'आज की रात मैं लिख सकता हूं अपने सबसे उदास गीत'
'एक कविता रोज' में आज पढ़िए पाब्लो नेरूदा को.
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फोटो - thelallantop
नेरूदा वो कवि हैं जिन्हें महान उपन्यासकार मार्केज़ ने खुद '20वीं सदी का सबसे महान कवि' बताया था. चिली देश से आने वाले पाब्लो नेरूदा 10 साल की उम्र में कवि कहलाने लगे थे. और 20 साल की उम्र तक स्टार बन चुके थे. पूरी जिंदगी ये चिली की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े रहे. एक समय ऐसा आया कि कम्युनिस्टों का जीना मुश्किल हो गया. नेरूदा कई दिन छिपे रहे. जब वापस आए तो तो 70 हजार लोगों की सभा में कविताएं पढ़ीं. कुछ सालों बाद जब चिली में तानाशाह पिनोशे आया, उसी समय नेरूदा को बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया. हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक़ नेरूदा कैंसर से मरे. पर कई लोग मानते हैं कि पिनोशे सरकार ने इनका मर्डर करवाया. पढ़िए दुनिया के सबसे बड़े जनकवियों में से एक पाब्लो नेरूदा की कविता 'आज की रात मैं लिख सकता हूँ अपने सबसे उदास गीत'.

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