लिए वहां बैठे रहे.’
इस पूरे बवाल के बाद भी डिकी बर्ड को अपनी बात याद रही. और उन्होंने कुछ ही देर बाद मैच दोबारा शुरू भी कराया. लोकल टाइम के मुताबिक ये मुकाबला 3.45 बजे दोबारा शुरू हुआ. और अंत में यह ड्रॉ पर खत्म हुआ. मैच के बाद दर्शक द्वारा की गई इस हरकत पर दुनिया के हर क्रिकेट देखने वाले देश में आर्टिकल लिखे गए. इस घटना की निंदा की गई. MCC में इसकी शिकायत भी हुई. और मैच दोबारा शुरू करने से पहले लॉन्ग रुम और पविलियन की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर पुलिसकर्मियों को भी खड़ा किया गया.
वर्ल्ड क्रिकेट में सबसे पहली बार गिल्लियों को बाउंड्री तक पहुंचाने वाले गेंदबाज रॉबर्ट बरोस

