सम्मान के लिए दिल्ली सरकार से भिड़ीं दिव्या काकरान के लिए यूपी ने की बड़ी घोषणा!
दिव्या काकरान के CWG ब्रॉन्ज़ के बाद से ही घमासान मचा हुआ है

दिव्या काकरान (Divya Kakran). भारतीय पहलवान ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 (CWG 2022) में कुश्ती में ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम किया. जिसके बाद पूरे देश की तरफ से उन्हें बधाई दी गई. और इन बधाइयों में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की बधाई भी शामिल थी. केजरीवाल ने ट्वीट कर सभी पहलवानों को बधाई दी थी. जिसके बाद दिव्या ने दिल्ली सरकार पर कभी पुरस्कार ना देने के आरोप लगाए.
ये विवाद अभी तक चल ही रहे हैं. और इस बीच मूल रूप से यूपी के मुजफ्फरनगर की रहने वाली दिव्या काकरान को उत्तर प्रदेश सरकार ने सम्मानित करने की घोषणा की है. ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली रेसलर को यूपी सरकार की तरफ से 50 लाख रुपये की इनामी राशि देने का ऐलान किया गया है.
इससे पहले केजरीवाल सरकार ने उन्हें यूपी का खिलाड़ी बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया था. जिसके बाद यूपी सरकार की तरफ से उन्हें सम्मानित करने का ऐलान किया गया है.
# मेडल जीतने के बाद मचा घमासानकॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल के बाद केजरीवाल की बधाई स्वीकारते हुए दिव्या ने कई ट्वीट्स किए. अपने पहले ट्वीट में दिव्या काकरान ने दिल्ली सरकार और सीएम केजरीवाल पर निशाना साधते हुए दिल्ली के खिलाड़ियों की मदद ना करने का आरोप भी लगाया था. काकरान ने ट्वीट किया था,
# सौरव भारद्वाज को दिया सबूत‘मेडल की बधाई देने पर दिल्ली के माननीय मुख्यमंत्री जी को तहे दिल से धन्यवाद. मेरा आपसे एक निवेदन है कि मैं पिछले 20 साल से दिल्ली में रह रही हूं और यही अपने खेल कुश्ती का अभ्यास कर रही हूं. लेकिन अब तक मुझे राज्य सरकार से किसी तरह की कोई इनामी राशि नहीं दी गई. और न कोई मदद दी गई.’
इसके बाद आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज इस बहस को आगे लेकर चले गए. उन्होंने ट्वीट किया,
‘बहन, पूरे देश को आप पर गर्व है, लेकिन मुझे याद नहीं आता कि आप दिल्ली की तरफ से खेलती हैं, आप हमेशा उत्तर प्रदेश की तरफ से खेलती आईं हैं, लेकिन खिलाड़ी देश का होता है, योगी आदित्यनाथ जी से आप को सम्मान की उम्मीद नहीं है, मुझे लगता है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री आपकी बात जरूर सुनेंगे.’
जिसके जवाब में दिव्या काकरान ने सबूत पेश करते हुए कहा कि वे 2011 से 2017 के बीच दिल्ली के लिए खेली हैं. उन्होंने ट्वीट किया,
‘2011 से 2017 तक मैं दिल्ली से खेलती थी. ये रहा सर्टिफिकेट दिल्ली स्टेट का. अगर आपको अभी भी यकीन नहीं तो दिल्ली स्टेट से 17 गोल्ड हैं मेरे. वो सर्टिफिकेट भी अपलोड करूं.’
दिव्या के द्वारा ये ट्वीट करते ही सियासी बहस शुरू हो गई. दिल्ली सरकार से मदद की गुहार लगाने के बाद उन्हें कुछ खास फायदा मिला नहीं. जिसके बाद यूपी सरकार ने आगे बढ़कर उन्हें सम्मानित किया. इनके अलावा उन्हें अन्य लोगों द्वारा भी इनामी राशि दी गई है.
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