'हमारी दुनिया में सबसे ताकतवर थे पिता'
एक कविता रोज में आज पढ़िए विजयशंकर चतुर्वेदी की कविता 'बीड़ी सुलगाते पिता'
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बीड़ी सुलगाते पिता विजयशंकर चतुर्वेदी
साभार: राधा कृष्ण प्रकाशन'माइग्रेन' का कोई रंग होता तो वह निश्चित ही हरा होता

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